100 रंग ज़िंदगी के

मेरे अल्फाज़....

हर इंसान की ज़िंदगी छोटे-छोटे लम्हों से बनी होती है। यह लम्हें ही हमारी पहचान बनाते हैं। यह किताब उन्हीं लम्हों की गहराई को कम शब्दों में समेटने की कोशिश है।

"100 रंग ज़िंदगी के" सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं का दर्पण है। हर शब्द में एक कहानी छुपी है, हर एहसास में एक ज़िंदगी की झलक। यह किताब एक पल आपकी आंखें नम कर जायेगी। तो वहीं अगले पल आपके होठों पर मुस्कान ले आयेगी। 

शब्दों के इस सफर में आइए, अपने ही दिल की गहराइयों से मिलिए।


धन्यवाद 


लेखिका 

अंजुम अंसारी 

(Little_Star)


टाइटल

100 रंग ज़िंदगी के 

( हर लम्हा एक नया रंग)


ज़िंदगी-

हर पल बदलती तस्वीर, कभी धूप कभी छांव।

जन्म- ‌‌

एक नई कहानी की शुरुआत। 

सांस-
ज़िंदगी का पहला एहसास।

रोना-
दुनिया में पहला संवाद।

मां की गोद- 
सबसे पहले जन्नत।

पिता का एहसास- 
सुरक्षा का पहला नाम।

मुस्कान-
बिना शब्दों की खुशी।

सोना- 
निश्चितता का पहला आलिंगन।

जागना- 
सपनों से हकीकत की ओर पहला सफर।   कदम ।।। सपनों से हकीकत तक का सफर

किलकारी-
मासूमियत की पहली झलक।

बैठना- 
संभलने की पहली कोशिश।

चलना-
आगे बढ़ने की शुरुआत। 

दौड़ना-
सपनों की तरफ पहला कदम।  सपनों की तरफ बेखौफ कदम

खेलना-
नादानी में खुशियों का संसार।

बातें- 
पहली बार खुद को जताना। खुद को बयां करना

ज़िद- 
अपनी चाहत को जताना।।।। ना मानने की पहली हिम्मत ।।। अपनी चाहत को मनवाना

रूठना- 
प्यार की पहली परीक्षा।

मचलना- 
मासूमियत का अधिकार।

सीखना-
हर दिन एक नया सबक।।।।

सवाल-
जिज्ञासा का पहला कदम।।। जिज्ञासा की शुरुआत।।।। जब क्यों जन्म लेता है 

जवाब- 
सीखने की पहली सीढ़ी। ।।।पहली ।।।। जो नए सवाल पैदा करता है।।। जो हर सवाल को खत्म नहीं करता।

