धड़कन | भाग 41| Dhadkan Part 41 | Heart Touching Hindi Love Story
बाहर का मामला सुनकर सब परेशान हो गये। कैटरिंग वाले सारा सामान लेकर आ गये थे। लेकिन कुक नहीं आये थे। उन का आते टाइम एक्सीडेंट हो गया। वह हास्पिटल गये हुए थे। अब वह नहीं आ सकते थे। अब क्या होगा। यह लोग बना नहीं सकते यह सब तो हेल्पर हैं। सुधीर जी ने परेशानी से कहा। बाहर से खाना आर्डर करना पड़ेगा। किसी ने कहा। क्यों ना हम सब मिल कर बनायें खाना। श्लोका खड़ी सब तमाशा देख रही थी। जब उससे नहीं रह गया तो बोल पड़ी। नहीं हम नहीं कर सकते। हर तरफ से आवाज़ आई। ठीक है मैं बना लूंगी। आप लोग मेरी मदद कर देंगें ना। श्लोका ने हेल्पर से पूछा। हां, हम सिर्फ मदद करेंगें खाना नहीं बनाएंगे। उन्होंने जल्दी से कहा। ठीक है। कहते ही श्लोका सब सामान देखने लगी। और फिर फटाफट हेल्पर को काम बताने लगी। शिवाय दूर खड़े सब देख रहे थे। आइये आज हम लोग खाना बनाते हैं। सुधीर जी ने जब देखा कि श्लोका अकेले कर रही है। तो आगे उस के पास आ गये। उन के साथ और भी अंकल लोग आ गये। श्लोका सब को काम बताने लगी। थोड़ी देर बाद वहां का माहौल बदल चुका था। हर कोई कुछ ना कुछ कर रहा था। साथ ही साथ वहां पर हंसी मज़ाक भी चल रहा था।...