डोर धड़कन से बंधी | भाग 75 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 75 | Hindi Romantic Story
लौट आओ शिवाय…तुम्हारा यह दोस्त बहुत अकेला हो गया है। आदर्श मन ही मन शिवाय को याद करते हैं। और उस रोड पर गाड़ी घुमा देते हैं जहां उन्हें आखरी बार छोड़ा था। शिवाय को सिर्फ एक झलक देखने के लिए आदर्श हर रोज़ सड़कों पर यूं ही घूमते रहते। लेकिन उन का दोस्त उन्हें कहीं नहीं मिलता। ♥️ जब से शिवाय एक आम इंसान बने थे तो वह आम लोगों की ज़िंदगी को बहुत करीब से देख रहे थे। यह तजुर्बा उन के लिए बिल्कुल नया था। वह बहुत सारे लोगों से मिले थे। लेकिन हमेशा एक बिज़नेस मैन की हैसियत से मिले थे, मगर आज वह एक आम इंसान थे। आज वह सामने वाले से बात करते तो शिवाय सिंह ओबेरॉय बल्कि एक मामूली शिवाय होता। जिसकी शख्सियत भले ही आकर्षित थी, लेकिन उन का पहनावा बिल्कुल आम सा था। आज भी शिवाय अपनी ड्यूटी खत्म करके यूं ही बाज़ार में घूम रहे थे। लोगों से मिलना उनसे बातें करना शिवाय को अच्छा लगता था। लेकिन एक आम इंसान से बात कर के उन के दुख, मुश्किल और परेशानी देख कर शिवाय को फिक्र हो जाती। हर कोई उलझा हुआ था। हर किसी की अपनी एक अलग परेशानी थी। और उन परेशानियों में सब से बड़ी परेशानी जो थी वह था...