धड़कन | भाग 20 | Dhadkan Part 20 | Heart Touching Hindi Love Story
पसंद आया ना रख लो। और यूज़ भी करना। शिवाय श्लोका को देख कर कहते हैं। यह मुहब्बत के किस्से भी अजीब होते हैं। महबूब की हमनशीनी ही चाहता है दिल।
अब बताओ नाराज़गी किस बात की थी? शिवाय उसे देखते ही रहते हैं।
कुछ नहीं।
बताना नहीं चाहती?
अब मैं आप को किया बताऊं? आप के दिल में मेरे लिए क्या जज़्बात हैं मैं वह जानना चाहती हूं। लेकिन आप अपने जज़्बात जता कर भी छिपा जाते हैं। ऐसा क्यों यही मैं जानना चाहती हूं।
क्या हुआ क्या सोच रही हो? श्लोका को सोचों में घिरा देख कर शिवाय ने पूछा।
कुछ नहीं आप जाएं। श्लोका नार्मल होते हुए कहती है।
ठीक है मैं जा रहा हूं। शिवाय जाने लिए मुड़ते हैं।
अच्छा सुनो उसमें एक मेहंदी की कोन है उससे हाथ पर लिख लेना।
क्या?
वही एक दिल और उसमें S.... शिवाय ने मुस्कुरा कर कहा।
क्या ज़रूरत थी।
थी ज़रूरत.....
अभी लगा लेना।
नहीं फिर कभी...
कल सुबह तुम्हारे हाथ पर लिखा मिले गुड नाइट... कहते ही शिवाय बाहर निकल गए।
श्लोका शिवाय की हरकतों पर गौर कर रही थी। और फिर सामान देखने लगी। सारे ही क्लैचर बहुत ही खूबसूरत थे। घड़ी भी उसे बहुत पसंद आई।
सामान रख कर वह कल के प्रोग्राम के बारे में गौर करने लगी। और फिर वह शिवाय को मैसेज कर देती है। और शिवाय का ओके भी आ जाता है।
सुबह आठ बजे श्लोका नाश्ता करते ही निकल जाती है। और फिर दस बजे अपने बताए पते पर पहुंच जाती है। जहां पर शिवाय आने वाले थे। वह वहां पहुंची तो शिवाय की गाड़ी उसे दिख गई। श्लोका जल्दी से गाड़ी में बैठ जाती है। शिवाय गाड़ी स्टार्ट कर देते हैं।
मेरा सामान लाये जो बताया था?
शिवाय पीछे इशारा करते हैं।
श्लोका पीछे वाली सीट से पैकेट उठाती है। और उसमें से मेकअप का सामान निकाल कर तैयार होने लगती है। श्लोका ने पैकेट बना कर रात में ही शिवाय को मैसेज कर दिया था कि वह सामान सुबह आते टाइम उसके रूम से लेकर आएं।
तुम क्या करने जा रही हो? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। शिवाय उसको इस तरह मेकअप करते देख पूछते हैं।
सिर्फ एक कोशिश। श्लोका के हाथ बहुत तेज़ी से चल रहे थे।
फिर वह अपना सूज़ चेंज करती है। और फिर रेडी होकर वह कपड़े की बटन खोलने लगती है।
यह क्या कर रही हो। शिवाय हैरान हो गये उसे इस तरह करते देख।
लेकिन वह अपना काम करती रही। और फिर वह अपना शरग उतार देती है। शिवाय हैरान उसे देखता रह जाता है। जींस-टॉप पहने डार्क मेकअप के साथ वह कुछ और ही लग रही थी।
उसने स्कार्फ निकाल कर सिर पर बांध लिया। श्लोका की सादगी जितनी खूबसूरत थी उसका संवरना उसे और भी ज़्यादा हसीन बना गया। शिवाय ने गाड़ी रोक दी। जहां पर श्लोका ने बताया था। और उसे एक टिक देखने लगे।
मैं जा रही हूं। आप यहीं पर मेरा इंतेज़ार करें।
मगर शिवाय को कहां होश था। वह तो सिर्फ उसे देखे जा रहा था।
सुना आपने?
आं... हां...।
श्लोका बाहर निकली और आटो पर बैठ कर चली गई।
वह सिमरन के कालेज पहुंच गई। वह हिम्मत करके आ तो गई थी। मगर उसे डर लग रहा था। क्योंकि इस तरह का काम उसने आज से पहले नहीं किया था।
बी ए फर्स्ट ईयर की सिमरन के बारे में कुछ बता सकती हैं कि वह कहां मिलेंगी?
