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Zafrani kheer Easy Recipe | टेस्टी खीर बनाने की आसान रेसिपी| kheer |

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                              जाफरानी खीर सामग्री :- 🔹दूध             1 लीटर   🔹चावल          100 ग्राम   1 /3  कप 🔹चीनी           100 ग्राम    1  कप 🔹केवड़ा         1 चम्मच 🔹ज़ाफरान (केसर) कुछ पत्ती   (दूध में भिगो लें) विधि :- चावल को अच्छे से धो कर दो से तीन घंटे के लिए भिगो दें। और फिर उसको पानी डाल कर दरदरा पीस लें। पिसा हुआ चावल तैयार है। दूध को उबालकर उसमें चावल डालें। और लगातार चलाते रहें, नहीं तो उसमें गांठें पर जायेंगी। खीर को मीडियम आंच पर चलाते हुए पकाते रहें। जब खीर गाढ़ी हो जाऐ तो उसमें चीनी, केवड़ा और ज़ाफरान डाल  दें। और चीनी घुल जाने तक पकाएं, फिर आंच से उतार लें। बाउल में निकाल कर गर्म या ठंडी सर्व करें। ऊपर से केेंसर या पिस्ता बादाम डालें। नोट :- ➡️खीर के चावल क...

धड़कन | भाग 37 | Dhadkan Part 37 | Heart Touching Hindi Love Story

जी सर हो गया आप लोग जा सकते हैं। स्नेहा ने मुस्कुरा कर कहा। शिवाय तुरंत बाहर निकल गये। श्लोका भी निकल गई। कब वापस आओगी। जैसे ही अनु के घर के पास गाड़ी रुकती है शिवाय पूछते हैं। कुछ कह नहीं सकती। जब आना होगा मैं आ जाऊंगी। या हो सकता है रूक भी जाऊं। श्लोका ने सोचते हुए कहा। और सामान निकालने लगी। वैसे भी बहुत दिनों से वह उसके पास रूकी नहीं थी। जब आना होगा फोन कर देना और रूकने की ज़रूरत नहीं है भले ही कल फिर आ जाओ। शिवाय ने हुक्म दिया। क्यों? श्लोका को उसका अंदाज़ पसंद नहीं आया। पतियों की तरह बात कर रहे हैं। जैसे वह उसकी बीवी हो। कैसे कह रहा हूं यह मत सोचो। क्या कह रहा हूं वह सुनो। फोन का इन्तेज़ार करूंगा। कहते ही गाड़ी स्टार्ट कर दी। इसने कैसे जाना कि मैं क्या सोच रही हूं। श्लोका को हैरत हुई। और सोचते हुए अंदर चली गई। क्या हुआ किस सोच में गुम हो? अनु दरवाज़ा खोलते ही कहती है। अंदर आने दो फिर बताती हूं। सामान वहीं पर रख कर वह आराम से बैठ जाती है। यार यह बंदा तो गज़ब का है। यह मेरे मन की बात भी सुन लेता है। अब इसके सामने सोच कर सोचना पड़ेगा। श्लोका अभी तक शॉक्ड थी। क्या पढ़ लिया तुम्हारे शि...

धड़कन | भाग 36 | Dhadkan Part 36 | Heart Touching Hindi Love Story

शिवाय बाहर आकर साईड वाली सीट पर बैठ गये। श्लोका ने शिवाय को देखा और खामोशी से ड्राइविंग सीट पर बैठ गई। शिवाय सर में दर्द भी बता रहे थे। गाड़ी जैसे ही आगे बढ़ती है शिवाय पीछे सिर रख कर आंख बन्द कर लेते हैं। श्लोका शिवाय को देखती है। और फिर सामने देखने लगती है। शिवाय तो इस बात से ही खुश थे कि श्लोका उसके साथ है। आप ठीक हैं ना शिवाय? जब बहुत देर हो जाती है और शिवाय वैसे ही रहते हैं तो श्लोका को उलझन होने लगती है। हां ठीक हूं। शिवाय ने वैसे आंख बन्द किये हुए ही कहा। शिवाय चाहते थे कि उनका सर दर्द ठीक हो जाए। ताकि वह आसानी से ड्राइव कर सकें। गाड़ी साइड में कर लेना अब मैं करूंगा ड्राइव। शिवाय सीधे होकर कहते हैं। श्लोका शिवाय को देखती है लेकिन गाड़ी चलाती रहती है। बहुत देर बाद जब वह गाड़ी साइड करती है तब शिवाय ड्राइविंग सीट पर आ जाते हैं। और श्लोका साइड हो जाती है। थक गई? नहीं। शिवाय एक नज़र श्लोका को देखते हैं। और उसके बाल से क्लौचर निकाल कर सामने डैशबोर्ड पर रख देते हैं। और जैसे ही सिग्नल पर गाड़ी रूकती है। उसके बालों को छूने लगते हैं। इससे अच्छा आप सोये हुए ही ठीक थे। श्लोका ने नाराज़गी से...

