धड़कन | भाग 21 | Dhadkan Part 21 | Heart Touching Hindi Love Story
तो क्या? आज तुम्हारे साथ वक्त बिता लेता हूं। फिर तो आफिस ही जाना है। शिवाय श्लोका को देख कर कहते हैं। कहने को तो वह और भी बहुत कुछ कहना चाह रहे थे। कुछ मुहब्बत भरी बातें, कुछ बेताबियां लेकिन वह खामोश रह गये। ना जाने क्यों ऐसा उस के साथ हो रहा है। कहना बहुत कुछ चाहता हूं। मगर कह कुछ नहीं पाता।
श्लोका किचन में जाती है फ्रीज खोल कर चेक करती है। बहुत सारा सामान रखा था। वह दूध निकाल कर कॉफी बनाती है। स्नैक्स के साथ कॉफी लेकर वह रूम में जाती है।
शिवाय बेड पर लेटे हुए थे। श्लोका को देख कर उठ जाते हैं। दोनों बातें करते हुए कॉफी पीते हैं। कॉफी पीते ही श्लोका सब लेकर उठ जाती है।
सब वहीं छोड़ देना। सफाई वाली आती है सब कर देगी। शिवाय ने उसे बताया तो वह सब रख कर आ गई। वरना वह धुलने जा रही थी।
वापस आते ही वह पहले अपना मेकअप साफ करती है। और अपना शरग पहन लेती है।
शिवाय चुपचाप लेट कर कुछ सोच रहे थे।
चलें।
शिवाय आंख खोल कर उसे देखते हैं। श्लोका अपने रूप में वापस आ चुकी थी। सादगी में वह और भी हसीन लग रही थी। मेकअप में भी वह बहुत सुंदर लग रही थी। शिवाय मुस्कुरा दिये। तुम हर रूप में ही बेहतरीन हो। और अपनी सोच पर शिवाय खुद ही मुस्कुरा उठे।
बैठो पहले। शिवाय उस का हाथ थाम कर बैठा देते हैं। और खुद वैसे ही लेटे रहे।
जो भी करना है आज ही करना है। मैंने सब सोच लिया है। मैं डैड को बता दूंगा। क्योंकि मैं नहीं चाहता कि पुलिस को एक गलत लड़की हमारे घर से मिले। डैड खन्ना अंकल से बात कर लेंगे और इंस्पेक्टर साहेब से भी।
आप जानते हैं उनको? श्लोका हैरान हुई।
बिज़नेस मैन हैं वह, और हम लोग भी। बिज़नेस पार्टी में मिलना जुलना लगा रहता है।
तब तो यह काम और आसान हो गया।
पता नहीं लड़कों को लड़कियों में इतना इंट्रेस्ट क्यों रहता है? हमेशा लड़कियों के चक्कर में पड़े रहते हैं। पढ़ने-लिखने की उम्र में इश्क करते फिरते हैं। श्लोका ने नाराज़गी से कहा।
ओ मैडम हेलो.... मैं भी एक लड़का हूं। और आप एक लड़के के सामने कैसे इस तरह बोल सकती हो? शिवाय ने भी नाराज़गी से कहा।
हां तो कुछ गलत कहा क्या मैंने? आप ने भी यही सब क्या होगा।
अच्छा लेकिन ऐसे नहीं कह सकती तुम। किसी को जाने बिना।
क्यों? आप तो लंदन तक गये हैं पता नहीं क्या-क्या करके आये होंगे। श्लोका अब शरारत करने लगी।
अच्छा मैं तुम्हें ऐसा लगता हूं? शिवाय उठ कर बिल्कुल उसके सामने चेहरा करके बैठ गये।
शिवाय के ऐसा करते ही श्लोका की बोलती बंद हो गई।
बोलो।
किसी की शक्ल पर थोड़ी लिखा होता है कि वह कैसा है? श्लोका की हिम्मत वापस आ गई।
चलें। श्लोका उठने लगी।
नहीं, अभी बात पूरी नहीं हुई है। तुम तो चेहरा देख कर पहचान जाती हो। तो बताओ मैं कैसा हूं? जिस तरह सिमरन को पहचान गई थी। उसी तरह मेरे बारे में बताओ। शिवाय मैदान में उतर चुके थे। लेकिन श्लोका अब भागने के फिराक में थी।
श्लोका शिवाय को देखने लगी। आपकी अच्छाई के लिए मेरे पास अल्फाज़ नहीं है। आप जितने खूबसूरत दिखते हैं उतने ही खूबसूरत अंदर से भी हैं। आप बेहतरीन हैं। श्लोका सोचे जा रही थी और नज़र शिवाय पर टिकी थी।
देख लिया हो तो अब बोल भी दो। शिवाय ने शरारत से कहा।
आप चलेंगे कि मैं जाऊं? श्लोका उठ खड़ी हुई। उसकी धड़कन तेज़ होने लगी।
चलेंगे तो लेकिन आप का जवाब सुनकर। शिवाय हाथ सीने पर बांध कर खड़े हो गए। और श्लोका शिवाय को देखती रह गई।
हर सवाल के जवाब अल्फाज़ो में नहीं होते। कुछ जवाब खामोशी में भी होते हैं समझ सकें तो समझ लें। कहते ही श्लोका बाहर निकल गई।
मान गए आपको। शिवाय भी साथ निकलते हुए कहते हैं। और दोनों मुस्करा दिये।
रुम बंद करके वह दोनों बाहर निकले। और फिर फ्लैट लॉक करके नीचे चले गए।
गाड़ी के पास जाकर शिवाय ने गेट खोला और श्लोका को बैठने का इशारा किया। श्लोका ने एक नज़र शिवाय को देखा और खामोशी से बैठ गई। शिवाय भी दूसरी साइड आकर बैठ गए।
