रूबरू | Part 2 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships

तुम किसी को पसंद करते हो? दादी ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए पूछा।

हूं... ताबिश वैसे ही आंख बंद किए हुए जवाब देता है।

किसे? दादी की आवाज़ में हैरत घुल गई। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि ताबिश किसी को पसंद करता है। और उन्हें खबर तक नहीं।

पता नहीं... ताबिश की आवाज़ और भी धीमी हो गई।

क्या मतलब है तुम्हारा? क्यों मुझे उलझा रहे हो? दादी नाराज़ हुईं।

कुछ नहीं दादी आप लड़की देखें। मैं बस मज़ाक कर रहा था। ताबिश ने अपनी उलझन को जबरन मुस्कान में छुपाने की कोशिश की।

कोई है तो बता दो... दादी की नज़र उसकी आंखों पर टिक गई। 

शायद कोई अक्स, कोई चेहरा... मगर उन आंखों में उन्हें कुछ नज़र नहीं आया।

ऐसे क्या देख रही हैं दादी? अगर कोई लड़की पसंद आई तो सबसे पहले आपको ही बताऊंगा। दादी को परेशान देखकर उसे अच्छा नहीं लगा।

ठीक है फिर मैं देखती हूं, और कल ज़रा आकिल से मिस ताहिरा के बारे में पता करूं। उसका जवाब सुनकर उनको इत्मीनान हो गया।

ठीक है दादी…ताबिश की आवाज़ धीमी थी। शायद उसका मन कहीं और था। कोई चेहरा, कोई याद या फिर कोई ख्वाब।

...

अशमारा बेटा तुम्हारी इंटर्नशिप कैसी चल रही है? रात का खाना खाते हुए अशमारा के पापा अब्दुल हमीद उससे पूछते हैं।

ठीक चल रही है पापा…मेरी जॉब बहुत जल्द फाइनल हो जाएगी। अशमारा खुशी से कहती है।

और जो तुम्हारा रिश्ता आ रहा है उसका क्या? अशमारा की मम्मी रूकय्या हमीद नाराज़गी से पूछती हैं।

शादी का क्या है वह भी हो जाएगी। हमीद जल्दी से कहते हैं।

सारे ही रिश्ते अच्छे हैं। वह एक बार फिर नाराज़ हुईं।

मैं जानता हूं इन अच्छे रिश्तों की अच्छाई... इकलौती औलाद है हमारी अशमारा…हमारे बाद सब इसी का है, यह बात हर कोई जानता है इसलिए यह लाइन लगी हुई है। उनसे कह दो और घरों में बहुत सारी लड़कियां शादी के लायक हैं उनसे रिश्ता कर लें। हमीद गुस्से से कहते हैं।

नहीं पापा… वह उन घरों में नहीं जायेंगी, क्योंकि वहां एक से ज़्यादा लड़कियां हैं और साथ में भाई भी हैं। अशमारा नाराज़गी से कहती है। वहां उतना नहीं मिलेगा, जितना यहां मिल सकता है।

हम अशमारा की शादी करेंगे…लेकिन जब कोई अच्छा रिश्ता रहेगा तब। तब तक इसे अपने काम पर ध्यान देने दो। अब्दुल हमीद ने बात खत्म कर दी।

...

आप इतना गुस्से में क्यों हैं? शांति से बैठ जाएं। रुखसाना धीमी आवाज़ में कहती है।

नहीं बैठ सकता मैं शांति से…जब तक मैं ब्लैक स्टोन को बर्बाद नहीं कर लेता, मैं सुकून से नहीं बैठ सकता।

उसकी आवाज़ में  नफरत साफ झलक रही थी। 

एक के बाद एक आर्डर उन को मिलता जा रहा है, और मैं बैठा तमाशा देख रहा हूं। सत्तार खान गुस्से से कहते हैं और कमरे से बाहर निकल जाते हैं।

रूखसाना खामोश बैठी रह जाती है। क्योंकि ज़्यादा बोलने की उसे इजाज़त नहीं थी।

...

