डोर धड़कन से बंधी | भाग 96 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 96 | Hindi Romantic Story

यह सच है कि मैं तुम से प्यार नहीं करता। लेकिन मुझे यकीन है हमारा यह सफर बहुत खूबसूरत होगा। हम इस सफर को अपनी मुहब्बत से आगे ले जायेंगे। मेरे साथ एक बेवफा का दर्द है। जिससे तुम ही मुझे बाहर निकाल सकती हो। क्योंकि मैंने देख लिया है तुम दौलत से नहीं इंसानों से प्यार करती हो।

काश! काजल मैं तुम्हारे प्यार को समझ पाता…मैं समझ पाता कि तुम मुझ से नहीं मेरी दौलत से प्यार करती हो। तुम ने मुझ से मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे दादू का ओबेरॉय मेंशन जिसे उन्होंने बहुत प्यार से बनाया था। प्रेम की आंखें नम हो गईं। वह आंख बन्द कर लेता है। 

भाई…पूजा गाड़ी के शीशे पर नॉक करती है।

प्रेम जल्दी से आंसू पोछ कर शीशे को नीचे करता है। तब तक पूजा दूसरी तरफ से गेट खोल कर अंदर आकर बैठ जाती है।

क्या हुआ भाई…पूजा परेशान हुई।

कुछ नहीं…वह एक बार फिर आंखें रगड़ता है।

मत याद करो उसे जो दुख के सिवा कुछ ना दे पाई आप को… नताशा अच्छी लड़की है। इस ने आप को चुना है। आपकी दौलत से यह अंजान है। यह ज़रूर आपको वह सारी खुशियां देगी। जिसे उस खुदगर्ज काजल ने आप से छीन लिया था।

पूजा भाई का हाथ थाम कर कहती है।

हूं…प्रेम सिर्फ इतना ही बोल पाया।

मौम और दादी भी आ रही हैं। तुम ठीक हो ना? 

हां, मैं ठीक हूं। प्रेम खुद को नार्मल करते हुए कहता है।

उसी वक्त श्लोका और ममता जी भी अंदर से आ जाती हैं। उन के पीछे नताशा भी खड़ी थी। सब के बैठते ही वह नमस्ते करते हुए पीछे हट जाती है।

पूजा भी पीछे बैठ जाती है। प्रेम ड्राइवर को इशारा करता है। और खुद साइड हो जाता है।

गाड़ी आगे बढ़ जाती है। लेकिन नताशा के लिए बहुत सारे सवाल छोड़ जाती है।

अंदर जाकर वह मां के पास खामोशी से बैठ जाती है।

इतना खामोश क्यों हो? जो कहना है कह दो।

मम्मी सब कुछ इतना जल्दी?

जल्दी तो है।

वह लोग पैसे वाले भी लगते हैं। उन सब के चेहरे पर एक खास रौब था। नताशा परेशानी से कहती है।

हां, यह बात तो मैंने भी महसूस की।

तो फिर आप ने उनको मना क्यों नहीं किया?

क्या कहती कि आप हम से ज़्यादा अमीर हैं, इस लिए मैं यह रिश्ता नहीं कर सकती। या फिर यह कहती कि मैं बहुत गरीब हूं। और मैं गरीब से ही रिश्ता करूंगी। बोलो…

लेकिन फिर भी मम्मी…वह उलझी हुई थी। और अपनी उलझन ठीक से मां से कह भी नहीं पा रही थी।

वह लोग अपनी कार से आये थे। नताशा को गाड़ी का याद आया।

हो सकता है किराए की हो।

लग तो नहीं रहा था। नताशा धीरे से कहती है।

और यह सब सामान देखें…शहर की सबसे महंगी दुकान का है। नताशा की नज़र उन सामान पर गई, जो वह लेकर आए थे।