धड़कन | भाग 35 | Dhadkan Part 35 | Heart Touching Hindi Love Story

किताब तो थी शिवाय के हाथ में, लेकिन उसका दिमाग कहीं और था। यह दो कमरे बंद थे। इन में से एक कमरा श्लोका का है और एक राजवीर का। कौन सा कमरा किसका है यही सवाल शिवाय को परेशान कर रहा था। उस दिन श्लोका मुझे अपने भाई के बारे में बताना नहीं चाहती थी। शायद इस लिए उसने यह दोनों रूम उसने नहीं दिखाये। अब उस ने मुझे राजवीर के बारे में बता दिया है। इस लिए उसने यह रूम खोल दिया। हो ना हो यह रूम राजवीर का है। तभी तो यहां पर इतनी सारी किताबें हैं। राजवीर जब शहर जाकर बदल गया तो फिर श्लोका को शहर भेज कर पढ़ाने की कोई वजह नहीं बचती। राजवीर तुम्हारी गलती तुम्हारी बहन को भुगतनी पड़ी। शिवाय ने मन-ही-मन राजवीर से शिकवा किया। अगर तुम पढ़ लिख कर कामयाब हो जाते तो शायद श्लोका के लिए भी यह राह आसान हो जाती। शिवाय सोचे जा रहे थे। उसके सोचों का सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा था। वह उठ कर खड़े होते हैं। और बुक रख कर वापस अपने रूम में चले जाते हैं। मोबाइल देखते हैं श्लोका का मैसेज था कि वह बाहर है थोड़ी देर में आ रही है। शिवाय लेट जाते हैं। क्या हुआ श्लोका अगर तुम्हें इंग्लिश नहीं आती तो। तुम हिंदी में मैसेज तो लिख लेती...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 98 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 98 | Hindi Romantic Story

पेपर देखकर तो यही लग रहा है कि शिवाय सर ने ओबेरॉय मेनशन, फार्म हाउस, बिज़नेस और शेयर बहुत कुछ इनके नाम कर दिया है। वकील साहेब काजल की ओर इशारा करते हुए आफिसर से कहते हैं। लेकिन… देखा अब आप को यकीन आ गया ना कि मैं सही हूं। आप इन सब को बाहर निकालें। काजल खुशी में वकील साहेब की बात पूरी भी नहीं होने देती और बीच में ही बोल देती है।  एक मिनट… मेरी बात तो पूरी सुन लें। वकील साहेब की नज़र अभी भी पेपर पर थी। पेपर सही हैं…लेकिन यह साइन शिवाय सर की नहीं है। क्या? ऐसा नहीं हो सकता। आप झूठ बोल रहे हैं। मैं अभी अपने वकील को बुलाती हूं। काजल के तो होश ही उड़ गए थे वकील साहेब की बात सुनकर। और शिवाय… वह खामोश बैठे सब देख सुन रहे थे। मेहमानों में कानाफूसी शुरू हो चुकी थी। उसी वक्त काजल के वकील आते हैं। आप ने पेपर देखकर कहा था कि सब सही है। काजल गुस्से से अपने वकील से कहती है। हां, पेपर तो सही था।  तो फिर यह क्यों कह रहे हैं कि साइन नकली है? काजल की घबराहट बढ़ती जा रही थी। आप ने मुझे पेपर देखने के लिए कहा था। साइन तो इन्होंने आप के सामने किए होंगे तो साइन कैसे नकली हो सकती है। वकील सफाई देता है...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 97 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 97 | Hindi Romantic Story

