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Showing posts from September, 2025

इश्क जान | Ishq Jaan Part 1 | Heartfelt Romance & Wedding Story

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बड़ा घर, बड़ा परिवार शादी का घर हर तरफ शोर शराबा। सारे परदेसी आ गये थे शादी अटेंड करने के लिए। और जो नहीं आये थे। वह भी आज कल में पहुंचने वाले थे। जो इसी शहर के रिश्तेदार थे। उनका तो रात दिन आना जाना लगा ही रहता था। हर तरफ कहकहे हर तरफ उल्लास था। किसी को शादी में आने की खुशी थी। तो किसी को अपनों से मिलने की खुशी थी तो किसी को अपने देश अपने घर आकर खुशी हो रही थी।  शाम को हल्दी का प्रोग्राम था।  खानदान के सबसे रईस इंसान अरविन्द सिंह के बेटे जगविंदर सिंह की शादी थी।  शाम होते-होते सारे रिश्तेदार हॉल में आना शुरू हो गये थे। जहां पर हल्दी का प्रोग्राम था।  हर कोई एक दूसरे से मिल रहा था।  शजल ने भी हॉल में आकर सबसे मिलना शुरू कर दिया था। दो साल पहले इसी तरह वह लोग इकट्ठा हुए थे। और आज उसी तरह एक बार फिर सब लोग इकट्ठा हुए हैं। शजल की खूबसूरती और उसके इखलाक का हर कोई कायल था। दिलकश अंदाज़, धीरे से बात करना, हाज़िर जवाबी में वह मशहूर थी। मगर कहकहे बहुत ज़बरदस्त लगाती थी। वह कहती थी हंसो तो दिल खोल के हंसों। रज़ील की निगाहें बेताबी से किसी को ढूंढ रही थी।  शजल ने देख...

रूबरू | Part 5 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

आज उसे आकिल का रवैया कुछ अलग लग रहा था। वैसे तो वह और आकिल घर पर साथ रहते खाते-पीते हंसी मज़ाक सब होता था।  अपने हर काम के वक्त आकिल को ही याद करती थी। और वह भी खुशी-खुशी कर देता था। लेकिन आज आकिल की आंखों में कुछ और ही था।  शायद मैंने आज से पहले आकिल को इतने ध्यान से नहीं देखा था। वह खुद को समझाती है। मुझ से शादी करोगी?… आकिल शांत था। क्या? अशमारा हैरान थी। मुझ से शादी करोगी? वह अपनी बात दोहराता है। अचानक से यह शादी?… अशमारा भी सीरियस हो गई। यह अचानक नहीं, मैं हमेशा से तुम से शादी करना चाहता था। मैं तुम को पसंद करता हूं। आकिल मुस्कुरा कर कहता है। अच्छा ऐसा…लेकिन मुझे कभी लगा नहीं कि तुम…अशमारा कहते-कहते बात अधूरी छोड़ देती है। तुम्हें नहीं लगा क्योंकि मैंने कभी ज़ाहिर नहीं किया। ठीक है करुंगी… क्या?… आकिल को यकीन नहीं हुआ कि वह इतना जल्दी मान जायेगी। हां, लेकिन मेरी एक शर्त है…मैं अपने अम्मी अब्बू का हमेशा ख्याल रखूंगी, मेरी कमाई पर मेरे मां बाप का भी हक होगा, बोलो मंज़ूर है?… अशमारा बहुत सुकून से कहती है। नहीं, आकिल भी बहुत सुकून से कहता है। अशमारा हैरानी से उसे देखती है। वह...

रूबरू | Part 4 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

यह मैं मायरा की शादी पर दूंगी। रूकय्या खुशी से कहती हैं। यह मायरा कौन हैं? आकिल हैरानी से पूछता है। तू मायरा को नहीं जानता? अशमारा आंख दिखाते हुए पूछती है। सॉरी याद आ गया…आकिल कान पकड़ लेता है। शुक्र है याद आ गया। वरना तुम बच नहीं पाते मुझसे।  अशमारा हंसते हुए कहती है। हमेशा तो हम तुम को अशमारा कहते हैं अब यह बात कैसे याद रहेगी कि अशमारा का असली नाम मायरा है। आकिल उसे तंग करता है। वैसे मायरा उतना बुरा नहीं जितना तुम्हें लगता है शादी के बाद मैं तुम को मायरा ही कहूंगा। आकिल खुशी से कहता है। किस की शादी के बाद? अशमारा हैरानी से पूछती है। तुम्हारी और किसकी… आकिल तुरंत बात संभाल लेता है। लेकिन रूकय्या हैरानी से आकिल को देखती हैं। जी नहीं, मुझे मायरा पसंद नहीं है इसी लिए तो मैंने अपना नाम अशमारा रख लिया है। लेकिन तुम्हारे सारे डाक्यूमेंट्स में तो मायरा ही लिखा है। आकिल उसे चिढ़ाता है। कोई बात नहीं, लेकिन मुझे मायरा पसंद नहीं, अब्बू ने मायरा भी अच्छा सोच कर ही रखा होगा।  अशमारा जल्दी से कहती है। अच्छा अब नाराज़ मत हो मायरा…आकिल एक बार फिर शरारत करता है। और कहते ही बाहर निकल जाता है। ...

