रूबरू | Part 10 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships
अगले ही पल एक मज़बूत हाथ उसके मुंह पर था। और दूसरा हाथ उसे झटके से घुमाकर दीवार की तरफ ले जा चुका था।
सब कुछ इतना तेज़ी से हुआ कि उसे समझने का मौका ही नहीं मिला।
श्श्श्...
कान के पास किसी की सांस महसूस हुई।
ठंडी, सख्त और डर पैदा करने वाली।
उसके खुद को छुड़ाने से पहले ही वह उसे खींचते हुए पास के दरवाज़े तक ले गया।
दरवाज़ा खुला-
और तुरंत बंद हो गया।
कमरे में नाइट लैंप जल रहा था।
अंदर जाते ही वह एक बार फिर खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है।
वह उसके मुंह से हाथ हटा कर झुक कर टेबल पर रखा फोन उठाकर बात करता है।
हाथ छोड़ो मेरा...
वह दर्द से कराह उठी।
उसी वक्त कुछ गार्ड तेज़ी से दरवाज़ा खोलकर अन्दर आ गए।
यह दादी की केयरटेकर है मायरा...
उसे देखते ही हेड गार्ड मिस्टर सुब्हान समझ गए कि ताबिश को गलतफहमी हुई है।
इतना सुनते ही ताबिश की पकड़ ढ़ीली पड़ गई।
हाथ छुटते ही उसने दूसरे हाथ से अपनी कलाई सहलाई जो बहुत तेज़ दर्द कर रही थी।
दर्द उसकी आंखों में भी आंसुओं की सूरत में दिख रहा था।
आप जा सकती हैं।
गार्ड ने इशारा किया।
वह तुरंत बाहर निकल गई।
साथ ही सारे गार्ड भी निकल जाते हैं। सिर्फ हेड गार्ड मिस्टर सुब्हान वहां पर रह जाते हैं।
केयरटेकर कैसे? बात तो कुछ और हुई थी। ताबिश खुद बैठ गया और उन्हें भी बैठने का इशारा किया।
यह दादी का फैसला था, हमें मानना पड़ा।
दादी ने यह फैसला क्यों लिया? जबकि वह सब जानती थीं।
वही तो हम भी समझ नहीं पाए। इसका रजिस्ट्रेशन भी नहीं था।
क्या? ताबिश की हैरानी बढ़ती जा रही थी।
जी, यह हमारे लिए खतरनाक हो सकती है। हमारी नज़र इस पर है।
यहां आने का इसका मकसद क्या है? हमें यही जानना है।
दादी ने ऐसा क्यों किया, यह मुझे नहीं पता। लेकिन दादी के फैसले के पीछे भी कोई वजह होगी। ताबिश उलझा हुआ था।
मैं सुबह दादी से बात करता हूं। आप इस पर नज़र रखें और मुझे पल-पल की खबर देते रहें।
जी, हम देख रहे हैं। अगर आप कहें तो उसके कमरे का कैमरा आन कर दें। मिस्टर सुब्हान उठ खड़े हुए।
नहीं, ताबिश ने तुरंत मना कर दिया। वह जो कोई भी है, एक लड़की तो है... यह गलत है।
सॉरी सर... मैं आपको अपडेट देता रहूंगा। कहते ही मिस्टर सुब्हान आगे बढ़े। तभी उनका फोन बजा।
सर मायरा बाहर हॉल में कुछ ढ़ूंढ़ रही है। फोन सुनकर रखते ही वह ताबिश से कहते हैं।
चलें देखते हैं... उसकी इतनी हिम्मत कि अभी पकड़ी गई है उसके बावजूद अपने काम में लगी है। ताबिश गुस्से से कहता हुआ बाहर निकलता है।
उनके हॉल में जाते ही सारी लाइटें एक साथ जल गईं।
वह जो दराज़ में सर झुकाए हुए थी तेज़ रौशनी पर सिर उठाकर देखती है।
आंसुओं से डबडबाई आंखें चेहरे पर दर्द की लकीरें हर किसी को साफ नज़र आ गईं।
आप यहां पर क्या कर रही हैं? मिस्टर सुब्हान उसके दर्द को नज़रंदाज़ करके सख्ती से पूछते हैं।
ताबिश की नज़र भी उसी पर जमी थी।
जी वह... कहते-कहते वह रुक गई।
वह क्या? गार्ड उसकी तरफ बढ़े।
मेरे हाथ में बहुत तेज़ दर्द हो रहा है कोई क्रीम या दवा ढूंढ रही थी।
कहते-कहते उसकी नज़र ताबिश पर उठ गई।
क्या हुआ हाथ में? गार्ड ने जानना चाहा।
डॉक्टर को बुलाएं। ताबिश हुक्म देता है और सब को जाने का इशारा करता है।
उसी वक्त डॉक्टर आ गए। ताबिश उसकी तरफ इशारा करते हैं।
बैठ जाएं... डॉक्टर सोफे की तरफ इशारा करते हैं।
वह सोफे के किनारे टिककर बैठ गई।
दर्द क्यों है? कोई वजह? डॉक्टर ने जानना चाहा।
एक बेरहम इंसान की मेहरबानी है। वह गुस्से से बोली।
उसकी बात पर ताबिश को बहुत तेज़ गुस्सा आया। मगर वह खामोश रहा।
डॉक्टर मामले की नज़ाकत देखते हुए समझ जाते हैं। और खामोशी से उसका हाथ देखकर दवा लिखकर उसके हाथ पर गर्म पट्टी बांध देते है।
