धड़कन | भाग 5 | Dhadkan Part 5 | Heart Touching Hindi Love Story

तुम्हारी आंख बहुत खूबसूरत है। और तुम्हारे बाल भी, और तुम भी। शिवाय प्यार से उसके बाल की लटों को पीछे करते हुए कहा। और तुरंत वापस अपने रूम में चला जाता है।


श्लोका सुमन की आंखें जो नींद की वजह से पूरी खुल नहीं पा रही थी। शिवाय की बात सुनकर पूरी खुल जाती है।


वह बेड पर जाकर लेट जाती है। मगर उसकी नींद गायब हो चुकी थी।


शिवाय के अल्फाज़ उसके कानों में गूंज रहे थे। उसके होंठों पे मुस्कान आ गई। वह कुछ देर शिवाय की बातों को सोचती रही। और फिर सुकून से सो गई।


शिवाय बिस्तर पर लेटा तो उसकी आंखों में श्लोका का चेहरा था। उसकी बड़ी-बड़ी नींद से मदहोश आंखें उस के दिल को बेचैन कर गई।


अब मुझे जल्द से जल्द श्लोका से शादी करना है। शिवाय ने तुरंत फैसला ले लिया।


क्या श्लोका भी तुम को पसंद करती है। क्या वह तुम से शादी करेगी। शिवाय के दिल से आवाज़ आई। जिसे सुन कर वह बैचैन हो गया। क्योंकि वह नहीं जानता था कि श्लोका के मन में उसके लिए क्या फीलिंग है? और इन्हीं उलझनों में उसे नींद आ गई।


नाश्ते की टेबल पर सिर्फ श्लोका और सुधीर जी थे। शिवाय नहीं थे।


संडे को शिवाय देर से उठता है।


अंकल ने उसे बताया। लेकिन उस ने अंकल का कोई जवाब नहीं दिया।


नाश्ता करके वह दोनों बाहर हॉल में आ गये। आज सुधीर जी को आफिस जाना नहीं था। वह भी फुर्सत से थे। वह दोनों बैठ कर बातें करने लगे। 


थोड़ी देर बाद ममता जी भी रूम से बाहर आ गई। और सब को गुड मॉर्निंग बोल कर नाश्ता करने चली गई। 


उसी वक्त शिवाय भी ऊपर से आ गया। उसने देखा कि डैड और श्लोका हॉल में हैं तो वह भी वहीं पर आकर बैठ गया। और दोनों को गुड मॉर्निंग कहा। श्लोका ने शिवाय की तरफ देखा। उसे रात की बात याद आ गई।


शिवाय की आंख के सामने भी रात वाला मंज़र आ गया। उस के होंठों पर मुस्कान आ गई।


शिवाय ब्रेक फास्ट कर लो। सुधीर जी ने प्यार से कहा।


जी डैड कर रहा हूं। शिवाय मोबाइल देखते हुए कहता है।


उसी वक्त ममता जी भी नाश्ता करके वहीं आ गई।


मिसेज रंजना का फोन आया था। उनके बुटिक में एक टेलर है मनोज, उस के लिए वह चाहती हैं कि सुमन से उसकी शादी कर दी जाए। मुझे भी सही लग रहा है। उन्होंने उस रात डिनर करते हुए सुमन को देखा था। उन्हें सुमन पसंद आ गई।


ममता जी ने सब को देखते हुए कहा।


मैंने तुम से कहा था कि तुम्हें सुमन के बारे में परेशान होने की ज़रूरत नहीं है उसके बाद भी तुम अपना बकवास सा रिश्ता लेकर मेरे सामने बैठ गई।


सुधीर जी ने गुस्से से कहा।


ममता जी की बात सुनकर शिवाय को बहुत तेज़ गुस्सा आया था। लेकिन उसी वक्त सुधीर जी ने बोल दिया तो वह खामोश रह गया।


श्लोका सुमन के चेहरे का रंग बदल गया था। सुधीर जी ने सुमन को देखा। वह समझ रहे थे कि इस वक्त उस के दिल की क्या हालत हो रही होगी।


