डोर धड़कन से बंधी | भाग 81 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 81 | Hindi Romantic Story
शिवाय और श्लोका तैयार होकर जैसे ही सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं पूजा दौड़ कर सीढ़ियां चढ़ते हुए उन दोनों के गले लग जाती है। बेतहाशा आंसू उसकी आंखों से बह निकले। दोनों खामोशी से उसे थामे नीचे उतरते हैं। हर कोई नीचे हॉल में बैठा उन्हें देख रहा था। नीचे उतरते ही शिवाय पहले सुधीर जी के पास जाते हैं और झुक कर उन के गले लग जाते हैं। मौम, अराध्या, अमोल हेमंत,अशोक,रवि सबसे मिलते हुए आदर्श के पास पहुंचते हैं। दोनों दोस्त कितनी ही देर गले लगे रहे। प्रेम भी उनके गले लग जाता है। आखिर मौम डैड थे उसके। काजल भी आकर गले लग जाती है। वहां पर बिल्कुल खामोशी थी। हर किसी के मन में हज़ारों सवाल थे। मगर बात शुरू कहां से करें यह समझ नहीं आ रहा था। शिवाय दामाद को तो तुम भूल ही गए। आरव को अंदर आता देख आदर्श हंसते हुए कहते हैं। डैड…आरव तेज़ी से शिवाय के पास जाकर उन के गले लग जाता है। पूजा वहीं पास में श्लोका और शिवाय के बीच में बैठी थी। कैसा है मेरा दामाद? शिवाय आरव को भी पास बैठाकर धीरे से पूजा से पूछते हैं। डैड…पूजा शर्मा जाती है। और उसकी शर्म और चेहरे की खुशी देखकर शिवाय और श्लोका के मन में सुकून उतर आता है। इध...