वह अजनबी | Short Inspirational Stories About Kindness and Life Lessons
🖋️ जहाज़ से उतरते ही कशफ हर तरफ परेशानी से देखती है। जहाज़ का सफर तो वह हमेशा करती रही है। लेकिन उस के साथ यह पहली बार हो रहा था। अपने दोनों छोटे बच्चों का हाथ थामे वह आगे बढ़ती है। वह सोचती है ऐसे ही घर पहुंच जायेगी। लेकिन फिर वह रूक जाती है। सुनिए.... आप दो मिनट मेरे बच्चों को देख लेंगे? मैं वॉशरूम से आती हूं। कशफ सवालिया नज़रों से उस शख्स की तरफ देखती है। जो शक्ल सूरत से सरीफ लग रहा था। ठीक है। आप जाएं। वह उन दोनों बच्चों का हाथ थाम लेता है। कशफ तेज़ी से वॉशरूम की तरफ जाती है। आप का बहुत-बहुत शुक्रिया। कशफ वापस आकर उस शख्स का शुक्रिया अदा करती है। और दोनों बच्चों का हाथ थाम कर आगे बढ़ जाती है। सुनिए.... जी....कशफ रूक कर वापस मुड़ती है। और उस शख्स की तरफ देखती है। आज के बाद कभी किसी अंजान व्यक्ति के पास इस तरह बच्चों को मत छोड़ना। क्योंकि हर व्यक्ति खालिद समीर नहीं होता। कहते ही वह शख्स आगे बढ़ गया। और कशफ को लगा उसके जिस्म से जान निकल गई है। उसके पैर पत्थर के हो गए हो। उसके मुंह में अल्फाज़ नहीं है। उसने पलक झपकाई। शुक्र के साथ आसमान की तरफ देख कर आंखों...