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डोर धड़कन से बंधी | भाग 86 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 86 | Hindi Romantic Story

आज की रात बहुत मुश्किल भरी रात थी। हर कोई परेशान था। हर कोई जाग रहा था। अगली सुबह का सूरज एक नई उम्मीद एक नई रौशनी के साथ रौशन होगा। इसी उम्मीद के साथ हर कोई सुबह होने का इंतेज़ार कर रहा था। लेकिन शायद आज की रात बहुत लम्बी थी।  ♥️ श्लोका हाउस के गेट पर जैसे ही गाड़ी रूकती है। श्लोका शिवाय के बाहर निकलते ही प्रेम दौड़ कर श्लोका के गले लग जाता है। और पूजा शिवाय का हाथ थाम लेती है। सब अंदर जाते हैं। अंदर जाकर प्रेम शिवाय के गले लग जाता है। मुझे माफ कर दें प्लीज़…मैंने बहुत बड़ी गलती की है। प्रेम रो देता है। मेरा बच्चा…श्लोका भी दूसरी तरफ से प्रेम को थाम लेती है। कोई बात नहीं…गलतियां इंसान से ही होती हैं। शिवाय उसकी पीठ थपथपाते हुए कहते हैं। और वहीं सोफे पर बैठ जाते हैं। मौम काजल ने मुझे अंदर जाने नहीं दिया। मैं उस से प्यार करता था। मैंने हमेशा उसका ख्याल रखा था। लेकिन वह मुझे धोखा दे गई। उसका प्यार झूठा था मौम… मां को देख कर प्रेम के दर्द जाग उठे। मुहब्बत एक बहुत ही प्यारी और खूबसूरत चीज़ है।  मुहब्बत… जो किसी को मिल जाए तो इंसान को खुशकिस्मत समझना चाहिए। काजल बदनसीब है जो तुम्हा...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 84 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 84 | Hindi Romantic Story

अब तुम सब इंज्वॉय करो, हम थोड़ा आराम करके गांव के लिए निकल जायेंगे। शिवाय अंदर की तरफ जाते हुए कहते हैं। साथ में श्लोका भी बढ़ जाती है। अंदर कहां जा रहे हैं मिस्टर शिवाय सिंह ओबेरॉय?… काजल की तेज़ आवाज़ उन के कदम रोक देती है। साथ ही साथ हर किसी की नज़र काजल पर उठ जाती है। ओबेरॉय मेंशन अब मेरा है। और मैं नहीं चाहती कि कोई बाहर का आदमी मेरे घर में रहे। काजल मुस्कुरा कर शिवाय से कहती है। काजल यह क्या कह रही हो? प्रेम जल्दी से उसके पास जाकर कहता है।  शायद तुम ने ठीक से सुना नहीं मिस्टर प्रेम सिंह ओबेरॉय यह घर अब मेरा है। काजल एक बार फिर कहती है। काजल यह घर हमने तुम्हारे नाम कर दिया है लेकिन हम सब यहां साथ में रहेंगे। प्रेम को तो समझ ही नहीं आ रहा था कि वह काजल को कैसे समझाए। चलो श्लोका…शिवाय श्लोका का हाथ थाम कर बाहर की तरफ मुड़ते हैं। नहीं डैड आप कहीं नहीं जायेंगे। हम सब यहीं पर साथ में रहेंगे। प्रेम श्लोका का हाथ पकड़ कर अंदर की तरफ बढ़ता है। नहीं प्रेम तुम और काजल यहां पर रहो। हम को गांव के लिए निकलना है। श्लोका प्रेम का हाथ छुड़ा कर वापस मुड़ जाती है। हर कोई खामोश रहता है क्योंकि श...