आप सब अभी के अभी जाएं यहां से…वरना मैं गार्ड को बुलाकर आप सब को बाहर कर दूंगी। काजल एक बार फिर गुस्से से कहती है। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह लोग आए ही क्यों हैं। चले जायेंगे…पहले पार्टी तो इंज्वॉय कर लें। शिवाय सुकून से कॉफी का सिप लेकर कहते हैं। वेटर… मैडम को एक और आइसक्रीम दीजिए। शिवाय वेटर को आवाज़ देते हैं। केक कब कट होगी? शिवाय बहुत सुकून से काजल से पूछते हैं। आप को इससे क्या?…आप लोग जाएं यहां से मैंने आप लोगों को नहीं बुलाया। काजल तिलमिला कर रह गई। हम लोग तो जाने वाले नहीं…शिवाय सब को देख कर कहते हैं।  वहां पर आए सभी मेहमान हैरत से सब तमाशा देख रहे थे। उन को समझ नहीं आ रहा था कि यह चल क्या रहा है। लगता है आप ऐसे नहीं मानेंगे…गार्ड्स…काजल चिल्लाई। सारे गार्ड्स आकर उसके सामने खड़े हो गए। इन सब को अभी के अभी यहां से बाहर निकालो। पार्टी का सारा मज़ा खराब कर दिया। काजल उन सब को हुक्म देती है। लेकिन वह सब खामोशी से सिर झुकाकर खड़े रहे। तुम सब खड़े क्यों हो? बाहर करो इन सब को। काजल एक बार फिर चींखी। हम इन को बाहर नहीं कर सकते। यह हमारे मालिक हैं। एक गार्ड सिर झुकाकर कहता है। अब तुम...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 96 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 96 | Hindi Romantic Story

यह सच है कि मैं तुम से प्यार नहीं करता। लेकिन मुझे यकीन है हमारा यह सफर बहुत खूबसूरत होगा। हम इस सफर को अपनी मुहब्बत से आगे ले जायेंगे। मेरे साथ एक बेवफा का दर्द है। जिससे तुम ही मुझे बाहर निकाल सकती हो। क्योंकि मैंने देख लिया है तुम दौलत से नहीं इंसानों से प्यार करती हो। काश! काजल मैं तुम्हारे प्यार को समझ पाता…मैं समझ पाता कि तुम मुझ से नहीं मेरी दौलत से प्यार करती हो। तुम ने मुझ से मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे दादू का ओबेरॉय मेंशन जिसे उन्होंने बहुत प्यार से बनाया था। प्रेम की आंखें नम हो गईं। वह आंख बन्द कर लेता है।  भाई…पूजा गाड़ी के शीशे पर नॉक करती है। प्रेम जल्दी से आंसू पोछ कर शीशे को नीचे करता है। तब तक पूजा दूसरी तरफ से गेट खोल कर अंदर आकर बैठ जाती है। क्या हुआ भाई…पूजा परेशान हुई। कुछ नहीं…वह एक बार फिर आंखें रगड़ता है। मत याद करो उसे जो दुख के सिवा कुछ ना दे पाई आप को… नताशा अच्छी लड़की है। इस ने आप को चुना है। आपकी दौलत से यह अंजान है। यह ज़रूर आपको वह सारी खुशियां देगी। जिसे उस खुदगर्ज काजल ने आप से छीन लिया था। पूजा भाई का हाथ थाम कर कहती है। हूं…प्रेम सिर्फ इतना ही ब...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 95 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 95 | Hindi Romantic Story

अमीरी-गरीबी की बहुत बड़ी दीवार उन के बीच खड़ी थी। जिस को चाह कर भी कोई नहीं हटा सकता है। इस बात को हर किसी ने महसूस किया।  हम अपने प्रेम के लिए आपकी बेटी नताशा का रिश्ता लेकर आएं हैं। ममता जी विनम्रता से बात शुरू करती हैं। आप सब इस रिश्ते के लिए खुशी-खुशी तैयार हैं? नताशा की मां बहुत सुकून से पूछती हैं। जी, लेकिन आप ने यह क्यों पूछा? वह हैरान हुईं। क्योंकि परिवार का साथ बहुत ज़रूरी होता है। कहते-कहते वह कहीं खो गईं। आप बिल्कुल सही कह रही हैं। परिवार से ही घर बनता है। और मुहब्बत से रिश्ते बनते हैं। और हमें खुशी है कि हम सब साथ हैं। और बहुत खुश हैं।  श्लोका गर्व से कहती है। लेकिन मेरे साथ कोई नहीं…मैं अकेली हूं। और यह मेरी बेटी जो मेरे किए गए गलती की सज़ा काट रही है। वह उदासी से कहती हैं। क्या बतलब? सब हैरान हुए। मैं और शतीश नताशा के पिता…हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे। कालेज का दौर खत्म हुआ। शादी के चर्चे शुरू हुए। हम दोनों ने अपने परिवार में एक दुसरे के बारे में बताया। लेकिन दोनों ही परिवार वाले तैयार नहीं हुए। और फिर हम दोनों ने भाग कर शादी कर ली। और दूसरे शहर जाकर रहने ल...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 94 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 94 | Hindi Romantic Story

