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Zafrani kheer Easy Recipe | टेस्टी खीर बनाने की आसान रेसिपी| kheer |

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                              जाफरानी खीर सामग्री :- 🔹दूध             1 लीटर   🔹चावल          100 ग्राम   1 /3  कप 🔹चीनी           100 ग्राम    1  कप 🔹केवड़ा         1 चम्मच 🔹ज़ाफरान (केसर) कुछ पत्ती   (दूध में भिगो लें) विधि :- चावल को अच्छे से धो कर दो से तीन घंटे के लिए भिगो दें। और फिर उसको पानी डाल कर दरदरा पीस लें। पिसा हुआ चावल तैयार है। दूध को उबालकर उसमें चावल डालें। और लगातार चलाते रहें, नहीं तो उसमें गांठें पर जायेंगी। खीर को मीडियम आंच पर चलाते हुए पकाते रहें। जब खीर गाढ़ी हो जाऐ तो उसमें चीनी, केवड़ा और ज़ाफरान डाल  दें। और चीनी घुल जाने तक पकाएं, फिर आंच से उतार लें। बाउल में निकाल कर गर्म या ठंडी सर्व करें। ऊपर से केेंसर या पिस्ता बादाम डालें। नोट :- ➡️खीर के चावल क...

डोर धड़कन से बंधी | Series | Door Dhadkan Se Bandhi | Complete Novel Series

डोर धड़कन से बंधी एक 101 भागों का रोमांटिक नॉवेल है और यह ‘ धड़कन ’ का सीज़न 2 है। प्यार, रिश्तों, भावनाओं, इंतज़ार और जिंदगी के उतार-चढ़ाव से जुड़ी यह कहानी आपको एक नए सफर पर ले जाएगी। इस पेज पर डोर धड़कन से बंधी के सभी 101 भागों के लिंक एक ही जगह दिए गए हैं, ताकि आप नॉवेल को आसानी से भाग 1 से अंत तक पढ़ सकें। अगर आपने ‘ धड़कन ’ नहीं पढ़ी है, तो इसे पढ़ने के साथ शिवाय और श्लोका की खूबसूरत प्रेम कहानी ‘धड़कन’ भी ज़रूर पढ़ें, क्योंकि ‘डोर धड़कन से बंधी’ उसी कहानी का सीज़न 2 है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना पसंदीदा भाग पढ़ें और कहानी के इस खूबसूरत सफर से जुड़ जाएँ। डोर धड़कन से बंधी भाग 1 डोर धड़कन से बंधी भाग 2 डोर धड़कन से बंधी भाग 3 डोर धड़कन से बंधी भाग 4 डोर धड़कन से बंधी भाग 5 डोर धड़कन से बंधी भाग 6 डोर धड़कन से बंधी भाग 7 डोर धड़कन से बंधी भाग 8 डोर धड़कन से बंधी भाग 9 डोर धड़कन से बंधी भाग 10 डोर धड़कन से बंधी भाग 11 डोर धड़कन से बंधी भाग 12 डोर धड़कन से बंधी भाग 13 डोर धड़कन से बंधी भाग 14 डोर धड़कन से बंधी भाग 15 डोर धड़कन से बंधी भाग 16 डोर धड़कन से बंधी भाग 17 डोर...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 100 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 100 | Hindi Romantic Story

आता हूं मौम, जब तक आप रस्मों की तैयारी करें। कहते हुए प्रेम स्टडी रूम का दरवाज़ा खोलता है। दरवाज़ा बन्द होने तक उसे दोस्तों की हूटिंग सुनाई दी।  उस के होंठों पर मुस्कान आ गई। अंदर जाकर वह नताशा को सोफे पर बैठा कर खुद उसके सामने सोफे पर बैठ जाता है।  उसकी नज़र उस पर ठहर गई। लाल बनारसी साड़ी पहने, गले में खूबसूरत नेकलेस के साथ मंगलसूत्र,  माथे पर टिका मांगटीका, कानों में झुमके, जो उसकी हरकत पर धीरे से हिलते, मानो उस की बेचैनी बयां कर रहे हों। माथे की बिंदी और आंखों में सजी काजल की लकीरें उसकी सुन्दरता को और गहरा कर रही थीं, मगर सब से ज़्यादा जो बात प्रेम को छू गईं, वह उसकी आंखें थीं। उनमें चमक कम और सवाल ज़्यादा थे। और उसी सवालों के जवाब देने के लिए वह उसे यहां लाया था। क्योंकि उस ने देख लिया था कि घर देखकर ही वह बहुत कुछ समझ चुकी थी। मन में जितने भी सवाल हैं सब पूछ लो। प्रेम हल्की मुस्कान के साथ बात शुरू करता है। आप ने अपने बारे में मुझे बताया क्यों नहीं?… प्रेम का सवाल सुनकर कुछ पल खामोश रहने के बाद वह पूछती है। तुम ने कभी पूछा ही नहीं।  आफिस में जब मैंने पूछा था कि ...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 99 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 99 | Hindi Romantic Story

