धड़कन | भाग 24 | Dhadkan Part 24 | Heart Touching Hindi Love Story

आयें ना भाई। बहुत मज़ेदार फिल्म है। अराध्या ने शिवाय से कहा। शिवाय वहीं बैठ गये। और श्लोका की तरफ देखा। शिवाय कल रात वाली बात भूले नहीं थे। श्लोका को भी याद आ गई।

सब की नज़र स्क्रीन पर थी। देखते-ही-देखते एक रोमांटिक सीन आ गया जिस में हीरो हीरोइन को प्रपोज कर रहा था। शिवाय एक टिक देखते गये। ऐसा लगा वह उसी में खो गये हो। शिवाय की नज़र में हीरो हीरोइन नहीं बल्कि वह और श्लोका थे। शिवाय ने तिरछी नजरों से श्लोका की तरफ देखा। उसकी नज़र स्क्रीन पर थी। शिवाय ने सोफे पर पीछे सिर टिका कर आंख बन्द कर ली। उसके कानों में फिल्म के डायलाग बज रहे थे और बन्द आंखों में श्लोका थी।

क्या हुआ भाई थक गये हैं क्या? अराध्या शिवाय को इस तरह बैठे देख प्यार से पूछती है।

हूं बहुत ज़्यादा، शिवाय तो कहीं और ही गुम थे। श्लोका ने भी शिवाय की तरफ देखा। शिवाय उसे बहुत उदास दिखे।

कमला, भाई के लिए चाय लायें। अराध्या ने वहीं से आवाज़ दी।

चाय पीते ही शिवाय उठ कर ऊपर चले गए।

क्या मेरी बात से परेशान हैं? श्लोका मन ही मन सोचने लगी। और फिर फिल्म देखने लगी। इस वक्त वह कुछ सोचना नहीं चाह रही थी।

डैड कहीं घूमने चलते हैं। बहुत दिन हो गया सब को साथ कहीं गये हुए। डिनर करते हुए अराध्या डैड से कहती है।

हां तैयारी कर लो। प्रोग्राम बन रहा है। पूरा ग्रुप चलेगा। सुधीर जी ने हंसते हुए कहा।

वाह मज़ा आयेगा तब तो। अराध्या खुश हो गई।

डैड मैं कल दोस्तों के साथ जा रहा हूं। अमोल ने खुशी से कहा।

ठीक है जाओ। अच्छा लगा तुम्हें खुश देखकर। सुधीर जी ने खुशी से कहा।

जी डैड यह सब सुमन का कमाल है। वरना मैं तो पता नहीं क्या करता। अमोल ने उदासी से कहा।

अच्छा सुमन ने क्या किया? सुधीर जी को हैरत हुई।

सुमन ने भाई को समझा दिया है। और भाई समझ भी गये। अराध्या ने खुशी से कहा।

यह तो और भी अच्छी बात है। सुमन ने समझाया खुशी हुई। लेकिन अमोल ने उस बात को समझा، यह और भी खुशी की बात है। सुधीर जी ने हंसते हुए कहा।

श्लोका मैं तुम्हें अपने लिए बहुत खास समझता था। मुझे लगा कि तुम मुझ से प्यार करती हो। इस लिए तुम मेरी इतनी परवाह करती हो। लेकिन मैं गलत था।

तुम्हारा नेचर ही ऐसा है तुम हर किसी की परवाह करती हो। कभी अराध्या को समझाती हो। तो कभी मौम और डैड की परवाह करती हो, और अब अमोल। तुम अमोल को ज़िंदगी की तरफ वापस ला रही हो। और मैं खुश था कि तुम मेरी हो। लेकिन यह तो तुम्हारा अंदाज़ है। अब पता नहीं जिसे मैं प्यार समझ रहा हूं वह प्यार है या कुछ और। शिवाय सोचों में गुम खाना खाये जा रहे थे।

वहां पर क्या बातें हो रही हैं उस को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। श्लोका ने सिर्फ शिवाय को देखा। जो कहीं खोया हुआ था।

