रूबरू | Part 4 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships
यह मैं मायरा की शादी पर दूंगी। रूकय्या खुशी से कहती हैं।
यह मायरा कौन है? आकिल हैरानी से पूछता है।
तू मायरा को नहीं जानता? अशमारा आंख दिखाते हुए पूछती है।
सॉरी याद आ गया…आकिल कान पकड़ लेता है।
शुक्र है याद आ गया। वरना तुम बच नहीं पाते मुझसे।
अशमारा हंसते हुए कहती है।
हमेशा तो हम तुम को अशमारा कहते हैं अब यह बात कैसे याद रहेगी कि अशमारा का असली नाम मायरा है।
आकिल उसे तंग करता है।
वैसे मायरा उतना बुरा नहीं जितना तुम्हें लगता है
शादी के बाद मैं तुम को मायरा ही कहूंगा। आकिल जोश में बोल गया।
किस की शादी के बाद? अशमारा हैरानी से पूछती है।
तुम्हारी और किसकी… आकिल तुरंत बात संभाल लेता है।
लेकिन रूकय्या की नज़र आकिल पर थी।
जी नहीं, मुझे मायरा पसंद नहीं है इसी लिए तो मैंने अपना नाम अशमारा रख लिया है।
लेकिन तुम्हारे सारे डाक्यूमेंट्स में तो मायरा ही लिखा है। आकिल उसे चिढ़ाता है।
कोई बात नहीं, लेकिन मुझे मायरा पसंद नहीं, अब्बू ने मायरा भी अच्छा सोच कर ही रखा होगा।
अशमारा जल्दी से कहती है।
अच्छा अब नाराज़ मत हो मायरा…आकिल एक बार फिर शरारत करता है। और कहते ही बाहर निकल जाता है।
आकिल के बच्चे…अशमारा उस के पीछे दौड़ती है। लेकिन आकिल दरवाज़े से बाहर निकल जाता है।
आता हूं फिर…कहते ही वह दरवाज़ा बन्द करके चला जाता है।
और अशमारा मुस्कुरा कर रह जाती है।
…
तुम फिर?... दरवाज़े की बेल बजने पर वह दरवाज़ा खोलती है और सामने आकिल को देखकर हैरानी से पूछती है।
हां… एक ज़रूरी काम था... कहते ही वह अंदर की तरफ बढ़ गया।
अरे आकिल बेटा तुम…बहुत मौके से आए हो। तुम्हारी फूफी ने बिरयानी बनाई है। आकिल को देखकर हमीद खुशी से कहते हैं।
आज लेट खाना खा रहे हैं? मुझे लगा आप लोग लंच कर चुके होंगे। आकिल घड़ी देखते हुए कहता है।
हां, अशमारा घर की सफाई कर रही थी। इस लिए लेट ही बिरयानी बनाई। रूकय्या प्लेट रखते हुए कहती हैं।
खाना तो मैं खाकर आया था, लेकिन आप के हाथ की बिरयानी छोड़ भी नहीं सकता।
आकिल बिरयानी प्लेट में निकालते हुए कहता है।
तुम कह रहे थे कुछ काम था…क्या काम है? अशमारा बिरयानी खाते हुए कहती है।
पहले खाने दो, फिर काम की बात करते हैं। आकिल बात टाल गया। क्योंकि उसे जो बात करनी थी वह अशमारा से अकेले में करनी थी।
खाना खाने के बाद भी आकिल का मकसद पूरा नहीं हुआ। सब लोग साथ में बैठ कर बातें करते रहे।
फूफी मुझे बॉस ने नई गाड़ी दी है…शाम को मैं अशमारा के साथ थोड़ी देर के लिए बाहर जा सकता हूं? अगर आप इजाज़त दें।
आकिल जाने के लिए उठा… फिर कुछ सोच कर वह रूकय्या से पूछ लेता है। उसने देख लिया था कि घर पर उसकी बात हो नहीं पाएगी। और अशमारा से बात करना बहुत ज़रूरी था।
रूकय्या शौहर की तरफ देखती हैं। और आंखों ही आंखों में दोनों बातें करके इजाज़त दे देते हैं।
शाम को तैयार रहना…आकिल अशमारा से बोल कर निकल जाता है।
यह आकिल आज कल कुछ ज़्यादा ही चक्कर काट रहा हमारे घर के…अशमारा कहते हुए उठती है और अपने कमरे में चली जाती है।
आप भी वही समझ रहे हैं जो मैं समझ रही हूं। रूकय्या पति को देखकर पूछती हैं।
अगर ऐसा हो जाए तो बहुत अच्छा होगा। मुझे तुम्हारी तरफ से भी इत्मीनान हो जायेगा। मेरे बाद तुम मायके में इज्ज़त के साथ रह लोगी। क्योंकि वहां पर तुम्हारी बेटी का ससुराल भी रहेगा।
आकिल एक अच्छा लड़का है। उसकी जॉब भी अच्छी है। हमीद सुकून से कहते हैं।
लेकिन मुझे लगता है अशमारा इस बात से अंजान है। रूकय्या सोचते हुए कहती हैं।
कोई बात नहीं अब देखो क्या बात है, हो सकता है जो हम सोच रहे हैं वैसा कुछ ना हो।
हमीद बात खत्म कर देते हैं।
...