रिश्ता आया तो मैंने बता दिया। अब इस की शादी हमें ही करनी है। और हमारी सोसायटी में तो कोई इस से शादी करने से रहा। आज के ज़माने में हर कोई पढ़ी-लिखी लड़की चाहता है। अब आप ही बताएं एक गांव की लड़की से कौन शादी करना चाहेगा। इस लिए मनोज का रिश्ता मुझे ठीक लगा। अब आगे आप की मर्ज़ी।


ममता जी ने नाराज़गी से कहा।


सुधीर जी ने गुस्से से ममता जी को सिर्फ देखा। लेकिन बोले कुछ नहीं।


श्लोका सुमन खामोशी से उठ कर ऊपर चली गई।


श्लोका के जाते ही शिवाय भी नाश्ते के लिए उठ गया।


शिवाय....


ममता जी ने शिवाय को आवाज़ दी।


शिवाय पीछे मुड़ा। मगर खामोश ही रहा।


मिसेज वर्मा तुम्हारी और स्वीटी की शादी के लिए बात करना चाहती है। तुम्हें तो पता है वह हमेशा से तुम्हें अपना दामाद बनाना चाहती हैं।


ममता जी ने शिवाय को देखते हुए अपनी बात कही। सुधीर जी ने शिवाय को देखा। जिस का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था।


आप उन को मना कर दें। शिवाय बहुत ही शालीनता से अपने गुस्से को रोकते हुए कहता है।


डिनर पर तुम ने ही तो कहा था कि तुम अब शादी करने का सोच रहे हो।


ममता जी ने उसे डिनर टाइम की बात याद कराई।


मैंने शादी करने की बात कही थी। यह नहीं कहा था कि उन की बेटी से शादी करूंगा।


शिवाय ने गुस्से से कहा। अब उसे अपना गुस्सा रोकना मुश्किल हो गया।


कभी तो कहीं मेरे इज़्ज़त रख दिया करो।


ममता जी ने नाराज़गी से कहा।


पहले उस इज़्ज़त के लायक तो बनें आप। फिर देखिए मैं कैसे आप की इज़्ज़त करता हूं।


शिवाय ने ज़ख्मी नज़रों से ममता जी को देखते हुए कहा। और एक नज़र डैड को देख कर ऊपर चला गया। बिना नाश्ता किए हुए।


हो गई तसल्ली? कोई तो ऐसे काम किया करो जिससे उसको खुशी मिले।


सुधीर जी ने उदासी से कहा। उन्हें दुख हुआ शिवाय को दुखी देख कर।


मैं जितना भी उसके बारे में सोच लूं। लेकिन वह हमेशा मुझे गलत ही समझता है।


ममता जी ने भी गुस्से से कहा। और उठ कर अंदर चली गई।


श्लोका सुमन रूम में जाकर सोच रही थी कि क्या वह ऐसी है कि उसकी शादी एक मामूली टेलर से हो।


उसे आंटी की बात से दुख हुआ।


रूम में जाकर शिवाय का मूड अलग ही खराब था। जब उसका गुस्सा कुछ कम हुआ तो उसने अलमारी से एक बाक्स निकाला और श्लोका के रूम के पास चला गया। दरवाज़ा नॉक करके शिवाय ने थोड़ा सा दरवाज़ा खोल कर श्लोका को आवाज़ दी।


श्लोका.....


आ जाये।


श्लोका ने वहीं सोफे पर बैठे हुए ही कहा।


शिवाय अंदर आकर उसके सामने साफे पर बैठ गया।


मौम की बात के बारे में कुछ सोचने की जरूरत नहीं है।


शिवाय ने उसे देखते हुए कहा। जो इस वक्त बहुत उदास लग रही थी।


लेकिन श्लोका सुमन ने शिवाय की बात का कोई जवाब नहीं दिया।


यह लो तुम्हारा सेल फोन....


शिवाय ने बाक्स से फोन निकाल कर उसे देते हुए कहा।


मैंने जब मना किया था कि मुझे फोन की अभी ज़रूरत नहीं है तो आप क्यों लाये?