शिवाय सिंह ओबेरॉय अखलाक, दरियादिली और रिश्तों को निभाते हुए यहां तक पहुंचे थे। तब आज उनको मान-सम्मान और प्यार मिला था। वरना लोग चार दिन अच्छे कर्म करके उम्मीद लगा लेते हैं कि मैंने अच्छा किया, और अच्छा नहीं मिला। शिवाय जैसे लोग उम्र गंवा देते हैं अच्छाई करते-करते लेकिन बदले की आस नहीं लगाते। ... घर का माहौल कई दिनों से खराब था। कोई भी राहिल की बात मानने को कोई तैयार नहीं था। लेकिन फिर भी वह सब को मनाने में लगा था। सबा, शाइस्ता खामोशी से घर का काम करके पढ़नें बैठ जाती। असमा अलग परेशान थी।  अम्मी आज फिर पार्टी का फोन आया था कि परिवार के साथ आना है। उन्होंने हर किसी का नाम लेकर इन्वाइट किया है।  मुझे यह समझ नहीं आता कि उन को सब का नाम कैसे पता लगा। असमा परेशानी से कहती है। अब जो भी हो, लेकिन सब को चलना है। आप तो जानती हैं कि इस कंपनी से कितना बड़ा आर्डर मिला है। अगर हम नहीं गए तो वह आर्डर कैंसिल ना कर दें।  राहिल सही कह रहा है। हम सब को चलना चाहिए। ताहिर सब को देख कर कहता है। पता नहीं कौन-कौन होगा वहां? असमा परेशान हुई। उन्होंने कहा है फैमली डिनर है। इस का मतलब ज़्यादा लोग न...

इश्क जान | भाग 11 | Ishq Jaan Part 11 | Heartfelt Romance & Wedding Story

इश्क की दास्तां भी क्या दास्तां है... एक बार जो शुरू हो जाए तो फिर उसको रोक पाना आसान नहीं होता। चाहे इंसान लाख कोशिश कर ले,अपने दिल को समझा ले, रिश्तों की बंदिशों में खुद को बांध ले... लेकिन मुहब्बत खुद ही अपना रस्ता बना लेती है। कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी अधूरे रह जाते हैं और कुछ अधूरे रिश्ते उम्र भर दिल में ज़िंदा रहते हैं। रिहान मुझसे नफरत करता है...उसकी आवाज़ में दर्द साफ नज़र आ रहा था। रीत हैरान होकर उसे देखने लगी। क्यों? शजल ने एक पल के लिए अपनी नज़रें झुका लीं। फिर धीमी आवाज़ में बोली। वह किसी और से प्यार करता है। लेकिन उसकी मां ने उसकी शादी मुझसे कर दी। शजल का दर्द उसके चेहरे पर साफ दिख रहा था। तो इसमें तुम्हारी क्या गलती है? रीत को गुस्सा आ गया। यहां हम सब बिना गलती के सज़ा काट रहे हैं। शजल की आंखों में नमी उतर आई। यहां पर हर इंसान दो ज़िन्दगियां जी रहा है। एक वो, जो हम सबको दिखाई देती है... और दूसरी वो, जो उस इंसान  के दिल के अंदर चल रही होती है।  जहां वह अपनी मुहब्बत के साथ जीता है। रीत कुछ पल उसे देखती रही। रिहान तुम्हारी दिल की दुनिया से अंजान है न? रीत ने ज...