श्लोका एक लड़की से पूछती है। उसे नहीं मालूम था। श्लोका दो तीन लड़कियों से पूछती है। और फिर एक लड़की मिल ही जाती है।
क्या काम था सिमरन से? वह लड़की बहुत ध्यान से श्लोका को देख कर पूछती है।
काम था तभी तो पूछ रही हूं। श्लोका भी कहां कम थी।
आप को देख कर लग रहा है कि क्या काम हो सकता है। इन लाइन में नई हो क्या?
श्लोका हैरान हुई। मगर तुरंत वह खुद को सम्हालती है।
जी, इसी लिए सिमरन को पूछ रही थी।
उसका आज कल कुछ लफ्ड़ा चल रहा है। वहीं कहीं छिपी है कहां यह मुझे नहीं पता। आप कुछ दिन रूकें। वह आ जायेगी तब आप का काम हो जायेगा। लड़की ने सारी बात बता दी।
तुम तो उसकी दोस्त लगती हो। यह बताओ उस के भाई से मिल लूं? श्लोका ने बेचारगी से कहा।
उस से भी नहीं मिल सकती दोनों ही गायब है। और वह उसका भाई नहीं पति है। दोनों दुनिया की नज़रों में सिर्फ भाई-बहन हैं। एक और धमाका।
लगता है तुम सिमरन से नाराज़ हो? श्लोका ने एक और पांसा फेंका।
वह एक धोखेबाज़ लड़की है। किसी को भी धोखा दे सकती है। आप भी उसके साथ काम करते टाइम सावधान रहना। लड़की ने उसे सावधान किया।
एक बात और बता दो यह सिमरन छिपी क्यों है? श्लोका ने हिम्मत करके पूछ लिया।
एक अमीरज़ादे को फंसा कर उससे इंगेजमेंट करके लाखों वसूलने का इरादा था। एंड टायम पर लड़के के पिता को खबर लग गई। उन्होंने इस के पीछे पुलिस लगा रखा है। इस लिए गायब है।
ओह... श्लोका को सब कहानी समझ आ गई। उस अमीर का नाम बता सकती हो?
अशोक खन्ना शहर का मशहूर बिज़नेस मैन।
ठीक है। मैं चलती हूं। कहते ही श्लोका वहां से निकल गई। और आटो पर बैठ कर चली गई।
आटो से उतरते ही वह तुरंत जाकर गाड़ी में बैठ जाती है। शिवाय उसका इंतेज़ार कर रहे थे।
ओह माई गॉड.... श्लोका गाड़ी में बैठते ही कहती है। लेकिन तुरंत उसे समझ आता है कि गलत बोल दिया। वह शिवाय को देखती है। और उसे तसल्ली होती है कि शिवाय की नज़र उस पर थी। उस के अल्फाज़ पर नहीं।
हो गया काम?
हां, लेकिन यहां से चलें पहले।
कहां चलना है?
मुझे अपना मेकअप साफ करना है। ऐसे मैं घर नहीं जा सकती। एक काम करें अनु के रूम पर चलें। श्लोका को अचानक से अनु याद आ गई।
क्यों ऐसे घर नहीं जा सकती? शिवाय को हैरानी हुई।
आज से पहले कभी मुझे इतने मेकअप में देखा है?
नहीं...
तो फिर जब आप ने नहीं देखा तो औरों ने भी उसी तरह नहीं देखा। और जब कोई मुझे इस तरह देखेगा तो पूछेगा ही, तो मैं क्या जवाब दूंगी?
यह बात भी सही है। शिवाय मुस्कुरा दिये। और कुछ सोच कर उसने गाड़ी स्टार्ट कर दी।
यह हम घर के रास्ते पर हैं।
हां,
क्यों?
