डोर धड़कन से बंधी | भाग 43 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 43 | Hindi Romantic Story
मैं नेक्स्ट वीक श्लोका से शादी कर रहा हूं। आदर्श जैसे ही शिवाय के केबिन में आकर बैठते हैं। शिवाय धमाका करते हैं। क्या? आदर्श हैरानी से देखते हैं। सही सुना तुमने... शिवाय ने यकीन दिलाया। यह अचानक शादी का फैसला? आदर्श की हैरानी कम नहीं हो रही थी। फैसला तो लेना ही था، मैंने ले लिया। श्लोका को भी बोल दिया है। क्या? आदर्श अपनी जगह से उठ गए। असली शॉक तो अब लगा था। तुम्हारा दिमाग तो ठीक है। उससे भी बोल दिया। आदर्श ने अपना सिर पकड़ लिया। यह चमत्कार किस खुशी में? जब से वह आई है तुम ने उससे ठीक से बात तो की नहीं। और अचानक यह शादी? आदर्श को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या कहे। यही श्लोका है आदर्श....जब मैंने यह जान लिया तो मुझे अच्छा नहीं लगा कि मैं उसे ना अपनाऊं। मैं श्लोका से प्यार करता था। और वह भी करती थी। जो खुशी और सुकून मुझे श्लोका से मिला था। वह मुझे आज तक किसी से नहीं मिला। और आज जब वह बहुत कुछ सह कर खुद को मिटा कर दोबारा ज़िंदगी पाकर मेरे पास आई तो मैं उसे छोड़ दूं। वह भी इस लिए कि मेरा दिल अब उसे देख कर नहीं धड़कता। उसका चेहरा बदल जाने से मैं उसे ना अपनाऊं। यह तो गलत है आदर्श.....