डोर धड़कन से बंधी | भाग 57 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 57 | Hindi Romantic Story
पता नहीं कुछ समझ नहीं आ रहा। लेकिन मन उदास है। शिवाय सोचने वाले अंदाज़ में कहते हैं। सब ठीक हो जायेगा। टेंशन मत लो। आदर्श एक बार फिर शिवाय के गले लगते हैं। ♥️ शादी की रस्में शुरू हो चुकी थी। शिवाय और श्लोका दूर बैठे सब देख रहे थे। हल्दी की रस्म हो गई शिवाय…तीन दिन बाद हमारी बेटी विदा हो कर ससुराल चली जायेगी। श्लोका सामने बैठी पूजा को देख कर कहती है। मानो कल की बात हो… जब हमारी शादी हुई थी। और देखो आज हमारी बेटी की शादी हो रही है। वक्त बहुत जल्दी बीत गया। शिवाय की आंखें भीग गईं। उन्होंने श्लोका का हाथ थामते हुए कहा। सच कहती हो…कल ही तो बात लगती है। तुम दुल्हन बनी मेरे सामने आई थी। और आज… हमारी बेटी उसी राह पर चल पड़ी है। हां, अब वो भी अपने नए जीवन की शुरुआत करेगी। बस यही दुआ है कि उसकी ज़िन्दगी खुशियों से भर जाए। इतना कहते-कहते श्लोका की नज़र एक बार फिर पूजा पर पड़ी, जो अपने दोस्तों के साथ हंसते हुए बातें कर रही थी। श्लोका के दिल में एक सुकून था, लेकिन साथ ही एक खालीपन भी… कैसे जी पाएंगे उसके बिना? घर कितना सूना लगेगा… अरे,अभी से क्यों सोच रही हो? अभी तीन दिन तो हमारे पास हैं...