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Zafrani kheer Easy Recipe | टेस्टी खीर बनाने की आसान रेसिपी| kheer |

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                              जाफरानी खीर सामग्री :- 🔹दूध             1 लीटर   🔹चावल          100 ग्राम   1 /3  कप 🔹चीनी           100 ग्राम    1  कप 🔹केवड़ा         1 चम्मच 🔹ज़ाफरान (केसर) कुछ पत्ती   (दूध में भिगो लें) विधि :- चावल को अच्छे से धो कर दो से तीन घंटे के लिए भिगो दें। और फिर उसको पानी डाल कर दरदरा पीस लें। पिसा हुआ चावल तैयार है। दूध को उबालकर उसमें चावल डालें। और लगातार चलाते रहें, नहीं तो उसमें गांठें पर जायेंगी। खीर को मीडियम आंच पर चलाते हुए पकाते रहें। जब खीर गाढ़ी हो जाऐ तो उसमें चीनी, केवड़ा और ज़ाफरान डाल  दें। और चीनी घुल जाने तक पकाएं, फिर आंच से उतार लें। बाउल में निकाल कर गर्म या ठंडी सर्व करें। ऊपर से केेंसर या पिस्ता बादाम डालें। नोट :- ➡️खीर के चावल क...

रूबरू | Part 29 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

अंदर जाने का इरादा छोड़ कर वह वापस ताबिश की ओर बढ़ जाती है। तुम यह केयरटेकर की जॉब क्यों कर रही हो? जबकि तुम्हारे पास इससे बेहतर आप्शन हैं। ताबिश सीधा मुद्दे पर आ गया। मैं इस बात का जवाब नहीं दे सकती। लेकिन इतना ज़रूर कह सकती हूं कि सही वक्त आने पर आप को जवाब मिल जायेगा। मायरा आत्म विश्वास से बोली। और यह सही वक्त कब आयेगा? ताबिश की नज़र उसके चेहरे पर टिकी थी। बहुत जल्द...मायरा के होंठों पर हल्की मुस्कान आ गई। मैं उस वक्त का इंतेज़ार करूंगा। ताबिश भी मुस्कुरा दिया। थोड़ी देर पहले वाली बेसुकूनी से उसे राहत मिल गई थी। एक बात कहना था...  मायरा की नज़र एक पल के लिए ताबिश पर उठी। लेकिन दूसरे ही पल वह अपनी नज़रें झुका गई। कहें... ताबिश की नज़र उसी पर जमी थी। मैं यह जॉब छोड़ना चाहती हूं। ताबिश का मूड ठीक देख कर मायरा ने बात छेड़ दी। ठीक है... तुम कम्पनी को मेल कर दो। तुम्हारा मेल मिलने से ठीक एक महीने के बाद तुम जा सकती हो। ताबिश की बात पर मायरा हैरान रह गई। इतनी आसानी से ताबिश ने बात मान ली। उसे इस बात की उम्मीद नहीं थी। अब जाने में तो अभी टाइम है...क्या मैं अगले हफ्ते दो-तीन दिन के लिए घ...

रूबरू | Part 28 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

ताबिश के हर बढ़ते कदमों के साथ मायरा के दिल की धड़कन तेज़ हो रही थी। मायरा के पास जाकर ताबिश रूक गया। कमरे में मुकम्मल सन्नाटा छा गया।  तुम्हें चाय क्यों नहीं पीना? ताबिश अपने बेकाबू होते दिल को संभाल गया। मैंने बताया तो मुझे नींद नहीं आती फिर। मुझसे भाग रही हो? ताबिश सीधा उसकी आंखों में देखता है। मैं भागने वालों में से नहीं...मायरा की निडरता वापस आ गई। अच्छा... ताबिश हल्के से हंस पड़ा। जाओ चेंज करके दादी के रूम में आओ। मैं इंतेज़ार करूंगा।  ताबिश की बात खत्म होते ही वह बाहर निकल कर सीधे अपने रूम में चली गई। और ताबिश वहीं पर खड़ा अपने रवैए पर गौर करने लगा।यह मुझे क्या हो रहा है। मैं क्यों इसका साथ चाह रहा हूं। यह यहां क्यों आई है? हम नहीं जानते।  यह हमारी दुश्मन भी हो सकती है। मुझे इसकी तरफ बढ़ते अपने कदमों को रोकना होगा। मैं इस तरह एक अंजान लड़की के लिए अपने दिल के खूबसूरत जज़्बात बर्बाद नहीं कर सकता। मन में फैसला लेता वह अपने कमरे की ओर बढ़ गया। मायरा चेंज करके दादी के रूम में चली गई। उसी वक्त सगीरा चाय लेकर आ गई। यह एक ही चाय क्यों लेकर आई हो?... दादी एक कप चाय देखकर ब...