दादी अगले महीने लंदन में एक एक्ज़ीविशन हैं। जिस में मेरी बनाई हुई पेंटिंग्स भी शो होगी, तो मुझे जाना होगा।
ताबिश चाय पीते हुए कहता है।
ठीक है चले जाना, लेकिन ध्यान से रहना। गार्ड्स को हमेशा साथ रखना, नये लोगों से संभल कर मिलना।
जानते हो ना हमारे दुश्मन हर तरफ हैं… दादी उसे समझाती हैं।
जी दादी मैं ध्यान रखूंगा।
तब तक मैं और लड़कियों की फोटो देखती हूं…अगर कोई पसंद आ जाये तो अच्छा रहेगा। तुम दोनों जुड़वां भाई हो…इस लिए मैं चाहती हूं कि तुम दोनों की शादी भी साथ में हो।
दादी खुशी से कहती हैं।
ताबिश दादी के चेहरे की खुशी देखकर मुस्कुरा देता है।
ऐसे क्या देख रहे हो? दादी हैरानी से पूछ बैठीं।
देख रहा हूं हमारी शादी की बात करके ही आप इतना खुश हो रही हैं…तो जब हमारी शादी होगी तब आप कितना खुश होंगी।
ताबिश एक बार फिर मुस्कुरा दिया।
अल्लाह करे वह दिन जल्द आए…तब तो पूछो ही मत की मैं कितना खुश हूंगी।
क्या बात है आज कल दादी पोते की हर वक्त खिचड़ी पकती रहती है। दानिश आते ही दादी के बगल में बैठ जाता है।
अब बस दुआ करो कि खिचड़ी जल्दी तैयार हो जाए।
दादी प्यार से दानिश को देखते हुए कहती हैं। जो पिता की मौत के बाद बहुत ज़िम्मेदारी से बिज़नेस को सम्हाल रहा था।
दादी आप के केयरटेकर के लिए इंटरव्यू की डेट अगले महीने की पच्चीस तारीख है।
दानिश फोन देखते हुए कहता है।
मैं कह रही हूं मुझे केयर टेकर की ज़रूरत नहीं है। मेरी दोनों बहुएं आ जाएं मेरे लिए वही बहुत है।
वैसे भी घर में नौकरों की एक फौज पहले से ही है… दादी नाराज़गी से कहती हैं।
नहीं दादी आप को केयरटेकर की ज़रूरत है। बहुएं जब आयेंगी, तब आएंगी। अभी आप केयरटेकर का इंटरव्यू ले लेना, और अगर जो पसंद हो तो सेलेक्ट कर लेना।
ठीक है…दादी जानती थी कि दानिश ने फैसला ले लिया है तो वह केयरटेकर रख कर रहेगा।
कोई अच्छी सी देख कर रखूंगी जो मुझे कम्पनी भी दे, और मेरा वक्त उसके साथ अच्छा बीत जाए।
दादी मन ही इरादा करती हैं।
चलो डिनर कर लिया जाए, फिर आज हम को साथ में मूवी भी देखना है। ताबिश उठते हुए कहता है।
यह तुम क्यों हर सैटरडे को मूवी दिखाते हो, वह भी ज़बरदस्ती…दादी हंसते हुए कहती हैं।
ताकि आप ऐसे ही हंसती रहें। ताबिश दादी के कंधे पर सिर रखते हुए कहता है। और सब हंसते हुए उठकर डाइनिंग हॉल में चले जाते हैं।
...
इस तरह साथ में बाहर आने की वजह?
इस से पहले तो हम कभी इस तरह बाहर साथ में नहीं आए…
गाड़ी जब मेन रोड पर दौड़ने लगी तो अशमारा हैरानी से आकिल से पूछती है।
लेकिन आकिल जवाब देने के बजाए एक नज़र उसे देख कर सामने देखने लगता है। और कुछ दूर जाकर एक जगह किनारे पर गाड़ी रोक कर उसे देखने लगता है।
लाइट ब्लू कलर की पैंट और ब्लैक लौंग कुर्ता पहने लाइट मेकअप और सिम्पल ज्वेलरी के साथ वह उस के दिल में उतर गई।
ऐसे क्या देख रहे हैं?… उसकी नज़रों में कुछ तो था जिसे अशमारा समझ नहीं पाई। इस लिए जल्दी से पूछ बैठी।
आज उसे आकिल का रवैया कुछ अलग लग रहा था। वैसे तो वह और आकिल घर पर साथ रहते खाते-पीते हंसी मज़ाक सब होता था। अपने हर काम के वक्त आकिल को ही याद करती थी। और वह भी खुशी-खुशी कर देता था।
लेकिन आज आकिल की आंखों में कुछ और ही था। शायद मैंने आज से पहले आकिल को इतने ध्यान से नहीं देखा था। वह खुद को समझाती है।
मुझ से शादी करोगी?…
जारी है…
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