कहां जाना हैं? श्लोका शिवाय को देख कर पूछती है जो आराम से बैठे हुए थे उसे स्टेरिंग थमा कर।
जहां ले चलो।
मैं मज़ाक के मूड में बिल्कुल भी नहीं हूं। श्लोका नाराज़ होकर कहती है। और गाड़ी स्टार्ट कर देती है।
एक बात कहूं? शिवाय अंदर ही अंदर मुस्कुरा कर पूछते हैं
कहें। श्लोका ने उन्हें देखा।
ड्राइवर जब खूबसूरत हो तो सफर का मज़ा दुगना हो जाता है ना? शिवाय ने एक अदा से पूछा।
श्लोका सिर्फ शिवाय को घूर कर रह गई। और शिवाय हंस पड़े। श्लोका के होंठों पर भी ना चाहते हुए भी मुस्कान आ गई। हालांकि वह गुस्सा दिखाना चाहती थी। मगर नाकाम रही।
घर जाकर गाड़ी रोक कर श्लोका जैसे ही निकलती है। शिवाय स्टेरिंग संभाल कर गाड़ी स्टार्ट कर देते हैं। और तुरंत गाड़ी गेट से बाहर निकल जाती है। श्लोका जाती हुई गाड़ी को देखती है। और अंदर चली जाती है। और सीधे अपने रूम में चली जाती है।
दोपहर में नीचे जाकर अपना लंच लेकर वह रूम में आ जाती है। और फिर डिनर टाइम नीचे जाती है। शिवाय और सुधीर जी भी डिनर के लिए आ चुके थे। सिमरन समेत हर कोई आ चुका था।
डैड अमोल के इंगेजमेंट की डेट फाइनल कर दें। शिवाय ने बात शुरू की।
हां, पहले इनके भाई तो आ जाएं। सुधीर जी ने सिमरन की तरफ इशारा किया।
लेकिन डैड मुझे फैशन शो के लिए सिंगापुर जाना है। आप उससे पहले कर दें। शिवाय ने सोचने की ऐक्टिंग की।
तुम बताओ तुम्हारा भाई आ जायेगा? सुधीर जी ने सिमरन से पूछा।
जी आप डेट बता दें तो मैं भाई को बोल देती हूं। वह आ जायेंगे। वह तो इंगेजमेंट का सुन कर ही खुश हो गई। इतनी जल्दी यह लोग मान गए। उसे तो यही हैरत हो रही थी। श्लोका उसके चेहरे की खुशी देख कर मुस्कुरा दी।
तो फिर ठीक है इंगेजमेंट की तैयारी शुरू करें आप लोग। सुधीर जी ने ममता जी को देख कर कहा।
वाह कितना मज़ा आयेगा। अराध्या भी खुश हो गई।
अमोल तुम को जिसे बुलाना है उसकी लिस्ट बना लो। और आप लोग भी। और शिवाय तुम एक लिस्ट बना लो जिस में शहर के हर बिज़नेस मैन,आला अधिकारी शामिल हों। कमिश्नर साहेब को भी मैं फोन कर दूंगा। सुधीर जी हर किसी से कहते हुए शिवाय से कहते हैं।
ठीक है डैड मैं लिस्ट बना कर आप को दिखाता हूं। शिवाय ने खुशी से कहा।
अंकल इन सब की अभी ज़रूरत नहीं है। अभी आप सादगी से इंगेजमेंट कर दें। फिर बाद में आप पार्टी कर देना। सिमरन घबरा कर बोली। घबराहट उस के चेहरे पर साफ नज़र आ रही थी।
क्यों ज़रूरत नहीं है। मेरे बेटे की सगाई है। धूम धाम से होगी। सुधीर जी ने खुशी से कहा।
और नहीं तो क्या मेरे बेटे की सगाई है। सारा शहर देखेगा। मीडिया वालों को भी इन्वाइट करना है। भूल मत जाना। ममता जी ने खुशी से कहा।
लेकिन फिर भी अंकल इतनी धूमधाम से सही नहीं लग रहा है। सिमरन ने एक बार और कोशिश की। उसकी चेहरे पर भले ही मुस्कुराहट थी लेकिन उस की घबराहट बढ़ती जा रही थी। अंदर ही अंदर वह डर रही थी।
क्यों तुम्हारी सच्चाई सब के सामने आ जायेगी? अशोक खन्ना सामने आते हुए कहते हैं। साथ ही में उनका बेटा आलोक और पुलिस इंस्पेक्टर शम्भू नाथ जी भी थे।
सिमरन हड़बड़ा कर खड़ी हो जाती है। उसकी आंख हैरत से फैल जाती है। उनको देखकर वह पूरी कांप जाती है।
क्या हुआ? अब यहां पर इंगेजमेंट की तैयारी कर रही हो? मुझे बर्बाद करके मेरा दिल तोड़ कर अब इस के दिल से खेलने चली थी। मैंने तुम से सच्ची मोहब्बत की। और बदले में तुम ने क्या दिया। मैंने तुम्हारी हर तरह से मदद की। तुम को और तुम्हारे भाई को जितने पैसे की ज़रूरत हुई मैंने दिये। और वह तुम्हारा पति निकला। आलोक गुस्से से बोले जा रहा था।
हर कोई हैरान रह गया आलोक की बात सुनकर। और सबसे ज़्यादा अमोल और ममता जी सॉक्ड थी।
वह तो शुक्र है कि डैड ने तुम्हारे बारे में पता लगवा लिया। वरना मैं तो शादी के बाद अपना सब कुछ तुम्हारे नाम करने वाला था। इतनी मुहब्बत करता था मैं तुमसे। आलोक ने गुस्से से कहा।
जारी है...
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