रूबरू | Part 27 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

खाओ...वह मैगी का बाऊल उसकी तरफ करता है। यह आपके लिए है... मैं कह रहा हूं न कि खाओ... ताबिश उसकी ओर देखता है। क्या हुआ?... नहीं खा पाउगी?... नमक, मिर्च ज़्यादा है?... ताबिश उसकी तरफ झुक कर धीमी आवाज़ में बोल कर उसके चेहरे की ओर देखता है। और उठ खड़ा होता है। मायरा का चेहरा सफेद पड़ गया। ताबिश बाउल उठा कर मैगी डस्टबिन में डालकर किचन से बाहर निकल जाता है। मायरा अपनी जगह बैठी रह गई। ... दादी पुरानी हवेली में बहुत चहल-पहल लग रही है।  कौन है? ताबिश दादी के पास बैठ गया। बताया तो था तुमको... भूल गए। सादिका खाला अपनी बेटी की शादी के लिए आई हैं। दादी ने याद दिलाया। लेकिन दादी जब बात हुई थी। तब बात कुछ और थी। इस वक्त बात कुछ और है। आपने मना क्यों नहीं किया। मैं जानती हूं बेटा।  लेकिन मैं अपना वादा कैसे तोड़ देती।  छः महीने पहले जब सादिका की बेटी शफकत का रिश्ता तय हुआ था तभी मैंने उससे बोल दिया था कि शादी यहीं हवेली से कर लेना। दादी ने उसे याद दिलाया। दुश्मन का कोई भरोसा नहीं। वह तो मौके की ताक में है। लोगों का हवेली में आना-जाना लगा रहेगा। हम किस-किस पर नज़र रखेंगे? जब आपने वादा किया...

रूबरू | Part 26 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

आकिल की मंगेतर से बात हुई? दादी ने बात बदल दी। राहुल की बात हुई थी उससे। पैसा लेने को तैयार नहीं है।  पैसा ले लेती तो अच्छा रहता।  अब क्या होगा?  दादी को फिक्र हुई। उसकी शर्त मान ली। ताबिश सुकून से बोला। कौन सी शर्त?... दानिश से मिलने वाली...दादी परेशान हुई। हां... लेकिन दानिश कैसे?...दादी के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। मैं जाऊंगा मिलने। ताबिश ने दादी की ओर देखा। लेकिन उसे तो दानिश से मिलना था...दादी की परेशानी बढ़ती जा रही थी। उसे क्या पता कि मैं दानिश हूं या ताबिश... आज के ज़माने में ऐसे भी लोग हैं जिन्हें पैसों से ज़्यादा इंसान अज़ीज़ हैं। ताबिश दादी की ओर देखता है। यह बात तो तुम सही कह रहे हो। दौलत देखकर तो किसी का भी मन बदल जाता। लेकिन उसे पैसे से कोई मतलब नहीं। दादी ने भी दिल से अशमारा की तारीफ की। पहले उसकी ज़िद सुनकर गुस्सा आता था। लेकिन अब पता नहीं क्यों उससे मिलने का दिल कर रहा है। इस लिए उसकी शर्त मान ली। एक बार मिल कर देखूं तो सही। वह चाहती क्या है? ताबिश ख्यालों में उसका अक्स बनाता रहा। लेकिन बन न सका। अगर कोई ऐसी शर्त रख दी जो हम मान न सके तो?...दादी को डर ...