इश्क जान | भाग 10 | Ishq Jaan Part 10 | Heartfelt Romance & Wedding Story

अब मैं पीछे नहीं देखूंगी। जो मेरी किस्मत में है, उसे अपना बना कर जिऊंगी। कभी-कभी ज़िंदगी हमें वह नहीं देती जो हम चाहते हैं... बल्कि वह मिलता है जो हमारी किस्मत में होता है। मुहब्बत हारती नहीं... वह बस चुप हो जाती है। वह सिसकती है, मगर ज़िंदा रहती है। वक्त की तहो में कहीं गहराई बनाकर, हमेशा के लिए वहीं छुप जाती है.... .... विदाई हो रही थी। गाड़ियों की लाइन लगी थी। बेटी की बिदाई थी। हर आंख नम थी। और फिर गाड़ियां आगे बढ़ने लगीं। आंसुओं के साथ वह एक नए सफर की ओर बढ़ चुकी थी। मेहमान जा रहे थे। सामानों को समेटा जा रहा था। बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया स्टेज उजाड़ा जा रहा था।  थोड़ी देर पहले जो सब सजा-संवरा था। सब उजड़ रहा था। खूबसूरती से सजे गुलदस्ते बिखरने लगे थे। दुल्हन अपने ससुराल पहुंच चुकी थी। तमाम रस्मों के बाद उसे उसके कमरे में बैठा दिया गया था। एक और इम्तिहान जिससे उसे गुज़रना था। वह प्यार नहीं था उसका। लेकिन उसने कुबूल कर लिया था। दिल से ना सही, लेकिन दिमाग में यह बात बैठा ली थी कि यही उस का सब कुछ है। आने वाली हर आजमाइश के लिए वह खुद को तैयार कर रही थी। तन्हाई के यह कुछ पल... ख...

इश्क जान | भाग 9 | Ishq Jaan Part 9 | Heartfelt Romance & Wedding Story

काश वह मां को मना लेता। पछतावा उस के दिल में घिर कर गया। वह सामने से नज़र हटा कर मेहमानों से बातें करने लगा।  शादी मुबारक हो परमजीत.... परमजीत के कानों में एक मीठी सी खनकती आवाज़ आई।  उस ने आवाज़ की तरफ देखा। और देखते ही उसके चेहरे का रंग बदल गया। उसका मुस्कुराता चेहरा कहीं बहुत पीछे चला गया। वह थैंक्स भी ना कह सका।  शजल की आंखों से कुछ भी न छिप सका। दुल्हन किसी और से बातों में बिज़ी थी। परमजीत को मौका मिल गया। खुद को नार्मल करने का। सुनो...शजल मुड़ी तो परमजीत ने आवाज़ दे दी। वह ठहर गई, लेकिन मुड़ी नहीं। क्योंकि इस वक्त वह इस पोज़ीशन में नहीं थी कि परमजीत से नज़र मिला सके वरना उसका वह राज़ जो उस के दिल में था खुल जाता। वह अपनी मुहब्बत को रूसवा नहीं करना चाहती थी। बड़ी मुश्किल से वह खुद को स्टेज तक लाई थी। तुम को भी एडवांस में शादी की मुबारकबाद... परमजीत मुस्कुराया। एक खोखली मुस्कान...जिस के पीछे ना जाने कितने अरमान दम तोड़ गए। मैं आई ना... आप को भी आना है। एक झटके से वह मुड़ी। और अपनी बात कह कर वापस घूम कर स्टेज से उतर गई। उसका जवाब सुने बिना। और परमजीत अपने अंदर के टीसों...

रूबरू | Part 11 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

मिस्टर बॉस हंस लो जितना हंसना है... आप के रोने के दिन आ गए हैं। तुम इस की बात का बुरा मत मानना, यह ऐसे ही मज़ाक करता है। आओ तुम नाश्ता करो। दादी ने बैठने का इशारा किया। यह हमारे साथ नाश्ता करेगी?  हां क्यूं? दादी ने आंखें बड़ी कीं। यह आपकी केयरटेकर है। हमारे साथ नहीं बैठ सकती। ताबिश ने हैसियत का फर्क जताया। मैंने इससे कहा है कि यह हमारे साथ नाश्ता करेगी। दादी ने बात क्लियर की। आप लोग नाश्ता करें, कहते ही वह जाने के लिए मुड़ी। कहां जा रही हैं, मिस? यहीं रहिए... दादी को कभी भी तुम्हारी ज़रूरत पड़ सकती है। चुपचाप खड़ी रहें। और हमारा हुक्म मानें। अपनी बात कहकर ताबिश जूस का गिलास उठाकर पीने लगा। दादी ने भी खामोश रहना मुनासिब समझा। नाश्ता करते ही वह दोनों उठ गए। हमारी चाय लेकर हॉल में आएं। वह उसे आर्डर करता उसके बगल से निकल कर आगे बढ़ गया। दादी उसे नाराज़गी से देखती हैं लेकिन वह देखकर भी अंजान बन गया। हॉल में दोनों को चाय देकर वह चुपचाप वहीं खड़ी रही। अब हमारे सिर पर क्यों खड़ी हो? बाहर जाओ...जब आवाज़ दिया जाए तब आना। वह गुस्से से चीखा। दादी उसके अंदाज़ पर उसे देखती रह गईं। इस तरह तो यह ...