पढ़ना-
दुनिया को समझने की चाबी।।।। पहली चाबी

लिखना-
अपने अस्तित्व की छाप।

पेंसिल- 
अक्षरों से दोस्ती की शुरुआत।।।। अक्षरों से पहली दोस्ती।

कागज़- 
कल्पनाओं का पहला सफर। पहला % ।।।। जहां शब्द जन्म लेते हैं।

कलर-
सपनों को रंग देने की कोशिश। ।।। सपनों को रंग देना

विद्यालय- 
पहला अनुशासन।

बेफिक्री- 
जिम्मेदारियों से परे दुनिया। 

कॉलेज-
सपनों की आजादी। ।।। खुद को चुनने की आज़ादी 

मस्ती- 
यादों का खज़ाना।

छुट्टी- 
ज़िंदगी का छोटा सा ब्रेक।

मेहनत-
सफलता की पहली शर्त।

सपने- 
आंखों में चमकते सितारे।।।। जो सोने नहीं देते।

कोशिश- 
नामुमकिन को मुमकिन करने की हिम्मत।

दोस्ती-
बिना शर्त के अपनापन।

प्यार- 
दिल की सबसे पहली धड़कन।

बेवफ़ाई-
भरोसे की पहली दरार।

मिलना-
उम्मीद का पहला कदम।

बिछड़ना-
अधूरेपन का पहला एहसास।।।। अधूरेपन का एहसास 

संगीत-
आत्मा की भाषा। जो दिल से बात करता है 

त्योहार-
खुशियों की गूंज।

संस्कार-
जो इंसान को इंसान बनाते हैं।।। जो चुपचाप साथ चलते हैं।

नौकरी-
ज़िम्मेदारी की पहली सीढ़ी। पहली@

पैसा- 
सुख का साधन, शांति नहीं।

विवाह-
ज़िंदगी का पवित्र बंधन।

बच्चे-
खुद को नए रूप में देखना।

ज़िम्मेदारी-
कंधों का बोझ या दिल का सुकून।

निर्णय-
सही और गलत के बीच की द्वंद्व। दिल और दिमाग की जंग

त्याग-
प्यार की सबसे ऊंची मूरत।

थकान-
मेहनत का असली सुकून।

दिलासा-
उम्मीद की सबसे मीठी आवाज़।

उम्मीद-
अंधेरे में जलता दीपक।

हारना-
सीखने का दूसरा नाम। सिखने का सबसे कड़वा नाम

जीतना-
मेहनत का सबसे मीठा फल।

सबक-
ज़िंदगी का सबसे अच्छा शिक्षक।

मुश्किलें-
इम्तिहान और पहचान का दौर।

गलती-
हर इंसान की पहचान।

माफी-
दिल से बोझ हटाने की ताकत।

नफरत-
आत्मा को जलाने वाली आग।

अहंकार-
सबसे बड़ी हार की जड़।

परिवार-
बिना शर्त प्यार की दुनिया। 

महफिल-
हंसी और यादों का संगम। 

संबंध-
प्यारा और परवाह का एहसास। 

इंसाफ-
सच की खोज।

भरोसा-
जो टूट जाए, तो फिर जुड़ता नहीं।

चुनौतियां-
आत्मविश्वास की परीक्षा।

संघर्ष-
जीत से पहले की तैयारी।

वाद-विवाद-
विचारों की रणभूमि, शब्दों की तलवार। 

अनुभव-
ज़िंदगी का असली ज्ञान।

यादें-
जो कभी पुरानी नहीं होती। 

स्नेह-
बिना शब्दों के गहरा अपनापन।

उत्साह-
जिंदगी को जिंदादिली से जीने की चाह। लगन

ख्वाहिश-
मन की कभी ना खत्म होने वाली भूख।

एकता-
जब मैं की जगह हम आ जाए।

समझौता-
वक्त की सबसे कड़वी सच्चाई।

एहसास-
दिल की अनकही बातें।

शोहरत-
पल में आकाश, पल में ज़मीन।

इज़्ज़त-
कमाने में सालों, गंवाने में सेकेंड।

समय-
जो कभी किसी के लिए नहीं रुकता।

स्वार्थ-
दुनिया की सबसे कड़वी सच्चाई।

धोखा-
विश्वास पर पड़ा सबसे गहरा घाव। 

दर्द-
इंसानियत की पहचान।

पछतावा-
बीते वक्त का रोना।

दुआ-
दिल से निकली सबसे सच्ची आवाज़।

जुदाई-
मिलने से ज्यादा दर्द भरी।

समर्पण-
बिना शर्त की मोहब्बत। 

कर्म-
जो बोओगे वही काटोगे। 

उदासी-
मां की चुप्पी।

तन्हाई-
भीड़ में अकेला होने का एहसास।

रौशनी-
अंधेरे के बाद की नई उम्मीद।

यात्रा- 
अंत तक चलते रहने की ज़िद।

परछाई-
उजाले में साथ, अंधेरे में गायब।

सुकून-
जब दिल और दिमाग दोनों शांत हो।

शरीर-
मिट्टी से बना घर।

आत्मा-
जो कभी नहीं मरती।

नाम-
पहचान से बड़ा कुछ नहीं।

नैतिकता-
इंसान चला जाता है, कर्म रह जाते हैं।

मौत-
ज़िंदगी की आखिरी हकीकत।

अंत-
हर कहानी का मुकाम।

खामोशी-
जब सब खत्म हो जाता है।  


हर शब्द एक कहानी, हर एहसास एक सफर। कुछ छूट गया होगा, कुछ अधूरा रह गया होगा। "यही तो ज़िंदगी है-  अधूरी मगर खूबसूरत!"





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