हम एक-दूसरे को नहीं जानते। नताशा परेशानी से कहती है। जानने के लिए सारी ज़िन्दगी पड़ी है। प्रेम सुकून से कहता है। लेकिन एक बात कहूंगा… मैं तुम से प्यार नहीं करता। प्रेम अपनी बात कह कर उसे देखता है।  और वह हैरानी से उसे देखती रह जाती है। कल घर वालों को लेकर आऊं ना? उसे हैरानी से देखते देख वह पूछता है। आप की मर्ज़ी… और तुम्हारी?… मैं भी आप से प्यार नहीं करती… अच्छा…प्रेम हंसा। अब आप जा सकते हैं। नताशा दरवाज़े की तरफ इशारा करता है। कल सुबह आऊंगा। इन्तेज़ार करना। कहते हुए प्रेम बाहर निकल गया। और वह दरवाज़े को थामे खड़ी रह गई। ♥️  आरव नहीं आया वह भी आ जाता तो अच्छा लगता। डिनर करते हुए शिवाय कहते हैं। आरव को किसी से मिलने जाना था। इस लिए नहीं आए। फ्री होते ही आजाएंगे। पूजा खाते हुए कहती है। आज बहुत दिन बाद हम सब साथ में डिनर कर रहे हैं। श्लोका सब को देख कर खुशी से कहती है। हां मौम, आज हम सब साथ में हैं बहुत अच्छा लग रहा है। पूजा खुशी से कहती है। इसी खुशी में एक खुशी और जोड़ देते हैं। प्रेम सब को देखकर कहता है। सब हैरानी से उसे देखने लगते हैं। जल्दी बताओ फिर…पूजा उत्सुकता से कहती है। ...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 93 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 93 | Hindi Romantic Story

गाड़ी चलाते हुए उसका मन बिल्कुल शांत था। लेकिन अचानक उसकी आंखों के सामने कई सारे मंज़र आ गए। जिसे वह नज़रंदाज़ करना चाहता था। लेकिन वह लम्हें उस की आंखों में गर्दिश कर रहे थे। अचानक उसकी आंखों में बहुत सारा पानी आ गया। और उसकी आंखें धुंधला गई। वह जल्दी से आंख में आए आंसुओं को साफ करता है। और सामने देखने लगता है।  काश! तुम मेरी ज़िन्दगी में ना आई होती काजल… तो आज मेरी यह हालत ना होती। तुम ने मुझ से मेरी हर खुशी छीन ली।  गाड़ी चलाते हुए प्रेम का मन भटका हुआ था। वह चाह रहा था कि वह काजल को भूल जाए मगर ऐसा हो नहीं रहा था।  काजल की बेवफाई उसे तोड़ गई थी। वह सीधा आफिस चला गया। वहां जाकर अपनी जगह पर बैठते हुए वह नताशा के चेयर की ओर देखता है। और आंख बन्द कर लेता है।  ♥️ शाम को श्लोका और काजल गांव से आ गई थीं। और बाहर खड़ी शिवाय का इंतेज़ार कर रही थीं। उसी वक्त प्रेम की गाड़ी रूकती है जो डैड को लेने एयरपोर्ट गया है। शिवाय गाड़ी से निकल कर सीधे श्लोका की तरफ जाते हैं। श्लोका के गले लगकर मिलने के बाद वह पूजा से मिलते हैं और सब अंदर चले जाते हैं। थोड़ी देर सब से बात करने के बाद ...

