डोर धड़कन से बंधी | भाग 85 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 85 | Hindi Romantic Story

आदर्श थोड़ा रूके। शायद अल्फाज़ उनका साथ नहीं दे रहे थे। उनका लहजा भर्रा गया। आंख आंसुओं से भर गई। वहां पर मौजूद हर किसी की आंख नम थी। 

हम सब गवाह हैं इन की ज़िन्दगी और इनकी मुहब्बत के। इन की मुहब्बत लफ्ज़ों का खेल नहीं थी। इन की मुहब्बत दिलों का जुनून था। इन के मुहब्बत की डोर धड़कन से बंधी थी। जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। तुम्हारी तरह नहीं दिन में चार मर्तबा आई लव यू बोल दो। और बस हो गया।

यह दोनों बिना कहे एक दूसरे की बात समझ जाते हैं। एक उदास होता है तो दूसरे को महसूस हो जाता है। 

और तुम ने इनकी मुहब्बत पर उंगली उठाई थी।

चलो सब लोग चलो। अब यहां हमारा कोई काम नहीं। यहां पर जिस को जो चाहिए था वह मिल गया। आदर्श गुस्से से कहता है।

यह तुम ने क्या कर दिया प्रेम?…सुधीर जी की आवाज़ भर्रा गई।

अमोल अंकल को ले जाओ। 

चलो पूजा … आदर्श आगे बढ़ते हैं एक तरफ पूजा का हाथ थामते हैं दूसरी तरफ से मुग्धा पूजा का हाथ थाम लेती है।

आरव शिवाय और श्लोका के साथ आगे बढ़ता है। उनको गाड़ी में बैठा देता है।

डैड…पूजा रोते हुए दौड़ कर कार के पास जाती है। आरव उसे जल्दी से थाम लेता है। 

पूजा बेटा तुम्हारे मौम डैड बिल्कुल ठीक हैं। तुम इन के लिए बिल्कुल परेशान मत हो। आदर्श पूजा को समझाते हैं।

मैं भी गांव जाऊंगी। पूजा आदर्श की तरफ देखती है। 

यह लोग कल ही वापस आ जायेंगे पूजा। तुम अगले हफ्ता मौम के साथ गांव जाना। क्योंकि शिवाय को अगले हफ्ता लंदन जाना है। आदर्श उसे समझाते हैं।

पूजा अभी तुम जाओ। आरव इसे साथ ले जाओ।

शिवाय ड्राइवर को गाड़ी चलाने का इशारा करते हैं। ड्राइवर गाड़ी स्टार्ट कर देता है। उनकी गाड़ी आगे बढ़ते ही हर कोई अपनी गाड़ी में बैठ जाता है। सुधीर जी एक नज़र प्रेम को देखते हैं और अमोल का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ जाते हैं।

जाओ अपनी मुहब्बत, अपनी काजल, अपनी ज़िन्दगी से मुहब्बत की भीख मांग लो। हो सकता है मिल जाए। अराध्या एक नज़र प्रेम को देख कर कहती है और आगे अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ जाती है।

प्रेम किसी हारे हुए जुआरी की तरह सिर झुकाए, खाली हाथ खड़ा रह गया।

♥️

शिवाय हम ने सही फैसला लिया ना? श्लोका गांव पहुंच कर फिक्रमंदी से शिवाय से पूछती है। 

सारे रास्ते उसे टेंशन थी, लेकिन वह खामोश थी। क्योंकि वह ड्राइवर के सामने बात नहीं करना चाहती थी।

तुम परेशान मत हो…हमारा फैसला बिल्कुल सही है। प्रेम को उसकी गलती का इहसास कराना बहुत ज़रूरी था। मेरे आदमियों की नज़र प्रेम पर है। उसके साथ कुछ गलत नहीं होगा। हमें देखना है कि ऐसे वक्त में वह क्या फैसला लेता है।

डैड, अमोल और आदर्श हर कोई वहां उस के आसपास है। हमें देखना है कि काजल उस के साथ क्या करती है। और फिर प्रेम क्या करता है। शिवाय अपना कोट उतारते हुए कहते हैं।

आज की रात मेरे बेटे का इम्तिहान है। श्लोका रो देती है।

और उसके साथ हमारा भी…शिवाय की आंख भी नम हो गई।

इस तरह अपने बच्चे को अकेला छोड़ कर आ जाना। आसान नहीं था हमारे लिए। लेकिन हम ने ऐसा किया। क्योंकि यह प्रेम की ज़िन्दगी के लिए ज़रूरी था। उसको सही-गलत की पहचान कराना बहुत ज़रूरी था। 