खाना खा कर सब लोग हॉल में आकर बैठ गये। और बातें करने लगे।

अराध्या और श्लोका अमोल से बातें कर रही थी। जल्दी से पढ़ाई पूरी करके पैसे कमाओ। अब तुम्हें एक नहीं दो बहनों को नेग देना है। श्लोका अमोल से कहती है। जिसे सुनकर अमोल बहुत ज़ोर से हंस देता है। शिवाय और सुधीर जी जो अपने बिजनेस की बात कर रहे थे। अमोल की हंसी पर उन तीनों को देखने लगते हैं।

क्या हो गया भई... कुछ हम को भी बता दो ताकि हम भी हंस लें। सुधीर जी ने खुशी से कहा। आज इस तरह अपने बच्चों को खुश देखकर उनको बहुत खुशी हुई।

डैड यह दोनों बहनें मुझ से पैसा वसूलने के चक्कर में हैं। अमोल ने हंसते हुए कहा।

अच्छा वह कैसे? सुधीर जी को हैरत हुई। 

सुमन कह रही है कि पढ़ाई करके खूब पैसा कमाओ। ताकि मैं अपनी शादी में इन दोनों को खूब सारा नेग दूं। अमोल उन दोनों को चिढ़ाते हुए सुधीर जी से कहता है।

अमोल की बात पर शिवाय के होंठों पर भी मुस्कान आ जाती है। तुम शायद ऐसी ही हो। हर किसी को खुशियां देने वाली। वह श्लोका की तरफ देखते हुए सोचते हैं। 

हां हां नेग मिलेगा ज़रूर मिलेगा।

मैं चला सोने। मुझे सुबह पांच बजे निकलना है। कहते हुए अमोल उठ जाता है। अराध्या भी उठ जाती है। उसी के साथ श्लोका भी उठ जाती है। शिवाय भी उठने का सोच ही रहे थे कि उसी वक्त सुधीर जी श्लोका को रोक लेते हैं।

बैठो सुमन कुछ बात करनी है। 

शिवाय उठने का इरादा छोड़ कर बैठे रह जाते हैं। 

जी अंकल बताएं। श्लोका उन के पास जाकर बैठ जाती है।

शादी में जो आंटी मिली थी याद हैं।

कौन वह जो मेरे बारे में पूछ रही थी? श्लोका को तुरंत याद आ गया।

हां वही उन्होंने अपने बेटे के लिए तुम्हारा हाथ मांगा है। 

उन्होंने बड़ी मुश्किल से शादी का वीडियो देख कर तुम्हारे बारे में पता कर के मेरे तक बात पहुंचाई है। 

शिवाय के दिल में कुछ हुआ यह सुन कर। मगर वह नार्मल बना रहा।

लेकिन अंकल। श्लोका कुछ बोलते-बोलते खामोश हो गई।

अच्छा तो है वैसे भी तुम को मां और बेटा दोनों पसंद आये थे। शिवाय उठते हुए कहते हैं। और सीधे ऊपर चले जाते हैं।

यह शिवाय क्या कह रहा था? सुधीर जी हैरान हुए।

शिवाय का छोड़े। आप बताएं आप ने क्या कहा? आप को मना कर देना चाहिए था। श्लोका परेशान हो गई। ऊपर से शिवाय भी नाराज़ थे।

हां मैंने मना कर दिया। मैंने कह दिया कि तुम्हारा रिश्ता तय हो चुका है। 

यह आप ने बहुत अच्छा किया अंकल। क्योंकि बाद में मना करना अच्छा नहीं लगता। जब लोग अच्छे हों। श्लोका को इत्मीनान हो गया।

हां मिस्टर खन्ना बहुत तारीफ कर रहे थे उनकी फैमली की , और लड़के की भी। कह रहे थे एक बेहतरीन फैमली है जैसी फैमली एक लड़की की शादी करने के लिए चाहिए।

तुम अब शिवाय को सब बता दो। वह तुम को शादी के लिए मना नहीं करेगा। सुधीर जी ने सोचते हुए कहा।

ठीक है अंकल मैं देखती हूं। लेकिन प्लीज़ आप कुछ मत बताना शिवाय को। श्लोका ने रिक्वेस्ट की।

हां ठीक है। लेकिन अब तुम देर मत करो। कहीं ऐसा ना हो कि सही वक्त के चक्कर में बहुत देर हो जाए। सुधीर जी उसे समझाते हैं।

जारी है...

धड़कन भाग 23

धड़कन भाग 25




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