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स्त्री | Women Quotes | Heart Touching Thoughts About Women

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कहने वाले ने क्या खूब कहा है....  स्त्री....  "स्त्रियाँ'', कुछ भी बर्बाद नही होने देतीं। वो सहेजती हैं। संभालती हैं। ढकती हैं। बाँधती हैं। उम्मीद के आख़िरी छोर तक। कभी तुरपाई कर के। कभी टाँका लगा के। कभी धूप दिखा के। कभी हवा झला के। कभी छाँटकर। कभी बीनकर। कभी तोड़कर। कभी जोड़कर। देखा होगा ना? अपने ही घर में उन्हें खाली डब्बे जोड़ते हुए। बची थैलियाँ मोड़ते हुए। बची रोटी शाम को खाते हुए। दोपहर की थोड़ी सी सब्जी में तड़का लगाते हुए। दीवारों की सीलन तस्वीरों से छुपाते हुए। बचे हुए खाने से अपनी थाली सजाते हुए। फ़टे हुए कपड़े हों। टूटा हुआ बटन हो। पुराना अचार हो। सीलन लगे बिस्किट, चाहे पापड़ हों। डिब्बे मे पुरानी दाल हो। गला हुआ फल हो। मुरझाई हुई सब्जी हो। या फिर तकलीफ़ देता " रिश्ता " वो सहेजती हैं। संभालती हैं। ढकती हैं। बाँधती हैं। उम्मीद के आख़िरी छोर तक... इसलिए , आप अहमियत रखिये! वो जिस दिन मुँह मोड़ेंगी तुम ढूंढ नहीं पाओगे...।

साथी | Saathi – A Heartfelt Story of Love, Choices, and Life

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  साथी... रौशनी स्टाफ रूम में बैठी कॉपी चेक कर रही थी। जब उसे लगा कि किसी की नज़र उस पर है। वह नज़र उठा कर देखती है।  उसने जिसे सोचा वही था। दानिश रहमान.... ऐसे क्या देख रहे हैं? वही जो आज तक नहीं देख पाया। दानिश खोए हुए अंदाज़ में कहते हैं। ऐसा क्या? रौशनी एक नज़र उस पर डाल कर दोबारा  कॉपी पर नज़र जमा देती है। कोई अपने आप को कैसे इतना छुपा सकता है? दानिश अपनी चेयर से उठ कर उस के पास वाली चेयर को थोड़ा दूर करके बैठते हुए पूछते हैं। किस की बात कर रहे हैं सर? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। वैसे भी आप मैथ्स के टीचर है। आप मुझ से ज़्यादा समझ सकते हैं। आप के सब्जेक्ट में तो बहुत कुछ छुपा होता है। रौशनी कहते हुए मुस्कुरा उठी। वैसे किस की बात कर रहे हैं?  दानिश को सीरियस देख कर रौशनी भी सीरियस हो गई। तुम्हारी... दानिश उसे ध्यान से देखते हैं। वह देखना चाहते थे कि इस एक लफ्ज़ का उस पर क्या असर पढ़ता है। रौशनी के चेहरे का रंग एक पल के लिए बदल गया। लेकिन वह तुरंत संभल गई। और अपना चेहरा कॉपी पर झुका लेती है। इधर देखें मेरी तरफ.... दानिश की सख्त आवाज़ उस को हिला गई। मेरी क्लास का टाइम ...