गुलाब जामुन बनाते समय इस बात को ज़रूर ध्यान में रखें | What to do if the sugar syrup for gulab jamun has become more sweet n thick? | AG | Gulab jamun| गुलाब जामुन

 What to do if the sugar syrup for gulab jamun has become more sweet n thick?



गुलाब जामुन एक ऐसी डिश है जिसे हर उम्र के लोग पसन्द करते हैं। गुलाब जामुन को देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। और फिर गुलाब जामुन खाए बिना रहा नहीं जाता है।

गुलाब जामुन बाज़ार में तो मिलती ही है। जिसे हम खरीद कर कभी भी और कहीं भी खा सकते हैं। 

गुलाब जामुन मिठाई की दुकान पर मिलती है। यूं तो गुलाब जामुन हलवाई के हाथों की बहुत अच्छी होती है। लेकिन फिर भी हर किसी की ख्वाहिश होती है कि गुलाब जामुन घर पर बनाएं। और अपने हाथों की बनी हुई गुलाब जामुन खाएं और दूसरों को भी खिलाएं।

गुलाब जामुन बनाते समय अगर हम छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रख लें। तो हम घर पर ही बहुत अच्छी गुलाब जामुन बना सकते हैं।

गुलाब जामुन रेसिपी....

अक्सर गुलाब जामुन का शीरा बनाते वक्त उसकी चाशनी बहुत थिक(thick) हो जाती है। और ऐसा हो जाने पर हमारी गुलाब जामुन मुलायम (Soft) नहीं बनती है। क्योंकि गुलाब जामुन का शीरा गाढ़ा होने की वजह से गुलाब जामुन के अन्दर तक नहीं पहुंच पाता है। और इस वजह से गुलाब जामुन मुलायम और टेस्टी नहीं बन पाती है। और बहुत शौक से बनायी गई गुलाब जामुन को हम खाते समय सोचते हैं। काश यह बहुत अच्छी बनती।

गुलाब जामुन बनाते समय उसकी चाशनी (शीरे) पर बहुत ध्यान दें। शीरा ना बहुत ज़्यादा पतला हो और ना बहुत ज़्यादा गाढ़ा। 



आप को गुलाब जामुन जब भी बनाना हो पहले शीरा बना लें। और जब शीरा तैयार हो जाए तो उसको आंच से उतार कर नार्मल होने दें। और जब शीरा थोड़ा ठंडा हो जाए तो शीरे को चेक कर लें कि कहीं वह बहुत गाढ़ा तो नहीं है। और अगर शीरा गाढ़ा लगता हो तो फ़िक्र की कोई बात नहीं। शीरे में थोड़ा सा पानी डालें और आंच पर रख दे। जब शीरे में उबाल आ जाए तो आंच धीमी करके दो-तीन मिनट पकने दें। और फिर शीरे को आंच से उतार लें।

कितने सामान में कितनी गुलाब जामुन बनती हैं?

गुलाब जामुन बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें.....

😋 गुलाब जामुन जब भी बनाएं। गुलाब जामुन को गर्म शीरे में ही डालें। 

😋 ठंडे शीरे में गुलाब जामुन डालने से शीरा गुलाब जामुन में अंदर तक नहीं जा पाता है। जिससे गुलाब जामुन साफ्ट नहीं हो पती है।

😋 गुलाब जामुन बनाते समय जब सारी गुलाब जामुन बन जाए और तेल में तल कर शीरे में डाल चुकी हो। और आप को लगे कि शीरा ठंडा हो गया है तो जामुन वाले बर्तन को धीमी आंच पर कुछ मिनट के लिए रख दें। और बर्तन को चेक करते रहें। जैसे ही लगे कि गुलाब जामुन वाला बर्तन गर्म हो गया है उसको तुरंत आंच से उतार दें।

😋 अगर आप मार्केट का खोया इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप खोये के हिसाब से ही उसमें मैदा डालें। क्योंकि बाज़ार का खोया हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। और अक्सर हम मैदा एक नाप में ही डाल देते हैं जिसकी वजह से हमारी गुलाब जामुन हर बार एक जैसी नहीं बनती है। और फिर हम याद करते हैं कि पिछले बार जब गुलाब जामुन बनायी थी तो कितनी लज़ीज़ बनी थी।

😋 गुलाब जामुन के शीरे में जाफरान को अच्छे से गिस कर डालें। गुलाब जामुन स्वादिष्ट बनेगी।



😋 मार्केट में अब तो गुलाब जामुन मिक्स पाउडर मिलता है जिसकी गुलाब जामुन तुरंत बन जाती है। लेकिन जो बात बाज़ार के ताज़े खोये से बनी जामुन की है वह बात डब्बा बंद जामुन में कहां।

😋 डब्बा बंद गुलाब जामुन पाउडर महंगा तो पड़ता ही है साथ ही साथ वह हमारे सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी नहीं होती है।

😋 गुलाब जामुन का शीरा गाढ़ा होने की वजह से जब उसमें पानी डालते हैं तो शीरा थोड़ा ज़्यादा हो जाता है। और फिर गुलाब जामुन तो खत्म हो जाती है लेकिन उसका शीरा बच जाता है।

😋 जब भी आप चूड़ा मटर बनाएं, गुलाब जामुन के बचे हुए शीरे को चूड़ा मटर में ऊपर से डालकर सर्व करें। बिल्कुल हलवाई वाले चूड़े मटर का स्वाद आयेगा।

गुलाब जामुन के बचे हुए शीरे को आप हलवे में भी डाल सकते हैं।





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