धड़कन | भाग 46 | Dhadkan Part 46 | Heart Touching Hindi Love Story
फोन रख कर भी शिवाय एक टिक श्लोका को देखते रहे। और कुछ सोच कर शिवाय के होंठों पर मुस्कान आ गई। शिवाय झुक कर उसकी बालों की लटों को पीछे करते हैं जो उस के चेहरे पर बिखरी हुई थी। श्लोका का साथ और फिर गहरी नींद के बाद शिवाय अब बिल्कुल फ्रेश हो चुके थे। जैसे ही श्लोका ने करवट लिया। वह शिवाय के बहुत करीब आ गई। और उसी वक्त उसकी नींद खुल गई। वह हैरत से कभी खुद को तो कभी शिवाय को देख रही थी। और फिर हड़बड़ा कर उठ कर बैठ गई। पता नहीं कब नींद आ गई पता ही नहीं चला। श्लोका ने घबरा कर कहा। पता नहीं शिवाय क्या सोच रहे होंगे। श्लोका को यही सोच कर शर्म आ रही थी। मैं अपने रूम में जा रही हूं। श्लोका उठने लगी। लेकिन शिवाय ने उसे वापस बैठा दिया। ऐसा क्या हो गया जो यह भागम भाग मचा रही हो? शिवाय के होंठों पर मुस्कुराहट थी। जिसे देख कर श्लोका की घबराहट और बढ़ गई। मैंने बेकार में तुम्हारे लिए रूम लिया। तुम यहां भी तो रह सकती हो? शिवाय ने शरारत से कहा। अच्छा तो फिर वापस कर दें। श्लोका ने भी शरारत से कहा। क्या सच में.... शिवाय खुश हो गये। हां सच में.... ज़्यादा खुश होने की ज़रूरत नहीं है। मैं जा रही हूं। श्लो...