कोई कहीं कुछ लेकर जाता है तो अच्छी ही दुकान का लेकर जाता है।

तुम्हारे मन में जितने भी अंदेशे हैं उन सब को पीछे छोड़ दो बेटी। और यह शादी हो जाने दो। क्योंकि ऐसा परिवार हमें दोबारा नहीं मिलेगा। प्रेम अच्छा लड़का है। उसने मुश्किल में हमारी मदद की। अगर वह अच्छा ना होता तो कभी भी हमारी मदद नहीं करता।

और सबसे अच्छी बात यह है कि उसका परिवार साथ है। अगर परिवार साथ ना होता तो मैं कभी भी इस रिश्ते के लिए तैयार ना होती।

यह शादी कर लो मेरी बच्ची…पता नहीं कितने दिन की मेरी ज़िन्दगी है। तुम्हारी शादी हो जायेगी तो मुझे भी सुकून रहेगा। 

अपनी बात कहकर वह नताशा की ओर देखती हैं।

ठीक है…वह धीरे से कहती है। वैसे जो बातें मां कह रही हैं वह बिल्कुल सही है। शादी के लिए एक अच्छा लड़का मिलना आसान नहीं। अपनी सोचों को विराम देती वह उठ कर किचन में सब समेटने चली गई।

♥️

ओबेरॉय मेशन के बाहर एक के बाद एक गाड़ियां आकर रूक रहीं थीं। बाहर से पूरा ओबेरॉय मेंशन सजा हुआ था।

एक-एक कर हर कोई गाड़ी से निकलता है और शिवाय की ओर हैरानी से देखते हैं। क्योंकि शिवाय ने सब को मैसेज किया था कि नौ बजे ओबेरॉय मेंशन के बाहर मिलो।

हर कोई हैरान था। लेकिन शिवाय का हुक्म था। इस लिए हर कोई पहुंच गया कि जो बात होगी जाकर पता चल जायेगी।

चलिए अंदर चलते हैं…कहते हुए शिवाय श्लोका का हाथ पकड़ कर एक शान से चलते हुए अंदर पहुंचते है। उन के साथ ही हर कोई आगे बढ़ जाता है।

अंदर पार्टी चल रही थी। 

काजल उन सब को देख कर हैरान रह गई।

आप सब यहां क्यों? वह हैरान कम परेशान ज़्यादा दिखी।

आज आप का जन्म दिन है। इतनी बड़ी पार्टी रखी, और हमें नहीं बुलाया…इस लिए हम खुद ही आ गए। शिवाय आगे बढ़ कर सोफे पर बैठते हैं। साथ ही श्लोका भी बैठ जाती है।

शिवाय हर किसी को बैठने का इशारा करते हैं।

प्रेम नफरत से काजल की ओर देखता है। और खामोशी से बैठ जाता है। अगर डैड ना कहते तो मैं कभी भी यहां नहीं आता। वह मन ही मन गुस्सा होता है। उसे खुद पर और अपने परिवार पर गुज़री हर बात याद आ जाती है कि किस तरह काजल ने ओबेरॉय मेंशन में किसी को जाने नहीं दिया था।

आप लोग यहां पर क्यों आए हैं? काजल गुस्से से कहती है।

बताया तो तुम्हारी बर्थ डे पार्टी अटैंड करने आए हैं। शिवाय बहुत सुकून से कहते हैं। और वहां पर स्नैक्स लेकर चल रहे वेटर से एक प्लेट लेते हैं।

श्लोका तुम क्या लोगी? 

मैं आइसक्रीम…श्लोका मुस्कुराई।

मैम के लिए आइसक्रीम लाएं। शिवाय वेटर से कहता है। वह तुरंत लाकर श्लोका को आइसक्रीम देता है।

आप लोग भी लें। शिवाय सब को इशारा करता है। और फिर वह सब भी लेकर खाने लगते हैं। 

आप सब अभी के अभी जाएं यहां से…वरना मैं गार्ड को बुलाकर आप सब को बाहर कर दूंगी। काजल एक बार फिर गुस्से से कहती है। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह लोग आए ही क्यों हैं।

जारी है…

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