श्लोका सुमन ने नाराज़ हो कर कहा।


ज़रूरत है तभी तो लाया हूं वरना कभी नहीं लाता।


नहीं मुझे नहीं चाहिए।


श्लोका अभी भी नाराज़ थी। क्योंकि शिवाय उसके लिए आई फोन का बिल्कुल लेटेस्ट फोन लाये थे। 


इसे रखो। और अपना काम करो।


आज कल मोबाइल से बहुत सारे काम हो सकते हैं। बहुत सारे कोर्सेज हैं जिसे हम मोबाइल के जरिए सीख सकते हैं। शिवाय ने उसे समझाते हुए कहा।


लेकिन.....


लेकिन वेकिन कुछ नहीं, इसे रखो।


श्लोका सुमन ने कुछ कहना शुरू ही किया था कि शिवाय ने उसे रोक दिया। और उसे देखने लगा। कितनी आसानी से उसने उसके दिल में जगह बना ली थी। देखते-ही-देखते वह उसमें बिल्कुल खो गया। और एक ंझटके से उठ कर उसने हाथ आगे किया। और उसके बाल में लगे क्लैचर को छुड़ा कर वापस बैठ गया। उसके ऐसा करते ही श्लोका सुमन के सारे बाल बिखर गए।


शिवाय ने क्लौचर टेबल पर रख दिया। और उसे देखने लगा। शिवाय के इस तरह देखने पर श्लोका हड़बड़ा गई। वह जैसे ही उठ कर आगे बढ़ी, उसके पैर की उंगली टेबल से टकरा गई। वह वापस बैठ गई। और झुक कर अपनी उंगली को सहलाने लगी।


शिवाय भी तुरंत उठ कर उस के पास आ गया। और झुक कर उसकी उंगली को देखने लगा। श्लोका के सारे बाल उसके झुकते ही आगे आ गये थे। शिवाय ने बड़े प्यार से उसके बालों को पीछे किया। और उसे देखने लगा। कितनी सादगी थी उसके चेहरे पर। शिवाय मुस्कुरा दिया। और उसकी मुस्कराहट देख कर श्लोका सुमन होश में आ गई।


हां तो हम बात कर रहे थे..... शिवाय भी होश में आ गया। लेकिन उसे याद नहीं आया कि क्या बात कर रहे थे।


हम बात कर रहे थे मोबाइल के फायदे की। श्लोका सुमन ने मुस्कुराते हुए कहा।


और श्लोका सुमन की बात सुनकर शिवाय हंस पड़ा।


क्या हुआ? ऐसा क्या कह दिया जो आप इतना हंस पड़े।


श्लोका ने हैरानी से पूछा।


कुछ नहीं, तुम नहीं समझोगी। शिवाय तुरंत सीरियस हो गया।


एक बात पूछूं? प्लीज़ नाराज़ मत होना। शिवाय ने मासूम शक्ल बनाते हुए कहा।


शिवाय की शक्ल देख कर श्लोका को हंसी आ गई।


क्या हुआ? ऐसा क्या कह दिया जो तुम इतना हंस पड़ी।


शिवाय ने उसी के अंदाज़ में कहा।


कुछ नहीं, आप नहीं समझेंगे। श्लोका ने भी बिल्कुल उसी के अंदाज़ में कहा। और दोनों हंस पड़े।


हंसते हुए अच्छी लगती हो। शिवाय ने उसे देखते हुए कहा। और शिवाय के ऐसा कहते ही श्लोका की हंसी रूक जाती है।


जब दिल किसी को चाहने लगे और वह चाहत हमारे सामने हो तो अपने अन्दर एक अलग ही ऐहसास होता है।आंख चमकने लगती है। दिल और दिमाग में एक सुकून रहता है। लब बार-बार मुस्कुराते हैं। और दिल हर वक्त महबूब को देखने की चाह करता है।


जारी है...

धड़कन भाग 4

धड़कन भाग 6


















 

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