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Zafrani kheer Easy Recipe | टेस्टी खीर बनाने की आसान रेसिपी| kheer |

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                              जाफरानी खीर सामग्री :- 🔹दूध             1 लीटर   🔹चावल          100 ग्राम   1 /3  कप 🔹चीनी           100 ग्राम    1  कप 🔹केवड़ा         1 चम्मच 🔹ज़ाफरान (केसर) कुछ पत्ती   (दूध में भिगो लें) विधि :- चावल को अच्छे से धो कर दो से तीन घंटे के लिए भिगो दें। और फिर उसको पानी डाल कर दरदरा पीस लें। पिसा हुआ चावल तैयार है। दूध को उबालकर उसमें चावल डालें। और लगातार चलाते रहें, नहीं तो उसमें गांठें पर जायेंगी। खीर को मीडियम आंच पर चलाते हुए पकाते रहें। जब खीर गाढ़ी हो जाऐ तो उसमें चीनी, केवड़ा और ज़ाफरान डाल  दें। और चीनी घुल जाने तक पकाएं, फिर आंच से उतार लें। बाउल में निकाल कर गर्म या ठंडी सर्व करें। ऊपर से केेंसर या पिस्ता बादाम डालें। नोट :- ➡️खीर के चावल क...

रूबरू | Part 23 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुमको कैसे पता की हम यहां पर पहुंच गए हैं? ताबिश अपनी हैरानी छुपा न सका। यह तो बहुत आसान था।  हां आपको समझ नहीं आया तो अलग बात है। उसने ताबिश का मज़ाक उड़ाया। फ्रेश होकर डाइनिंग हॉल में पहुंचो मैं भी आ रहा हूं। साथ में लंच करते हैं।  ताबिश उसके मज़ाक को नज़रंदाज़ कर गया। इस वक्त वह सिर्फ उसका साथ चाहता था। आपको फिक्र करने की ज़रूरत नहीं है मैं लंच कर लूंगी। वह आगे बढ़ गई। ताबिश सरफराज़ का साथ किस्मत से मिलता है। वह उसके पास से कहते हुए आगे बढ़ गया। मायरा उसे जाता देखती रही।  आज पहली बार उसे ताबिश की बात बुरी नहीं लगी। वह धीमी गति से आगे बढ़ गई। .... भाभी ने जुनैद के लिए अशमारा (मायरा) का हाथ मांगा है। रूकय्या अब्दुल हमीद को खाना परोसते हुए कहती हैं। तुमने क्या कहा? मैंने बोल दिया है कि अशमारा से और आपसे पूछ लूं। फिर जवाब दूंगी। रूकय्या भी कुर्सी खींच कर बैठ गईं। अशमारा कब वापस आ रही है? कल फोन आया था। बोल रही थी जल्द वापस आयेगी। अभी उससे कुछ मत कहना। जब घर आ जाए तब बात करना। आकिल की मौत का सदमा अभी उसके दिल से निकला नहीं होगा। हमें बहुत समझदारी से उससे यह बात करनी होगी। ह...

रूबरू | Part 22 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

कल का दिन तुम्हारी ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन होगा मिस मायरा...  अपनी उलझनों को किनारे कर उसका मन एक बार फिर मायरा को सबक सिखाने की ठान चुका था। ... अगली सुबह ब्लैक हाउस की खिड़कियों से आती धूप मायरा के कमरे में फैल चुकी थी, लेकिन उसकी आंखों में अब भी पिछली शाम का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। वह काफी देर से बैठी उसी एक बात के बारे में सोच रही थी, क्या उसे यहां रूकना चाहिए? उसका मन बार-बार कह रहा था कि नहीं। लेकिन ताबिश की कही बात भी उसके कानों में गूंज रही थी। "अगर तुमने ब्लैक हाउस से बाहर कदम निकाला तो हीरों के चोरी के इल्ज़ाम में सीधे जेल जाओगी।" मायरा ने आंख बन्द कर लीं। मैंने कुछ गलत नहीं किया...  फिर मुझे डरने की ज़रूरत क्यों है? उसने खुद को समझाया और बिस्तर से उठ खड़ी हुई। तैयार हो कर वह सीधे दादी के कमरे में गई।  दादी भी आज वक्त से पहले तैयार थीं।  दादी मैं ताबिश सर के साथ उनके आफिस जा रही हूं। वह सिर झुकाकर धीरे से बोली। ठीक है जाओ, दादी ने उसके चेहरे को गौर से देखा। लेकिन वहां पर कोई भाव नहीं थे जिससे वह समझ नहीं सकें कि मायरा ताबिश के फैसले को किस तरह देख रही है...

