विवाह का घर | The Wedding Home: Love Matters More Than Rituals | विवाह का घर: रस्मों से ज्यादा जरूरी है मुहब्बत
विवाह का घर (एक सदा)
शादी ब्याह करना आज के ज़माने में कितना मुश्किल हो गया है। नये-नये रस्मो-रिवाजों ने पुराने रस्मों को खत्म कर दिया है। विवाह का घर है मां-बाप बढ़े हुए खर्चों से परेशान है। और बच्चे ख्वाहिश पूरी ना होने की वजह से गुस्सा है। विवाह का घर है मगर हर कोई दुखी है। काश! की बच्चे मां-बाप की मजबूरियों को समझ लेते या फिर खुद ही इतना कमा लें कि हर शौक को पूरा कर लें। नहीं तो फिर शांति से मां-बाप की खुशियों को देखते हुए खुशी-खुशी शादी कर लें। क्योंकि खुशियां रस्मों से नहीं मुहब्बत से मिलती हैं।
एक आनलाइन मैगज़ीन के लिए लिखा गया यह लेख।
जिस का टापिक था"विवाह का घर"

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