रूबरू | Part 25 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

मायरा को बैठना भारी लगने लगा। वह उठकर बाहर की ओर बढ़ गई। आलिया मैं आता हूं कहते ही ताबिश भी उठकर बाहर निकल गया। क्या हुआ देखा नहीं गया। ताबिश तेज़ी से उसके साथ हुआ। क्या देखा नहीं गया? वह अंजान बनी। हमारी खुशी देखी नहीं जा रही?... कौन सी खुशी?... वह आलिया?... ऐसी-ऐसी खुशियों को मैं आंख उठाकर भी नहीं देखते। मायरा मुंह बनाती आगे बढ़ गई। और ताबिश वहीं खड़ा रह गया। कोई और वक्त होता तो वह उसे अच्छे से सुना देता। लेकिन इस वक्त  उसे मायरा की बात बुरी नहीं लगी। वह मुस्कुराता हुआ अपने कमरे में चला गया। फोन निकाल कर पहले मैनेजर को फोन करता है। फिर मिस्टर सुब्हान को फोन करके अपने कमरे में बुलाता है। थोड़ी देर बाद मिस्टर सुब्हान उसके सामने बैठे हुए थे। दुश्मनों की कोई खबर?...  पुलिस पता लगा रही है।  बहुत जल्द पता चल जायेगा।  मिस्टर सुब्हान ने जानकारी दी। और मिस मायरा?... मिस मायरा पर हमारी पूरी नज़र है। लेकिन इन्होंने अभी तक कुछ भी ऐसा नहीं किया जिससे उनके मकसद के बारे में जान सकें। मिस्टर सुब्हान ने अपनी बात रखी। स्टाफ से वह दानिश के बारे में पूछ रही थी। क्या? मिस्टर सुब्हान है...

रूबरू | Part 24 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

लॉन में झूले के नज़दीक जाकर देखते ही वह हैरान हो गया। मायरा बेखबर सो रही थी। उसे सोता देख वह एक टिक उसे देखने लगा। और फिर वह उसके चेहरे के पास झुक गया। सोते हुए वह बहुत मासूम लग रही थी। उसके दिल से एक ख्वाहिश जागी। काश! मैं यूं ही इसी देखता रहा। लेकिन दूसरे ही पल वह सीधा हो गया। वह नहीं चाहता था कि उसकी चोरी पकड़ी जाए।  वह सीधा तो हो गया लेकिन उसकी नज़र अभी भी उसी पर थी। लॉन में हल्की हवाएं चल रही थीं। माहौल में थोड़ी ठंडक थी। एक पल को मायरा कसमसा कर थोड़ा सिकुड़ गई।  ताबिश तुरंत वहां से हटकर अंदर चला गया। कमरे से चादर लेकर वह लॉन में आकर मायरा के ऊपर डाल देता है। ताबिश के चादर डालते ही वह उसको खींचकर खुद को ढंक लेती है। उसकी इस हरकत पर ताबिश के होंठों पर एक खूबसूरत मुस्कान आ गई। वह वहां से हट गया। सुबह मायरा खुद को चादर ओढ़ कर सोता देख हैरान रह गई। किसका यह काम हो सकता है?... हो सकता है किसी स्टाफ ने डाल दिया होगा। वह उठकर कुछ देर तक बैठी यही सोचती रही। फिर चादर फोल्ड करके वह अंदर चली गई। हॉल में सोफे पर चादर रखकर वह अपने कमरे में चली गई। नाश्ता करके वापस हॉल में आई तो चादर व...