धड़कन | भाग 34 | Dhadkan Part 34 | Heart Touching Hindi Love Story

बिल्कुल भी नहीं मैं इसी पर सो रहा हूं। तुम जाओ। श्लोका शिवाय को देखती है। जिसकी आंखों में प्यार ही प्यार था। खुशी उस के चेहरे पर साफ दिख रही थी।  श्लोका शिवाय में खोने लगी। श्लोका के इस तरह देखने पर शिवाय की धड़कन भी तेज़ हो गई। जज़्बात उसके अंदर भी थे। मगर उसे खुद पर कंट्रोल था। क्या हुआ? मुझे तुम्हारे इरादे नेक नहीं लग रहे।  शिवाय मुस्कुरा कर विंक करता है। श्लोका एक मुक्का उस पर तानती है। अरे अरे कोई बचाओ मुझे..... शिवाय हंसते हुए कहते हैं। और श्लोका उस पर वार करती जाती है। मार क्यों रही हो? तुम्हारे दिल की नहीं सुन रहा इस लिए? शिवाय एक झटके से उसके दोनों हाथ पकड़ कर उसको अपनी तरफ खींच लेते हैं। शिवाय के ऐसा करते ही दोनों के चेहरे बहुत ही पास हो जाते हैं। खामोश माहौल में दो धड़कते दिल एक दूसरे की धड़कन को साफ महसूस कर रहे थे।  शिवाय चाह रहा था यह लम्हे यूं ही ठहर जाएं और वह यूं ही उसे देखता और महसूस करता रहा। श्लोका के दिल की भी कुछ यही ख्वाहिश थी। लेकिन फिर वह हकीकत की दुनिया में आ जाती है। और तुरंत बहुत तेज़ी से उसके पास से हटती है। और अपनी बेतरतीब सांसों को नार्मल कर...

धड़कन | भाग 33 | Dhadkan Part 33 | Heart Touching Hindi Love Story

शिवाय को समझ नहीं आ रहा था कि श्लोका किस की बात कर रही है। वह उलझ जाते हैं। वैसे ही श्लोका ने अपनी ज़िंदगी के बहुत सारे पन्नों को उस से छुपा कर रखा था। अब यह चौथा कौन है।  तुम बाबा अम्मा और? शिवाय की धड़कन तेज़ हो गई। और राजवीर सिंह मेरा भाई। श्लोका ने धमाका किया। जब हम को साथ सोने का मन होता था तो चारों इसी कमरे में सोते थे। वरना फिर अपने-अपने रूम में। शिवाय ने सुकून की सांस ली। वरना उसका दिमाग पता नहीं कहां-कहां जा रहा था। कहां है वह?  पता नहीं। क्या मतलब? शिवाय हैरान हुए। श्लोका खामोशी से वहीं बेड पर बैठ गई। शिवाय भी उसी के बगल में बैठ गए।  मुझे राजवीर के बारे में बताओ।  क्या बताऊं? वह हमारे साथ नहीं रहता। श्लोका ने उदासी से कहा। मुझे सब कुछ बताओ। मतलब सब कुछ। शिवाय ने सख्ती से कहा। श्लोका ने नज़र उठा कर उसे देखा। जिसकी सख्ती में भी एक अपनापन था। जब तक राजवीर गांव में रहा तो ठीक रहा। लेकिन  जब  राजवीर शहर पढ़ने गया तो धीरे-धीरे कुछ गलत लड़कों से उसकी दोस्ती हो गई। फिर यह गांव हमारी बातें सब उसे बुरी लगने लगी।  पढ़ाई पर ध्यान ना देकर वह इधर-उधर घूमने...

धड़कन | भाग 32 | Dhadkan Part 32 | Heart Touching Hindi Love Story

मैं तो तुम्हारे कहने पर भीग गया था। लेकिन जो हुआ अच्छा हुआ।  कहते ही  शिवाय मन ही मन सोचने लगे कि इसी बहाने मुझे पता चल गया कि तुम मेरे लिए कुछ भी कर सकती हो। वरना मैं जान ही ना पाता तुम्हारी मुहब्बत को। तुम चाहती तो किसी को बुला सकती थी मदद के लिए। लेकिन तुम ने मुझे खुद बचाया। आप को यह करना करना चाहिए था? श्लोका ने नाराज़गी से कहा। फिर मुझे कैसे पता चलता कि तुम मेरे लिए कुछ भी कर सकती हो? इसी बहाने पता लग गया। मुश्किल में तो किसी की भी मदद कर दी जाती है। श्लोका ने बात को सरसरी कर दिया। अच्छा तो फिर कल रात तुम ने जो किया। वह तुम किसी के भी साथ कर सकती हो? क्या तुम... शिवाय... शिवाय की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि श्लोका ने बीच में ही ज़ोर से कहा और उठने लगी। उसका चेहरा एकदम से बिल्कुल लाल हो गया था।  लेकिन शिवाय ने उसे उठने नहीं दिया। नाराज़ हो गई? आपने बात ही ऐसी की है। और तुम ने जो कहा?  वह सही था? कुछ लोग सब में नहीं होते हैं श्लोका। कुछ लोग बहुत खास होते हैं। उस के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। कहते ही शिवाय उसके हाथ को बहुत हल्के से पुश करते हैं। श्लोका खामोश रह जाती...