मगर शिवाय खामोश रहे। और एक बिल्डिंग के पार्किंग एरिया में गाड़ी खड़ी करते हैं। शिवाय गाड़ी से निकल जाते हैं। और श्लोका की तरफ का दरवाज़ा खोलते हैं। वह चुपचाप उतर जाती है। शिवाय पिछली सीट से सामान निकालते हैं और श्लोका का हाथ पकड़ कर लिफ्ट की तरफ बढ़ जाते हैं।
लिफ्ट से निकल कर लम्बी गैलरी चलने के बाद एक गेट के पास शिवाय रुक जाते हैं। और ताला खोल कर अंदर चले जाते हैं। अंदर जाकर दोबारा लौक करके चाबी लगी रहने देते हैं।
हम यहां पर क्यों आये हैं? श्लोका ने धीमी आवाज़ में पूछा।
इंज्वॉय करने। शिवाय ने भी धीरे से कहा। और मन ही मन मुस्कुरा उठे। श्लोका का चेहरा देख कर उसे बहुत बज़ा आया। उसके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
पहले बैठो यहां। शिवाय खुद बैठ कर उसे भी बैठा देते हैं। और उसे देखने लगते हैं। बहुत अच्छी लग रही हो। कभी-कभी इस तरह मेकअप करने में कोई हर्ज नहीं है। शिवाय उसे प्यार से देख कर कहते हैं। और उसका हाथ पकड़ लेते हैं। उसकी हथेली सीधी करते हैं। जिस पर वही छोटा सा दिल और उस दिल में S चमक रहा था। शिवाय उसके हथेली पर किस करके मुस्कुरा कर श्लोका को देखता है। वह जल्दी से अपना हाथ खींच लेती है। और उठने लगती है। लेकिन शिवाय उसे वापस बैठा देते हैं।
क्या हुआ काम हुआ? शिवाय सीरियस हो जाते हैं।
हां हो गया।
गुड, क्या पता चला?
श्लोका ने शिवाय को सब कुछ बता दिया। जो उस लड़की से बात हुई थी।
ओ माई गॉड.... इसका मतलब उस दिन पुलिस उसे ही ढूंढते हुए वहां होटल पहुंची थी। शिवाय को तुरंत याद आ गया।
लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ा क्यों नहीं? श्लोका को हैरानी हुई।
हां वही तो मैं भी सोच रहा हूं। जब अमोल सिमरन के साथ था तो फिर वह कहां गायब हो गई। शिवाय भी सोचने लगे।
वह इस लाइन की माहिर है। तभी ना भाग गई। श्लोका ने कहा।
अब इसको अमोल की ज़िंदगी से कैसे बाहर निकाला जाए। यह सोचना है। क्योंकि हम जाकर अमोल से उसके बारे में कहें और वह मान जाए। ऐसा हो नहीं सकता।
इस लिए हम को कुछ ऐसा सोचना है जिससे उसके सामने सच्चाई आ जाए और वह उस पर यकीन कर ले। श्लोका बोलती रही और शिवाय सुनते रहे।
बहुत समझदार हो। शिवाय मुस्कुराये।
श्लोका सिर्फ मुस्कुरा दी।
मैं इस को साफ कर लूं। श्लोका अपने चेहरे पर इशारा कर के उठ गई।
अभी रूको जाने से पहले साफ कर लेना। शिवाय भी उठ गये।
वैसे यह किसका फ्लैट हैं?
हम दोस्तों का है। शिवाय उस को लेकर एक कमरे की तरफ जाते हैं और दरवाज़ा खोल कर अन्दर चले जाते हैं। वह रूम भी बहुत खूबसूरत था। श्लोका वहीं सोफे पर बैठ जाती है।
हम चार दोस्त बचपन से आज तक साथ हैं। हम लोगों ने मिल कर यह फोर बी एच के फ्लैट लिया है। हम लोग यहीं मिलते हैं। अक्सर रात को भी रूक जाते हैं। मेरे दोस्त मेरी जान हैं। हम एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। पहले तो रोज़ मिलते थे। लेकिन अब दो-तीन दिन पर मिल लेते हैं। शिवाय उसे बता रहे थे। और वह बहुत गौर से सुन रही थी। अपने दोस्तों का बताते हुए शिवाय के चेहरे पर एक खास खुशी थी। जो श्लोका को दिख रही थी।
रवि की शादी है तुम को भी चलना है।
मैं क्यों?
क्योंकि सब जायेंगे।
ठीक है।
अब चलें?
कॉफी पीते हैं।
बहुत फुर्सत में हैं? आफिस नहीं जाना है?
रोज़ आफिस ही तो रहता हूं।
तो...
तो क्या? आज तुम्हारे साथ वक्त बिता लेता हूं। फिर तो आफिस ही जाना है। शिवाय श्लोका को देख कर कहते हैं। कहने को तो वह और भी बहुत कुछ कहना चाह रहा था। कुछ मुहब्बत भरी बातें, कुछ बेताबियां लेकिन फिर वह खामोश रह गये। ना जाने क्यों ऐसा उस के साथ हो रहा है। कहना बहुत कुछ चाहता है मगर कह कुछ नहीं पाता।
जारी है...
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