रूबरू | Part 23 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुमको कैसे पता की हम यहां पर पहुंच गए हैं? ताबिश अपनी हैरानी छुपा न सका। यह तो बहुत आसान था।  हां आपको समझ नहीं आया तो अलग बात है। उसने ताबिश का मज़ाक उड़ाया। फ्रेश होकर डाइनिंग हॉल में पहुंचो मैं भी आ रहा हूं। साथ में लंच करते हैं।  ताबिश उसके मज़ाक को नज़रंदाज़ कर गया। इस वक्त वह सिर्फ उसका साथ चाहता था। आपको फिक्र करने की ज़रूरत नहीं है मैं लंच कर लूंगी। वह आगे बढ़ गई। ताबिश सरफराज़ का साथ किस्मत से मिलता है। वह उसके पास से कहते हुए आगे बढ़ गया। मायरा उसे जाता देखती रही।  आज पहली बार उसे ताबिश की बात बुरी नहीं लगी। वह धीमी गति से आगे बढ़ गई। .... भाभी ने जुनैद के लिए अशमारा (मायरा) का हाथ मांगा है। रूकय्या अब्दुल हमीद को खाना परोसते हुए कहती हैं। तुमने क्या कहा? मैंने बोल दिया है कि अशमारा से और आपसे पूछ लूं। फिर जवाब दूंगी। रूकय्या भी कुर्सी खींच कर बैठ गईं। अशमारा कब वापस आ रही है? कल फोन आया था। बोल रही थी जल्द वापस आयेगी। अभी उससे कुछ मत कहना। जब घर आ जाए तब बात करना। आकिल की मौत का सदमा अभी उसके दिल से निकला नहीं होगा। हमें बहुत समझदारी से उससे यह बात करनी होगी। ह...

रूबरू | Part 22 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

कल का दिन तुम्हारी ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन होगा मिस मायरा...  अपनी उलझनों को किनारे कर उसका मन एक बार फिर मायरा को सबक सिखाने की ठान चुका था। ... अगली सुबह ब्लैक हाउस की खिड़कियों से आती धूप मायरा के कमरे में फैल चुकी थी, लेकिन उसकी आंखों में अब भी पिछली शाम का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। वह काफी देर से बैठी उसी एक बात के बारे में सोच रही थी, क्या उसे यहां रूकना चाहिए? उसका मन बार-बार कह रहा था कि नहीं। लेकिन ताबिश की कही बात भी उसके कानों में गूंज रही थी। "अगर तुमने ब्लैक हाउस से बाहर कदम निकाला तो हीरों के चोरी के इल्ज़ाम में सीधे जेल जाओगी।" मायरा ने आंख बन्द कर लीं। मैंने कुछ गलत नहीं किया...  फिर मुझे डरने की ज़रूरत क्यों है? उसने खुद को समझाया और बिस्तर से उठ खड़ी हुई। तैयार हो कर वह सीधे दादी के कमरे में गई।  दादी भी आज वक्त से पहले तैयार थीं।  दादी मैं ताबिश सर के साथ उनके आफिस जा रही हूं। वह सिर झुकाकर धीरे से बोली। ठीक है जाओ, दादी ने उसके चेहरे को गौर से देखा। लेकिन वहां पर कोई भाव नहीं थे जिससे वह समझ नहीं सकें कि मायरा ताबिश के फैसले को किस तरह देख रही है...

रूबरू | Part 21 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुमने क्या सोचकर उन हीरों को हाथ लगाया था?  अब सज़ा के लिए तैयार हो जाओ मिस मायरा... ताबिश सरफराज़ तुमको वह सज़ा देगा जिसके बारे में तुम सोच भी नहीं सकती। ताबिश की बात पर वह अंदर तक कांप गई। हमारी इजाज़त के बिना कोई किसी चीज़ को हाथ नहीं लगा सकता। और तुम्हारी यह हिम्मत कि तुमने न सिर्फ उन ज्वैलरी को छुआ बल्कि बहुत बारीकी से देखा भी।  ज़रा सोचो अगर वह ज्वैलरी असली होती, तो अब तक तुम उन्हें चुरा चुकी होती, ताबिश उसके बहुत करीब आ गया। इतना करीब कि दोनों को एक-दूसरे की सांसें तक साफ महसूस हो रही थीं। आप मुझे गलत समझ रहे हैं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। और वैसे भी मैं यह जॉब छोड़ रही हूं। वह गुस्से से बोली। उसने अपने अंदर के डर पर काबू पा लिया था। ओह...जॉब छोड़ रही हैं... मिल गया जो लेने आई थी? ताबिश व्यंग्य से मुस्कुराया। मैं अपनी सफाई में कुछ कहना नहीं चाहती। आपको जो समझना है समझें। सफाई कौन मांग रहा है तुमसे... तुम्हें तो यहां सज़ा सुनाने के लिए बुलाया है। और तुम्हारी सज़ा यह है कि कल से तुम मेरे साथ ब्लैक स्टोन के लिए काम करोगी। कल से तुम दादी की नौकर नहीं बल्कि मेरी नौकर हो......

