धड़कन | भाग 42 | Dhadkan Part 42 | Heart Touching Hindi Love Story
शिवाय ने उसको साइड से पकड़ कर लिटा दिया। लेकिन कुछ मिनट भी नहीं हुए वह उठने लगी। लेकिन शिवाय ने उसे वापस लिटा दिया। श्लोका ने आंख बन्द कर ली। वह सच में बहुत थक गई थी। गाड़ी रुकते ही शिवाय के हाथ उसके बालों पर होते। क्या हर दो मिनट पर उठ रही हो? श्लोका फिर उठने लगी तो शिवाय ने उसे वापस लिटाते हुए कहा। नहीं, श्लोका ने रिक्वेस्ट की। लेकिन शिवाय ने कुछ कहने के बजाय उसे लिटाये रखा। और उसे देखने लगे। श्लोका कोई तुम को टच करें तो तुम को गुस्सा आ जाता है। लेकिन तुम ने यह हक मुझे दिया। शिवाय सोचने लगे। शिवाय के दिल की खुशी चेहरे पर साफ दिख रही थी। और फिर शिवाय श्लोका के चेहरे पर झुक जाते हैं। बहुत ही बेसाख्ता की गई शिवाय की हरकत पर श्लोका का चेहरा लाल हो जाता है। उस की धड़कन तेज़ हो गई। वह उठने लगी। शिवाय ने वापस लिटाने की कोशिश की। मगर वह सीधी होकर बैठ गई। दोनों ही खामोश रहे। खामोशी की ज़ुबान जो श्लोका और शिवाय अच्छे से समझते थे। और जो खामोशी की ज़ुबान समझ ले उन्हें अल्फाज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती है। शिवाय ने गाना लगा दिया। और श्लोका को देखने लगे। श्लोका ने सामने देखा। स...