रूबरू | Part 21 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुमने क्या सोचकर उन हीरों को हाथ लगाया था?  अब सज़ा के लिए तैयार हो जाओ मिस मायरा... ताबिश सरफराज़ तुमको वह सज़ा देगा जिसके बारे में तुम सोच भी नहीं सकती। ताबिश की बात पर वह अंदर तक कांप गई। हमारी इजाज़त के बिना कोई किसी चीज़ को हाथ नहीं लगा सकता। और तुम्हारी यह हिम्मत कि तुमने न सिर्फ उन ज्वैलरी को छुआ बल्कि बहुत बारीकी से देखा भी।  ज़रा सोचो अगर वह ज्वैलरी असली होती, तो अब तक तुम उन्हें चुरा चुकी होती, ताबिश उसके बहुत करीब आ गया। इतना करीब कि दोनों को एक-दूसरे की सांसें तक साफ महसूस हो रही थीं। आप मुझे गलत समझ रहे हैं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। और वैसे भी मैं यह जॉब छोड़ रही हूं। वह गुस्से से बोली। उसने अपने अंदर के डर पर काबू पा लिया था। ओह...जॉब छोड़ रही हैं... मिल गया जो लेने आई थी? ताबिश व्यंग्य से मुस्कुराया। मैं अपनी सफाई में कुछ कहना नहीं चाहती। आपको जो समझना है समझें। सफाई कौन मांग रहा है तुमसे... तुम्हें तो यहां सज़ा सुनाने के लिए बुलाया है। और तुम्हारी सज़ा यह है कि कल से तुम मेरे साथ ब्लैक स्टोन के लिए काम करोगी। कल से तुम दादी की नौकर नहीं बल्कि मेरी नौकर हो......

रूबरू | Part 20 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

आप जिस ज्वैलरी की कीमत करोड़ों दे रहे हैं उस ज्वैलरी की कीमत कुछ हज़ार रूपए से ज़्यादा नहीं है। मायरा धमाका करती है। मायरा की बात सुनते ही जैसे ताबिश के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। क्या मतलब?... ताबिश हैरान और परेशान होकर उसकी तरफ देखने लगा। वह ज्वैलरी नकली है... यह बात तुम इतने यकीन से कैसे कह सकती है?  ताबिश ने उसका बाज़ू ज़ोर से पकड़ लिया और उसकी आंखों में देखते हुए कहा, अगर तुम्हारी बात गलत हुई तो तुम जानती हो कि तुम्हारा क्या हश्र होगा?  मुझे जो कहना था मैंने वह कह दिया। अब आगे क्या करना है यह आपकी मर्ज़ी।  मायरा ने बिना डरे उसकी आंखों में देखा। आप ज़्यादा से ज़्यादा क्या करेंगे मेरी जान ले लेंगे। उससे ज़्यादा आप और क्या ही कर सकते हैं... अपनी बात कहकर मायरा एक नफरत भरी नज़र ताबिश पर डालकर अपना हाथ छुड़ा कर वहां से निकल कर सीधे अपने कमरे में गई और दरवाज़ा बंद कर लिया। उसके जाते ही ताबिश वहीं सोफे पर बैठ गया। उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी... ज्वैलरी नकली हो सकती है। ऐसा ख्याल तो उसके सपने में भी नहीं आया था। उसने तुरंत मैनेजर को फोन किया, जो इस समय शहर से बाह...