रूबरू | Part 20 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

आप जिस ज्वैलरी की कीमत करोड़ों दे रहे हैं उस ज्वैलरी की कीमत कुछ हज़ार रूपए से ज़्यादा नहीं है। मायरा धमाका करती है। मायरा की बात सुनते ही जैसे ताबिश के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। क्या मतलब?... ताबिश हैरान और परेशान होकर उसकी तरफ देखने लगा। वह ज्वैलरी नकली है... यह बात तुम इतने यकीन से कैसे कह सकती है?  ताबिश ने उसका बाज़ू ज़ोर से पकड़ लिया और उसकी आंखों में देखते हुए कहा, अगर तुम्हारी बात गलत हुई तो तुम जानती हो कि तुम्हारा क्या हश्र होगा?  मुझे जो कहना था मैंने वह कह दिया। अब आगे क्या करना है यह आपकी मर्ज़ी।  मायरा ने बिना डरे उसकी आंखों में देखा। आप ज़्यादा से ज़्यादा क्या करेंगे मेरी जान ले लेंगे। उससे ज़्यादा आप और क्या ही कर सकते हैं... अपनी बात कहकर मायरा एक नफरत भरी नज़र ताबिश पर डालकर अपना हाथ छुड़ा कर वहां से निकल कर सीधे अपने कमरे में गई और दरवाज़ा बंद कर लिया। उसके जाते ही ताबिश वहीं सोफे पर बैठ गया। उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी... ज्वैलरी नकली हो सकती है। ऐसा ख्याल तो उसके सपने में भी नहीं आया था। उसने तुरंत मैनेजर को फोन किया, जो इस समय शहर से बाह...

रूबरू | Part 19 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

उसकी हरकत पर जहां दादी के होंठों पर मुस्कान थी तो वहीं मायरा कल एक बड़ा फैसला लेने का सोचकर संतुष्ट हो गई थी। सुबह दादी के नाश्ते और दवाई देने के बाद मायरा अपने कमरे में जाकर आराम करने लगी। रात उसे ठीक से नींद नहीं आई थी।  दादी की भी तबियत अब ठीक थी। इसलिए अब वह थोड़ा आराम करना चाहती थी। दोपहर को मायरा जैसे ही किचन से दादी के लिए सूप बनाने के बाद अपने कमरे में जाने लगी तभी उसे ड्राइंग रूम से गुज़रते हुए ताबिश और कुछ कुछ लोगों की आवाज़ें सुनाई दीं। वहां पर हीरों के बारे में बात हो रही थी। ताबिश डिनर के बाद उनको सौ करोड़ का चेक एडवांस देने वाले थे। मायरा जब तक कुछ सोचती तभी ताबिश क्लाइंट से डिनर करने के लिए कहता है। मायरा तेज़ी से वापस किचन में चली जाती है। उनके ड्राइंग रूम से निकलते ही मायरा ड्राइंग रूम में चली जाती है। वहां जाकर वह हैरान रह जाती है क्योंकि वहां पर बहुत सारे हीरों के नेकलेस रखे हुए थे। वह एक-एक कर उन्हें उठाकर देखने लगती है। एक बार देखने के बाद वह दोबारा देखने लगती है। वह उन नेकलेस को देखकर हैरान थी।  सारे ही बहुत ही खूबसूरत थे। उनकी चमक ऐसी थी कि कोई भी उसे पस...