देखो इस में कोई लड़की पसंद है तो बताओ। दादी ने ताबिश के आगे लिफाफा रखते हुए कहा।

इतना जल्दी इतनी लड़कियां मिल भी गईं? ताबिश लिफाफा लेते हुए हैरानी जताई।

और नहीं तो क्या? दादी उसके बगल में सोफे पर बैठते हुए कहती हैं।

ताबिश एक-एक कर सारी फोटो को एक नज़र देखता है, और सारी तस्वीरें वापस लिफाफे में रख कर टेबल पर रख देता है।

क्या हुआ? दादी हैरानी से पूछती हैं।

आज कल सारी लड़कियां ऐसी ही हैं? क्या अब कोई लड़की वैसी नहीं है? ताबिश कहीं खो गया।

कैसी? दादी हैरान हुईं।

मेरी अम्मो जैसी…ताबिश की आंखों में मां का चेहरा था। उसकी आंखें नम हो जाती हैं।

उसकी बात पर दादी भी खामोश रह जाती हैं, शायद उन के अल्फाज़ कहीं आंसुओं में छुप गए थे।

तेरी मां शायद कुदरत का एक खूबसूरत शाहकार थीं, जो अल्लाह को बहुत पसंद थीं। इस लिए अल्लाह ने उन्हें अपने पास जल्दी बुला लिया।

दादी ताबिश को गले लगाकर कहती हैं।

अब मैं कहां से तेरी मां जैसी तेरे लिए लाऊं? दादी उदासी से पूछती हैं।

अम्मो को भी आप ही लाई थीं ना? देखिए अगर किस्मत में होगा तो मिल ही जाएगी।

तुझे कहीं नहीं मिली तेरे मन की लड़की? दादी टटोलती नज़रों से उसे देखते हुए पूछती हैं।

ऐसे क्या देख रही हैं दादी? मैंने बताया तो था कि कोई नहीं है जिसके लिए मैं कह सकूं की मैं उससे प्यार करता हूं।

हम जिस सोसाइटी में रहते हैं वहां ऐसी लड़की नहीं मिलेगी। ताबिश दादी की हाथ के चूड़ियों से खेलता हुआ कहता है।

क्या बातें हो रही हैं मेरे बिना? दानिश बाहर से आता है और दादी के बगल में बैठते हुए कहता है।

आपकी बुराई हो रही थी। पीठ पीछे वही तो होती है, सामने से तो सिर्फ तारीफें ही मिलती हैं। ताबिश भी कहां कम था।

और आप बताएं बॉस… मिस ताहिरा के क्या हाल हैं?

ताबिश मुस्कुराया।

मिस ताहिरा एक बिजनेस मीटिंग में मिली थी। छोटी उम्र में जिस तरह समझदारी से वह बिज़नेस की बातें कर रही थी। उससे मैं हैरान था…

आकिल के सामने मिस ताहिरा के काम की तारीफ कर दी। तब से वह मुझे परेशान किए हुए है।

और फिर आप लोगों को बोल दिया। दानिश ने सफाई दी।

इतनी सफाई देने की ज़रूरत नहीं है…अगर पसंद है, और शादी करना चाहते हो मिस ताहिरा से… तो हम तुम्हारी शादी उससे कर देंगे।

ताबिश बड़े-बुजुर्ग की तरह कहता है। और फिर वह तीनों हंस पड़ते हैं।

और तुम्हारी वह आलिया… उसी से कर दूं?

दानिश ताबिश को परेशान करता है।

मिस आलिया मुझे पसंद करती हैं मैं उन्हें नहीं…

मैं ऐसी लड़की से शादी करना चाहता हूं जो मुझे पसंद हो।

ताबिश की आंखों की चमक उसके बात की तस्दीक कर रही थी।

जिसे तुम चाहते हो अगर वह ना मिले, तो तुम उसके हो जाओ, जो तुम्हें चाहता है। दानिश किसी दानिश्वर की तरह कहता है।

पहले मैं किसी को चाहूं तो… तब सोचूंगा कि क्या करना है। ताबिश कहीं खो जाता है।

चलो फिर ठीक है मैं दुआ करता हूं कि तुम किसी को जल्द से जल्द चाहो। 

दानिश उठते हुए कहता है।

मैं फ्रेश होकर आता हूं, तब डिनर करते हैं।

कहते ही वह बाहर चला गया।

तभी अचानक कुछ आवाज़ें आईं…

यह तो फायरिंग  है…

ताबिश हड़बड़ा कर उठ खड़ा हुआ।

 सभी गार्ड अलर्ट हो जाते हैं।

और तभी 

एक तेज़ चीख सुनाई देती है…

दानिश…

जारी है…


रूबरू भाग 1

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