रूबरू | Part 19 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

उसकी हरकत पर जहां दादी के होंठों पर मुस्कान थी तो वहीं मायरा कल एक बड़ा फैसला लेने का सोचकर संतुष्ट हो गई थी। सुबह दादी के नाश्ते और दवाई देने के बाद मायरा अपने कमरे में जाकर आराम करने लगी। रात उसे ठीक से नींद नहीं आई थी।  दादी की भी तबियत अब ठीक थी। इसलिए अब वह थोड़ा आराम करना चाहती थी। दोपहर को मायरा जैसे ही किचन से दादी के लिए सूप बनाने के बाद अपने कमरे में जाने लगी तभी उसे ड्राइंग रूम से गुज़रते हुए ताबिश और कुछ कुछ लोगों की आवाज़ें सुनाई दीं। वहां पर हीरों के बारे में बात हो रही थी। ताबिश डिनर के बाद उनको सौ करोड़ का चेक एडवांस देने वाले थे। मायरा जब तक कुछ सोचती तभी ताबिश क्लाइंट से डिनर करने के लिए कहता है। मायरा तेज़ी से वापस किचन में चली जाती है। उनके ड्राइंग रूम से निकलते ही मायरा ड्राइंग रूम में चली जाती है। वहां जाकर वह हैरान रह जाती है क्योंकि वहां पर बहुत सारे हीरों के नेकलेस रखे हुए थे। वह एक-एक कर उन्हें उठाकर देखने लगती है। एक बार देखने के बाद वह दोबारा देखने लगती है। वह उन नेकलेस को देखकर हैरान थी।  सारे ही बहुत ही खूबसूरत थे। उनकी चमक ऐसी थी कि कोई भी उसे पस...

रूबरू | Part 18 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

रात बीतती जा रही थी। अब मायरा को भी नींद आ रही थी लेकिन वह दादी को छोड़कर नहीं जा सकती थी। यह उसकी ड्यूटी थी। जिसे उसे निभाना था। सुबह... तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई दादी के बिस्तर पर सोने की?... ताबिश की तेज़ आवाज़ के साथ मायरा हड़बड़ा कर उठ जाती है। दादी भी आंख खोलकर माहौल को समझने की कोशिश करती हैं। मैंने तुमसे दादी का ख्याल रखने को कहा था और तुम आराम से सो गई। ताबिश उसके करीब आ गया। मैं जाग ही रही थी...पता नहीं कब आंख लग गई। उसे अपनी सफाई देते हुए बहुत बुरा लगा। मैं सब समझता हूं। तुम लोगों को बस मौका मिलना चाहिए।  मेरी एक बात कान खोलकर सुन लो। अपनी हैसियत मत भूलना। केयरटेकर हो... केयरटेकर बनकर रहो।  ताबिश उसे वार्निंग देता है। मायरा की जी चाहा कि वह अभी वहां से भाग जाए। लेकिन वह मजबूर थी। इस तरह से वह डांट कहां सुनती थी।  वह तो लाड़ प्यार में पली थी। कभी किसी ने उससे ऊंची आवाज़ में बात भी नहीं की थी। और कहां इतनी बेइज़्ज़ती... मायरा मेरे नाश्ते का देखो क्या बन रहा है। दादी लेटे-लेटे ही बोली। जी दादी... कहते ही वह बाहर निकल गई। तुमको क्या हो गया? क्यों उस पर इतना गुस्सा क...

रूबरू | Part 17 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

अच्छा, तो फिर तुम्हारा ध्यान कहां हैं?...वह अचानक से उठ कर दादी वाली खाली चेयर पर बैठ कर उसकी तरफ झुक गया। मायरा का लगा जैसे उसकी धड़कनें उसकी खामोशी को तोड़ देंगी। ताबिश अब उससे एक सीट दूर नहीं... बल्कि बिल्कुल पास था। उसने अपने हाथों में पकड़ा मग और कस लिया। मेरा ध्यान... कहीं नहीं है। उसने धीरे से कहा, लेकिन उसकी आवाज़ उसका साथ नहीं दे रही थी। झूठ। ताबिश की आवाज़ धीमी थी...मगर सीधे उसके अंदर उतर गई। अगर ध्यान नहीं है...तो डर क्यों है? वह थोड़ा और झुका। मैंने कहा न कि मुझे डर नहीं लग रहा। इस बार मायरा ने खुद को संभालते हुए कहा। अच्छा फिर यह बताओ ऐलन हीरा चुराने में कामयाब हो जाएगी? ताबिश की नज़र उसके चेहरे पर टिक गई। उसने अचानक से टॉपिक बदल दिया। और फिल्म की बात करने लगा। जिसकी हीरोइन ऐलन हीरों को चुराने की कोशिश में लगी थी। मायरा की नज़र स्क्रीन पर ठहर गई। इरादे नेक हों तो मंज़िल मिल ही जाती है। मायरा की आंखों में अचानक सख्ती उतर आई। अच्छा...फिर चाहे वह चोरी ही क्यों न हो? ताबिश के होंठों पर बेसाख्ता मुस्कान छा गई। आपका ध्यान शायद फिल्म में नहीं था...वरना आप देख पाते कि हकीकत में वह...