रूबरू | Part 3 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

ताबिश हड़बड़ा कर उठ जाता है।  सभी गार्ड एक्टिव हो जाते हैं। तभी एक तेज़ चींख सुनाई देती हैं… दानिश… हर कोई दानिश के रुम के तरफ दौड़ता है। और सीधे उसके रूम में अंदर चले जाते हैं। दानिश बाथरूम में था। वह बाहर आता है। दानिश तुम ठीक हो? दादी उसे थामते हुए पूछती हैं। हां दादी मैं ठीक हूं। तो फिर वह चींख किसकी थी? दादी परेशान हुईं। मैं गार्ड से पता करता हूं। दानिश तुरंत गार्ड को फोन करते हैं। माली काका के रिश्तेदार थे वही चींखे थे। फायरिंग की आवाज़ से वह डर गये थे शायद। माली काका के रिश्तेदार बिना परमीशन के आये कैसे? यह पता करना है। दानिश बाहर जाते हुए कहता है। मुझसे परमिशन ली थी। दादी धीरे से कहती हैं। आप जानती हैं दादी कि दुश्मन हमारी जान के दुश्मन हैं उसके बावजूद… दानिश की आवाज़ सख्त होने लगी, इस लिए वह बोलते-बोलते खामोश हो गए। चलिए डिनर करते हैं। दानिश बाहर निकल गया। साथ ही साथ दादी और ताबिश भी निकल गए। डिनर के बाद वह तीनों हॉल में बैठे थे जब… कौन है वह जो हमारी जान के पीछे पढ़ गया है? दादी फिक्र करते हुए कहती है। आप फिक्र ना करें दादी, बहुत जल्द पता लग जायेगा कि वह कौन हैं? फिर वह ज...

रूबरू | Part 2 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुम किसी को पसंद करते हो? दादी उसके सिर पर हाथ फेरते हुए पूछती हैं। हां... ताबिश वैसे ही आंख बंद किए हुए जवाब देता है। किसे? दादी की हैरानी बढ़ती जा रही थी। वह हैरान थीं कि ताबिश किसी को पसंद करता है और उनको खबर नहीं। पता नहीं... ताबिश की आवाज़ बहुत धीमी थी। क्या मतलब? क्यों मुझे परेशान कर रहे हो। दादी नाराज़ हुईं। कुछ नहीं दादी आप लड़की देखें। अपने अंदर की उलझन से वह बाहर आ गया। कोई है तो बता दो... दादी की नज़र उसकी आंखों पर टिक गई।  शायद कोई अक्स, कोई चेहरा... मगर उन आंखों में उन्हें कुछ नज़र नहीं आया। ठीक है फिर मैं देखती हूं, और कल ज़रा आकिल से मिस ताहिरा के बारे में पता करूं। ठीक है दादी…ताबिश की आवाज़ धीमी थी। शायद उसका मन कहीं और था। कोई चेहरा, कोई याद या फिर कोई ख्वाब। ♥️ आप इतना गुस्से में क्यों हैं? शांति से बैठ जाएं। रुखसाना धीमी आवाज़ में कहती है। नहीं बैठ सकता मैं शांति से…जब तक मैं ब्लैक स्टोन को बर्बाद नहीं कर लेता, मैं सुकून से नहीं बैठ सकता। एक के बाद एक आर्डर उन को मिलता जा रहा है, और मैं बैठा तमाशा देख रहा हूं। सत्तार खान गुस्से से कहते हैं और कमरे से बाहर निकल ज...

रूबरू | Part 1 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

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दरवाज़े की घंटी लगातार बजती जा रही थी। कुछ पल बाद वह आवाज़ अचानक थम गई। तुम ना आंखें गड़ाए रहने इन हीरों में। चाची जान को दरवाज़ा खोलना पड़ा। अंदर आते ही मारिया शिकायत भरे लहजे में कहती है। साथ में ज़ोया भी थी। बहुत ज़रूरी रिसर्च कर रही थी... इसलिए उठ नहीं सकी, अशमारा ने आराम से जवाब दिया। मगर उसकी नज़र अभी भी लैपटॉप पर जमी थी। कौन-सा तीर मार लोगी इतनी जानकारी इकट्ठा करके? आखिर करना तो घरदारी ही है।  ज़ोया आराम से उसके बिस्तर पर फैलती हुई कहती है। यह बताओ तुम लोग आई क्यों हो? अशमारा अपना लैपटॉप किनारे रखकर पूछती है। उसकी बात को नज़रंदाज़ करके। तुमसे मिलने का मन किया, और हम आ गए। मारिया अपना फोन देखते हुए कहती है। मुझसे मिलने आई हो तो फिर फोन में क्या कर रही हो? अशमारा उसका फोन लेते हुए कहती है। मेरा फोन दो, पिज़्ज़ा आर्डर कर रही थी। मारिया अपना फोन वापस लेते हुए कहती है। क्या मैं अंदर आ सकता हूं? सबकी नज़र दरवाज़े पर उठती है। आकिल तुम कैसे? तुम्हें अपने बॉस से फुर्सत कैसे मिल गई? अशमारा हैरानी से उसे देखते हुए पूछती है। कभी-कभी मैं बॉस से छुट्टी ले लेता हूं। जब कोई बहुत ज़रूरी काम ...