अधूरी शादी -मुकम्मल बंधन | Adhuri Shaadi | Mukammal Bandhan | Heart Touching Hindi Family Story

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अधूरी शादी (मुकम्मल बंधन)... तुम पहले उससे तलाक ले लो।  मैं तो कहती हूं आज की आज उसे बुलाओ। और पूछो कि वह ऐसा कैसे कर सकता है। तुम इतने दिन वहां रही ही क्यों? तुम को बहुत पहले आ जाना चाहिए था। हम लड़की वाले ज़रूर हैं मगर हम झुकने वाले नहीं। हर कोई अपनी राय देने में आगे था। कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता था।  ताशना खामोशी से बैठी सब की बात सुन रही थी। और बगल वाले कमरे में बैठी दादी के कानों तक भी हर बात पहुंच रही थी। जब बहुत देर हो गई। और किसी की बात खत्म ही नहीं हो रही थी तो दादी से रहा नहीं गया। वह उठ कर बाहर आई। कोई इस से यह भी पूछेगा कि उसने नाश्ता किया है या नहीं?  पहले उसे नाश्ता कराओ। दादी ने सबको देखते हुए कहा। चलो नाश्ता करो पहले। मुझे समझ ही नहीं आया कि पहले तुमको नाश्ता दूं। ताशना की मम्मी लविशा उठते हुए बोली। तुमको कभी कुछ समझ आया है जो आज आयेगा। दादी ने अपनी बहू लविशा को डांटा। सास की बात सुनकर लविशा मुंह बना कर ताशना का हाथ पकड़ कर अन्दर चली गई। दादी मैं सुबह से आई हूं, सब ने मेरा हाल पूछा। और परेशानी दूर करने की कोशिश की।  लेकिन आपने एक बार भी कुछ नहीं पूछ...

रूबरू | Part 10 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

अगले ही पल एक मज़बूत हाथ उसके मुंह पर था। और दूसरा हाथ उसे झटके से घुमाकर दीवार की तरफ ले जा चुका था। सब कुछ इतना तेज़ी से हुआ कि उसे समझने का मौका ही नहीं मिला। श्श्श्... कान के पास किसी की सांस महसूस हुई। ठंडी, सख्त और डर पैदा करने वाली। उसके खुद को छुड़ाने से पहले ही  वह उसे खींचते हुए पास के दरवाज़े तक ले गया। दरवाज़ा खुला- और तुरंत बंद हो गया। कमरे में नाइट लैंप जल रहा था। अंदर जाते ही वह एक बार फिर खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है। वह उसके मुंह से हाथ हटा कर झुक कर टेबल पर रखा फोन उठाकर बात करता है। हाथ छोड़ो मेरा... वह दर्द से कराह उठी। उसी वक्त कुछ गार्ड तेज़ी से दरवाज़ा खोलकर अन्दर आ गए। यह दादी की केयरटेकर है मायरा... उसे देखते ही हेड गार्ड मिस्टर सुब्हान समझ गए कि ताबिश को गलतफहमी हुई है।  इतना सुनते ही ताबिश की पकड़ ढ़ीली पड़ गई। हाथ छुटते ही उसने दूसरे हाथ से अपनी कलाई सहलाई जो बहुत तेज़ दर्द कर रही थी।  दर्द उसकी आंखों में भी आंसुओं की सूरत में दिख रहा था। आप जा सकती हैं।  गार्ड ने इशारा किया। वह तुरंत बाहर निकल गई। साथ ही सारे गार्ड भी निकल जाते हैं। सि...