कुछ खाकर आप यह दवा ले लें, आपको आराम आ जायेगा। कहते ही वह उठकर एक नज़र ताबिश को देखते हैं। ताबिश इशारे में उनसे कुछ कहता है। और डॉक्टर बाहर निकल जाते हैं।
डॉक्टर के जाते ही मायरा भी उठकर आगे बढ़ जाती है।
इधर कहां जा रही है तुम? वह उसे अन्दर की ओर जाते देख हैरानी से पूछता है।
लेकिन वह कोई जवाब देने के बजाए खामोशी से आगे बढ़ती रही।
लगता है दूसरे हाथ से भी हाथ धोना चाहती हैं। ताबिश उसके सामने जाकर खड़ा हुआ।
लीजिए इस पर भी अपनी करम-नवाज़ी कर दीजिए। उसने दूसरा हाथ सामने कर दिया।
मेरी बात का जवाब दो। वह उलझना नहीं चाहता था।
वह मेरा कमरा है। उसने सामने वाले कमरे की ओर इशार किया।
वह तुम्हारा रूम है? वह हैरान हुआ।
जी, कहते हुए वह आगे बढ़ गई।
कमरे में जाकर वह दरवाज़ा बंद कर लेती है।
दवा टेबल पर रखकर वह पानी का बोतल लेकर बैठ जाती है। खाने का तो कुछ है ही नहीं। वह मन ही मन सोचती है।
तभी दरवाज़ा खुलता है। ताबिश अंदर आकर टेबल पर ड्राई फ्रूट्स का बॉक्स रखकर सामने सोफे पर बैठ जाता है।
वह बॉक्स खोलकर चुपचाप खाने लगती है। थोड़ा सा खाकर जैसे ही वह दवा की तरफ हाथ बढ़ाती है। ताबिश ने हाथ बढ़ाकर दवा उठा ली। दवा खोलकर उसके सामने हथेली फैला दी। वह चुपचाप दवा उठा लेती है।
मायरा के दवा खाते ही वह उठ खड़ा हुआ। और दरवाज़े की ओर बढ़ गया।
इतनी मेहरबानी के लिए शुक्रिया, मिस्टर बॉस...
उसकी बात पर ताबिश के कदम रूक गए। पलट कर एक नज़र उस पर डाली। उसके आंखों की नमी और कठोर चेहरा देखकर वह हैरान कर गया। वह वापस पलटकर सीधा बाहर निकल गया।
ताबिश के जाते ही वह बेतहाशा रो पड़ी। उसे मम्मी की याद आ गई। उसके ज़रा सी तफलीफ पर वह घंटों उसके पास बैठी रहती थीं। इस वक्त उसे अपने दर्द से ज़्यादा अपनी तन्हाई पर रोना आ रहा था।
...
अपने कमरे में जाकर ताबिश बेड पर लेट कर आंख बंद लेता है। आंख बंद करते ही उसके आंखों के सामने गुज़रे हुए सारे मंज़र घूम जाते हैं।
मायरा तुम यहां क्यों आई हो? तुम्हारा यहां आने का क्या मकसद है वह तो मैं पता लगा ही लूंगा। लेकिन मैं यहां पर तुम्हारा जीना हराम कर दूंगी। वह मन ही मन सोचता है।
या अल्लाह हमारी मुश्किलों का कब अंत होगा...सोचते हुए उसकी आंखों में बहुत सारा पानी जमा हो जाता है। जिन्हें वह रोकता नहीं है बहने देता है। शायद यह आंसू ही अब उसका मुकद्दर है।
...
सुबह नाश्ते की टेबल पर दादी बैठी ताबिश का इंतेज़ार कर रही थीं। रात उनके सोने के बाद वह आया था।
मायरा अभी तक नहीं आई। वह मन में सोचती हैं। तभी ताबिश आकर सलाम करके उनके गले लग जाता है।
कैसा है मेरा बच्चा? दादी ने प्यार से उसका गाल छू कर पूछा।
ठीक हूं दादी... आप बताएं?
तुम आ गए ना, अब ठीक हूं।
अस्सलाम वालेकुम तभी पीछे से मायरा आकर सलाम करती है।
सॉरी दादी लेट हो गई।
वालेकुम अस्सलाम, यह हाथ में क्या हुआ? मेरे सोने तक तो बिल्कुल ठीक था।
दादी हैरानी से उसके हाथ की ओर इशारा करती हैं।
रात को एक शैतान से टक्कर हो गई थी। मायरा ताबिश को देखकर बोली।
ताबिश दांत पीस पर रह गया। एक ही दिन में इतनी हिम्मत आ गई।
यह पट्टी किसने की? अब ठीक है ना? दादी को मामला समझ ही नहीं आ रहा था।
जी दादी अब ठीक हूं, एक फरिश्ते ने इलाज करा दिया। वह सुकून से कहती है।
मुझे तो तुम्हारी बातें समझ ही नहीं आ रही हैं कि क्या बोल रही हो। यह बताओ तुम इसी दुनिया की हो ना? दादी मुस्कुरा कर बोलीं।
जी दादी बेफिक्र रहे, मैं इसी दुनिया की हूं। मायरा भी मुस्कुरा दी।
यह कौन है दादी? ताबिश अनजान बना।
यह मेरी केयरटेकर है। कल ही इसने ज्वाइन किया है। दादी खुशी से कहती हैं।
जो अपनी केयर ना कर सके वह आपकी केयरटेकर... ताबिश ज़ोर से हंसता है।
मिस्टर बॉस हंस लो जितना हंसना है... आप के रोने के दिन आ गए हैं।
जारी है...
रूबरू भाग 11
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