मैं जानता हूं कि तुम्हारे दिल पर क्या बीत रही है। शिवाय श्लोका को कंधे से थाम लेते हैं।

वह रो दी… बेतहाशा…लेकिन शिवाय खामोश रहे। उसे रोता देख उन्हें बहुत तकलीफ हुई। लेकिन वह सह गए।

श्लोका का रोना बहुत ज़रूरी था। वरना वह अंदर ही अंदर टूट जाती। और शिवाय उसे टूटता हुआ नहीं देख सकते थे।

तुम को याद है श्लोका एक बार अमोल ने भी गलत फैसला लिया था। वह सिमरन को हमारे घर ले आया था।

और तुम ने उसे कितनी समझदारी से अमोल की ज़िन्दगी से निकाला था। और उसके बाद अमोल को समझाया था।

शिवाय श्लोका का मन हल्का करने की कोशिश करते हैं।

उस वक्त तो अमोल तुम्हारा कुछ नहीं लगता था। लेकिन फिर भी तुम को उस की फिक्र थी। यह तो तुम्हारा बेटा है। मुझे यकीन है तुम सब ठीक कर दोगी। लेकिन इस वक्त तुम फिक्र मत करो।

उठो चेंज कर लो। फिर आराम करते हैं। सुबह जल्दी उठना भी है। स्कूल का उद्घाटन करने के बाद और भी कई काम हैं। सोचता हूं वह भी निपटा लूं। फिर दो दिन बाद तो तुम फिर आ ही रही हो। बाकी चीज़ें तुम देख लेना। 

शिवाय उठते हुए कहते हैं। क्योंकि वह भी बहुत थक गए थे। और अब वह भी आराम करना चाहते थे।

♥️

आरव प्रेम भाई कहां होंगे? काजल ने उसे अंदर जाने दिया होगा? पूजा आरव को सोता देख धीरे से पूछती है। 

आरव आते ही चेंज करके सोने के लिए लेट गए थे। शायद वह पूजा के सवालों से बचना चाहते थे। वरना नींद तो उनकी आंखों से भी कोसों दूर थी।

पूजा को भी नींद नहीं आ रही थी। इस लिए जब उस से रहा नहीं गया तो वह आरव से पूछ ही लेती है।

आरव आंख खोल कर एक नज़र पूजा को देखता है और उठकर अपना फोन उठा कर देखने लगता है।

प्रेम को काजल ने ओबेरॉय मेनशन में जाने नहीं दिया। प्रेम को श्लोका हाउस पहुंचाया जा चुका है। गार्ड वहां पर हैं। आरव फोन रखते हुए कहता है। क्योंकि आदर्श ने उससे कहा था कि वह पूजा के पास रहे। और वह उसे पल-पल की खबर मैसेज से दे रहे थे। 

अब तुम सुकून से सो जाओ। प्रेम को आज अकेला रहने दो। क्योंकि यह मौम डैड का फैसला है। आरव उसे समझाता है।

मौम डैड ने जो किया उसमें ज़रूर प्रेम की भलाई होगी। लेकिन मुझे यह सोच कर ही रोना आ रहा है कि प्रेम इस वक्त कितना तन्हा है। पूजा रोते हुए कहती है।

आज की यही तन्हाई उसके कल का फैसला करेगी। तुम परेशान मत हो। वह शिवाय और श्लोका का बेटा है। उस ने एक फैसला गलत भले ही कर लिया हो। लेकिन उसका दूसरा फैसला ज़रूर सही होगा।

आरव मुस्कुराया। ताकि पूजा की टेंशन कुछ कम हो।

भाई परेशानी में हो, और बहन सुकून से हो यह तो हो नहीं सकता। लेकिन आरव उसे लिटा कर खुद भी दोबारा लेट जाता है।

आज की रात बहुत मुश्किल भरी रात थी। हर कोई परेशान था। हर कोई जाग रहा था। अगली सुबह का सूरज एक नई उम्मीद एक नई रौशनी के साथ रौशन होगा। इसी उम्मीद के साथ हर कोई सुबह होने का इंतेज़ार कर रहा था। लेकिन शायद आज की रात बहुत लम्बी थी। 

जारी है…

डोर धड़कन से बंधी भाग 84

डोर धड़कन से बंधी भाग 86




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