कद्दू-साबूदाना की स्वादिष्ट और हेल्दी खीर रेसिपी | Pumpkin Sabudana Kheer | Healthy Indian Dessert

कद्दू-साबूदाना की खीर बनाने की सरल रेसिपी....

जब भी कुछ मीठा और सेहतमंद खाने का मन हो, तो खीर से बेहतर क्या हो सकता है! लेकिन अगर आप कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं, तो पेश है एक खास ट्विस्ट वाली रेसिपी – कद्दू-साबूदाना की खीर। यह खीर ना सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। व्रत में भी इसे खाया जा सकता है और रोज़ाना के मीठे में भी यह एक पौष्टिक विकल्प है। आइए सीखते हैं इसे बनाने का आसान तरीका।


आवश्यक सामग्री:

1. कद्दू (पीला या सफेद) - 1 कप (कद्दूकस किया हुआ)

2. साबूदाना - 1/2 कप (2 घंटे भिगोया हुआ)

3. दूध - 1 लीटर

4. चीनी - 1/2 कप (स्वादानुसार)

5. घी - 1 टेबलस्पून

6. इलायची पाउडर - 1/2 टीस्पून

7. काजू, बादाम, पिस्ता - सजावट के लिए

8. केसर - 7-8 धागे (गर्म दूध में भिगोए हुए)

बनाने की विधि:

1. साबूदाना तैयार करें:

साबूदाने को धोकर 2 घंटे पानी में भिगो दें। फिर इसे छान लें।

2. कद्दू भूनें:

एक कढ़ाई में घी गर्म करें।

उसमें कद्दूकस किया हुआ कद्दू डालकर धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक भूनें, जब तक वह नरम न हो जाए।

3. दूध उबालें:

एक गहरे बर्तन में दूध गरम करें।

जब दूध में उबाल आ जाए, तो उसमें साबूदाना डालें और मध्यम आंच पर पकाएं।

4. कद्दू मिलाएं:

जब साबूदाना पारदर्शी और नरम हो जाए, तो उसमें भुना हुआ कद्दू डाल दें।

इसे 5-7 मिनट तक पकाएं, ताकि सभी सामग्री अच्छे से मिल जाए।

5. चीनी और इलायची डालें:

खीर में चीनी और इलायची पाउडर डालें।

केसर का दूध भी डाल दें और इसे 2-3 मिनट तक पकने दें।

6. सजावट करें:

खीर को कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता से सजाएं।

7. परोसें:

गरमा-गरम या ठंडी खीर परोसें।

टिप: आप इसमें नारियल का दूध और गुड़ का इस्तेमाल कर इसे और हेल्दी बना सकते हैं।

इस खीर का स्वाद बेहद खास और पौष्टिक होता है।

बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें:

1. साबूदाना सही से भीगना चाहिए:

साबूदाना को धोकर कम से कम 2 घंटे पानी में भिगोएं ताकि वह अच्छे से फूल जाए और पकाने पर चिपके नहीं।

2. कद्दू को अच्छी तरह भूनें:

भूनने से कद्दू का कच्चापन दूर होता है और इसका स्वाद निखरकर आता है। धीमी आंच पर ही भूनें।

3. दूध को गाढ़ा करें:

खीर का स्वाद बढ़ाने के लिए दूध को अच्छे से उबालें ताकि वह थोड़ा गाढ़ा हो जाए।

4. चीनी अंत में डालें:

चीनी को पकने के अंतिम चरण में डालें, जिससे दूध फटने का खतरा कम हो जाता है।

5. साबूदाना ज़्यादा न पकाएं:

जब साबूदाना पारदर्शी हो जाए, तभी उसे पकाना बंद कर दें वरना वह गाढ़ा होकर चिपचिपा हो सकता है।


टिप्स और ट्रिक्स:


गुड़ का इस्तेमाल:

अगर हेल्दी विकल्प चाहें तो चीनी की जगह गुड़ डालें (गुड़ डालते समय दूध थोड़ा ठंडा कर लें ताकि वह फटे नहीं)।


नारियल दूध से ट्विस्ट:

एक भाग में नारियल का दूध मिलाकर एक नया स्वाद पाएं – यह खासतौर पर व्रत में फायदेमंद होता है।


फ्रेश कद्दू इस्तेमाल करें:

पुराना या बासी कद्दू मिठास में असर डाल सकता है। ताज़ा कद्दू लें और अच्छी तरह धो लें।


खीर को ठंडा भी सर्व करें:

यह खीर ठंडी होने पर भी बहुत स्वादिष्ट लगती है, खासकर गर्मियों में।


ड्राय फ्रूट्स रोस्ट करें:

काजू, बादाम, पिस्ता को घी में हल्का भूनकर डालें, इससे स्वाद और भी बढ़ेगा।


पोषण से भरपूर – कद्दू और साबूदाना:


1. कद्दू के फायदे:


कद्दू फाइबर, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।


यह पाचन में मदद करता है और त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है।


कम कैलोरी होने के कारण यह वजन कम करने वालों के लिए आदर्श है।



2. साबूदाना क्यों है खास?


साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जो तुरंत ऊर्जा देता है।


यह व्रत के दौरान शरीर को ताकत देता है।


इसमें आयरन और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए अच्छा होता है।

स्वाद में वैरायटी – इन ट्विस्ट्स को भी आज़माएं:


1. फ्यूजन फ्लेवर – चॉकलेट कद्दू-साबूदाना खीर:

बच्चों को पसंद आने वाला ट्विस्ट!

खीर के ठंडी होने पर थोड़ा कोको पाउडर या डार्क चॉकलेट मिलाएं।



2. ड्रायफ्रूट खीर वैरायटी:

कद्दू और साबूदाने के साथ थोड़ा मखाना, अखरोट या अंजीर डालें।

इससे खीर और भी पौष्टिक और रिच हो जाएगी।



3. शुगर फ्री ऑप्शन:

डायबिटिक के लिए शुगर की जगह स्टेविया या डेट सिरप (खजूर का सिरप) डालें।



4. प्लांट-बेस्ड खीर:

दूध की जगह बादाम दूध या सोया मिल्क का इस्तेमाल करें। यह वेगन डाइट वालों के लिए बढ़िया है।


इंटरस्टिंग फैक्ट्स:

1. कद्दू को भारत में 'सुपरफूड' माना गया है, खासकर ग्रामीण इलाकों में इसे बच्चा और बुजुर्ग दोनों के लिए आदर्श माना जाता है।


2. साबूदाना तकनीकी रूप से टैपियोक starch से बनता है, जिसे कसावा पौधे की जड़ से निकाला जाता है — यह ग्लूटेन-फ्री होता है।


3. यह खीर व्रत, उपवास, या त्योहारों (जैसे नवरात्रि, एकादशी) में बेहद लोकप्रिय है।


Comments

Popular posts from this blog

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 1 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 1 | Emotional Hindi Romance

नादां तेरे शहर को | Desolate Memories of a Mother's Love

दिल दोस्ती और प्यार | Heartstrings of Love, Friendship, and Trust