धड़कन | भाग 4 | Dhadkan Part 4 | Heart Touching Hindi Love Story
शायद इसी को मुहब्बत कहते हैं। दिल को दिल से राह होती है। महबूब की कोई भी हरकत बुरी नहीं लगती है। वह गुस्सा भी होते हैं तो उस में प्यार अपनापन और फिक्र छुपी होती है। श्लोका सुमन ने खाना भी नहीं खाया। वैसे ही लेट गई। और शिवाय को सोचते हुए उसे नींद भी आ गई। सो कर उठी तो उसे भूख लग रही थी। उसने अलमारी से चिप्स निकाल कर खाना शुरू कर दिया। उठते ही उसके दिमाग में फिर शिवाय ही छाये हुए थे। चिप्स खाकर, लाये हुए सभी सामानों को उसकी जगह पर रखने लगी। शिवाय आफिस से आते ही सीधे अपने रूम में चले गये। रूम में जाते हुए शिवाय की नज़र श्लोका सुमन के रूम पर ज़रूर गई। जो इस वक्त बंद था। आराम करते हुए उसे आज के डिनर की चिंता थी कि क्या होगा। और फिर वह मोबाइल देखने लगा। डिनर के टाइम शिवाय रेडी होकर जैसे ही बाहर गया। उसे बाहर सीढ़ी के पास श्लोका दिख गई। वह भी शायद नीचे डिनर करने जा रही थी। शिवाय ने देखा वह रेगूलर ड्रेस में थी। लेकिन हमेशा की तरह अच्छी लग रही थी। श्लोका सुमन कुछ सीढ़ी उतर कर वापस ऊपर चली आई। जहां पर शिवाय खड़े थे। नीचे कोई आया है क्या? श्लोका ने नीचे देखते हुए शिवाय से प...