धड़कन | भाग 31 | Dhadkan Part 31 | Heart Touching Hindi Love Story

गुज़रते वक्त के साथ शिवाय की पकड़ हल्की हो गई। श्लोका ने हल्की नींद में आंख खोल कर शिवाय की तरफ देखा। लेकिन उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। नींद की देवी उस पर मेहरबान थी। कब रात गुज़री पता नहीं चला। जैसे ही श्लोका ने करवट लेना चाहा। वह हड़बड़ा गई। और उसकी हड़बड़ाहट से शिवाय की भी नींद खुल गई। सारे कम्बल इधर-उधर थे। एक भी उनके ऊपर नहीं थे।श्लोका तुरंत उठ कर बैठ गई। और शिवाय के माथे पर फीवर चेक करती है। जो बिल्कुल ठीक था। आप फ्रेश हो जाएं मैं नाश्ते का देख लूं। श्लोका तुरंत बेड से उठ कर खड़ी हो गई। और कहते ही बाहर चली गई। शिवाय चुपचाप लेटे बहुत कुछ याद कर रहे थे। ज़िंदगी में पहली बार ऐसा लगा कि मौत मेरे बहुत करीब है। मुझे उस वक्त सिर्फ अपनी मौत दिखाई दे रही थी।  मगर तुम ने मुझे बचा लिया।  कैसे तुम ने इतना बड़ा फैसला लिया मुझे नहीं पता। लेकिन तुम ने मेरी ज़िन्दगी पर बहुत बड़ा ऐहसास किया है। मैं इसे कभी नहीं भूल सकता श्लोका।  शिवाय सोचे जा रहे थे। वह अपने दिल पर हाथ रख देते हैं। जहां श्लोका पूरे शान से विराजमान थी। शिवाय उठ गये और फ्रेश होने चले गए।  आयें नाश्ता कर लें। नाश्ता ...

धड़कन | भाग 30 | Dhadkan Part 30 | Heart Touching Hindi Love Story

चेंज करते ही शिवाय लेट जाते हैं। वह बस दुआ कर रहे थे कि सब ठीक रहे। वरना बहुत परेशानी हो जायेगी। थोड़ी देर बाद शिवाय बाहर चले जाते हैं। खाना खा कर जल्द ही वह अपने रूम में चले जाते हैं। श्लोका को भी कुछ हिसाब-किताब देखना था। इस लिए वह भी स्टडी रूम में चली गई।  वह चाहती थी जल्द से जल्द सब काम हो जाए और वह वापस चली जाए। शिवाय को भी आफिस का काम होगा। वह मेरे लिए आ गये हैं। यही सब सोचते हुए वह अपना काम करती रही। तभी उसका फोन बजा। हां शिवाय बोलो। चाय चाहिए मिल जायेगी।  हां ला रही हूं। श्लोका घड़ी देखती है शिवाय अभी तक जाग रहे हैं। मुझे लगा वह सो गये होंगें। मैने भी अपने काम के चक्कर में उन पर ध्यान ही नहीं दिया।  वह फटाफट सब समेट कर रखती है। किचन में जाकर चाय बना कर शिवाय के रूम में जाती है तो देखती है शिवाय चादर ओढ़ कर सो रहे थे। शिवाय चाय...उसे कुछ गड़बड़ लगता है। शिवाय उठ कर चाय का मग ले लेते हैं। आप ठीक हैं ना? श्लोका परेशान हो जाती है। हां ठीक हूं। यहां गांव में डाक्टर हैं या नहीं? शिवाय ने परेशानी से पूछा। हां, दिन में रहते हैं इस वक्त नहीं मिलेंगे। हुआ क्या यह बताओ। श्लो...