रूबरू | Part 16 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

ताबिश सोफे से उठा... और धीरे-धीरे उसके करीब आया। कमरे में एक अजीब सा सन्नाटा फैल गया। मायरा को माहौल बहुत ही अजीब लगा। मैं दादी के पास जा रही हूं। कहते हुए वह बाहर की ओर बढ़ी। अभी हमारी बात खत्म नहीं हुई, ताबिश ने आगे बढ़ते हुए कहा। आपको जो भी बात करना है बाद में कर लिजिएगा। अभी मुझे दादी के पास रहना ज़्यादा ज़रूरी है। उनकी दवा का वक्त हो रहा है। कहते हुए मायरा तेज़ी से बाहर निकल गई।  ताबिश वहीं खड़ा रह गया। उसके चेहरे पर गुस्सा और हैरानी दोनों थे। मैं उसे रोक क्यों नहीं पाया?  उसने मेरी बात नहीं मानी...मेरे सामने किसी की हिम्मत नहीं कि मेरी बात काटे... और यह लड़की...उसने हाथों की मुठ्ठी कस ली। अपने सवालों में ताबिश खुद ही उलझ गया। वह तेज़ी से बाहर निकल गया। ... डाइनिंग टेबल पर बैठते ही ताबिश इधर-उधर देखता है। दादी पहले से ही वहां मौजूद थीं। आपकी चहेती कहीं नज़र नहीं आ रही, ताबिश के होंठों पर हल्की मुस्कान आ गई। मायरा किचन में खाना खा रही है। दादी धीरे से बोलीं। सॉरी दादी...अगर आप उसे अपने साथ बैठाना चाहती हैं तो बुला लीजिए। मुझे कोई दिक्कत नहीं। उस दिन वाली बात पर ताबिश थोड़ा...

रूबरू | Part 15 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

मायरा तुम कौन हो? और क्यों आई हो? सच सामने आने तक... मैं तुम्हें सुकून से सांस लेने नहीं दूंगा। तुम्हारा हर कदम मेरी निगाहों में होगा। ... मायरा के यहां आने का सिर्फ एक ही मकसद था... और वह मकसद था बॉस से मिलना। लेकिन अपने मकसद में वह कामयाब नही हो पा रही थी।  मारिया ने कहा था कि बॉस विदेश गए है। लेकिन इतना वक्त?  क्या वह सच में बाहर हैं... या कुछ छुपाया जा रहा है? वह कहां है? कब वापस आयेंगे?  उसे यह जानना बहुत ज़रूरी था। क्योंकि बहुत दिनों तक इस तरह वह यहां नहीं रह सकती थी। उसे अपनी जॉब ज्वाइन करना था। इस तरह केयरटेकर की जॉब करके वह मिस्टर बॉस का इंतेज़ार नहीं कर सकती। उसे वापस जाना है। एक रास्ता... जो उसके इंतेज़ार में पलकें बिछाए हुए है। एक मंज़िल जो उसका सपना था।  उसे अपने सपनों की ओर आगे बढ़ना था। लेकिन वह सीधे और खूबसूरत रास्ते को छोड़कर मुश्किल और उलझे हुए रास्ते पर आ गई थी। मुझे जल्द ही उस रास्ते पर वापस मुड़ना होगा। जहां मेरी मंज़िल है। मुझे जल्दी फैसला लेना होगा...वरना बहुत देर हो जायेगी। सोचों का सिलसिला जारी था...अपनी सोचों में वह खुद ही उलझ गई थी।  औ...

रूबरू | Part 14 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

मिस्टर बॉस घूम लें जितना दुनिया घूमना है। लौटकर तो घर ही आयेंगे। तब तक मैं यहीं हूं।  मन ही मन सोचते हुए वह वापस अंदर जाने के लिए मुड़ती है। लेकिन मुड़ते ही उसकी सांस रूक गई। उसके ठीक पीछे ताबिश खड़ा था। घबराहट से उसकी धड़कन तेज़ हो जाती है। लेकिन वह जल्द ही संभलती है। और ताबिश के बगल से आगे बढ़ जाती है। रूको...इतनी सुबह-सुबह तुम यहां पर क्या कर रही हो?  ताबिश अपने कमरे की खिड़की से उसे लॉन में देखता है तो वह भी चला आता है।  लेकिन यहां आकर वह सोच रहा था मैं आया ही क्यों?...  और जब कुछ समझ नहीं आया तो उससे पूछ बैठा। क्यों यहां आने पर पाबंदी है?... वह भी कहां कम थी। पाबंदी नहीं, लेकिन जानने का हक तो रखता हूं।  उसकी नज़र उसके खूबसूरत चेहरे पर ठहर गई, जो सुबह की पहली किरण की तरह उजली और खूबसूरत थी।  सूरज की हल्की रौशनी  हिजाब में बंधे उसके चेहरे को और रौशन कर रही थी। ऐसे ही टहलने के लिए आ गई थी।  उसके नज़रों की तपिश से घबरा कर वह जल्दी से कहती है और अंदर की तरफ बढ़ जाती है।  ताबिश अपनी जगह खड़ा उसे जाता देखता रह गया। इतनी सुबह यह फोन पर किससे बात...

Falooda Shake Recipe | फालूदा सेक बनाने की रेसिपी | Easy Homemade Falooda Shake

फालूदा शेक रेसिपी  फालूदा शेक बनाने के लिए... सेंवई को पानी में भिगो दें दूध को उबाल कर चीनी डालें  कस्टर्ड को पानी या दूध में घोल लें  उसको भी दूध में डाल दें  सेंवई भीग चुकी है  उसको पानी में उबाल लें  चलाते हुए पकाएं  सब्ज़ा सीड्स को पानी में भिगो दें  गिलास में रूह अफ्ज़ा लगाएं  भीगी हुई सब्ज़ा सीड्स डालें  उबली हुई सेंवई डालें  कस्टर्ड शेक डालें  फालूदा शेक तैयार है ठंडा करें  बादाम डालकर सर्व करें  और तारीफ पाएं🍸  

चना दाल कढ़ी रेसिपी | Chana Dal Kadhi Recipe in Hindi

चना दाल कढ़ी... चना दाल दो घंटे भिगो दें। फिर पीस लें। नमक, पिसी हुई प्याज़, लाल मिर्च डालें। तवे पर सरसों तेल डाल कर चीला की तरह सेंक लें। कड़ाही में तेल गर्म करें। अदरक-लहसुन, प्याज़, धनिया, लाल मिर्च, हल्दी पाउडर डालें। चलाते हुए भूनें। मसाला भुन जाए तो पानी डालें। पानी में उबाल आ जाए तो तैयार बेसन के चीले को टुकड़ों में तोड़ कर डाल दें। पांच मिनट धीमी आंच पर पकाएं। चना दाल कढ़ी तैयार है।

Anmol Moti | Best Urdu Quotes | खूबसूरत उर्दू कोट्स

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کچھ خاموشیاں شور سے زیادہ سچ بولتی ہیں۔" — نامعلوم "ہم وقت کو الزام دیتے ہیں، حالانکہ فیصلے ہمیشہ ہمارے اپنے ہوتے ہیں۔" — نامعلوم "ہم اکثر اُن لوگوں سے ہار جاتے ہیں، جنہیں ہم نے خود سے زیادہ اہم بنا لیا ہوتا ہے۔" نامعلوم انسان اُس دن آزاد ہوتا ہے، جس دن وہ دوسروں کی رائے سے بے نیاز ہو جاتا ہے۔" — فریڈرک نطشے (Friedrich Nietzsche) محبت نہ ملنے کا دکھ اتنا بڑا نہیں ہوتا ہے جتنا محبت کھودینے کا ہوتا ہے۔ وقت زخموں کو بھر دیتا ہے۔ لیکن نشان ہمیشہ باقی رہ جاتا ہے۔ کچھ الگ کرنے کے لیے آپ کو نظم و ضبط توڑنا پڑے گا، لیکن نظم و ضبط توڑنے کے لیے پہلے آپ کو نظم و ضبط اچھی طرح سیکھنا پڑے گا۔ بالکل اُس خالی لفافے کی طرح ہوتے ہیں کچھ رشتے .... جن کے اندر کچھ بھی نہیں ہوتا، اور ہم انہیں سنبھال کر رکھتے ہیں !! وہ پوچھتی ہے، یاد رکھو گے نا؟ میں کم بخت سوچتا ہوں، بھول پاؤں گا کیا…! شکایتوں کی پائی پائی جوڑ کر رکھی تھی میں نے، اس نے گلے لگا کر سارا حساب بگاڑ دیا!! ہچکیاں آتی ہیں تو پانی پی لیتا ہوں، اب وہ وہم چھوڑ دیا ہے کہ کوئی یاد کرتا ہے… بہت سدھر گیا ہوں میں   اب دور رہتا...