डोर धड़कन से बंधी | भाग 97 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 97 | Hindi Romantic Story
आप सब अभी के अभी जाएं यहां से…वरना मैं गार्ड को बुलाकर आप सब को बाहर कर दूंगी। काजल एक बार फिर गुस्से से कहती है। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह लोग आए ही क्यों हैं।
चले जायेंगे…पहले पार्टी तो इंज्वॉय कर लें। शिवाय सुकून से कॉफी का सिप लेकर कहते हैं।
वेटर… मैडम को एक और आइसक्रीम दीजिए। शिवाय वेटर को आवाज़ देते हैं।
केक कब कट होगी? शिवाय बहुत सुकून से काजल से पूछते हैं।
आप को इससे क्या?…आप लोग जाएं यहां से मैंने आप लोगों को नहीं बुलाया। काजल तिलमिला कर रह गई।
हम लोग तो जाने वाले नहीं…शिवाय सब को देख कर कहते हैं।
वहां पर आए सभी मेहमान हैरत से सब तमाशा देख रहे थे। उन को समझ नहीं आ रहा था कि यह चल क्या रहा है।
लगता है आप ऐसे नहीं मानेंगे…गार्ड्स…काजल चिल्लाई।
सारे गार्ड्स आकर उसके सामने खड़े हो गए।
इन सब को अभी के अभी यहां से बाहर निकालो। पार्टी का सारा मज़ा खराब कर दिया। काजल उन सब को हुक्म देती है।
लेकिन वह सब खामोशी से सिर झुकाकर खड़े रहे।
तुम सब खड़े क्यों हो? बाहर करो इन सब को। काजल एक बार फिर चींखी।
हम इन को बाहर नहीं कर सकते। यह हमारे मालिक हैं। एक गार्ड सिर झुकाकर कहता है।
अब तुम्हारे मालिक यह नहीं मैं हूं। बाहर निकालो इनको। वरना मैं तुम सब को नौकरी से निकाल दूंगी। काजल गुस्से से कहती है।
आप जो चाहे कर लें… लेकिन हम इन के साथ गलत नहीं होने देंगे।
तुम सब को तो मैं बाद देखूंगी। काजल गुस्से से कहती है, और उसकी मां दूर खड़ी सब तमाशा देखते हुए सोच रहीं थीं। अगर शिवाय सिंह ओबेरॉय यहां आया है तो ज़रूर उसकी कोई वजह होगी। लेकिन वह वजह क्या है? यही समझ नहीं आ रहा।
आप सब जा रहे हैं या मैं पुलिस को बुलाऊं? काजल गुस्से से एक बार फिर शिवाय से कहती है।
क्यों प्रेम क्या कहते हो, चला जाए? शिवाय थोड़ा झुक कर प्रेम से पूछते हैं। जो बगल वाले सोफे पर बैठा हुआ था।
पार्टी तो अभी बाकी है डैड…प्रेम मुस्कुराया।
तो फिर ठीक है सब लोग पार्टी इंज्वॉय करो…शिवाय खुल कर हंसे प्रेम की बात पर।
आप ऐसे नहीं मानेंगे…मैं पुलिस को फोन करती हूं। काजल फोन मिलाती है।
लेकिन शिवाय कोई जवाब देने के बजाए सुकून से कॉफी पीते रहे।
पार्टी में मज़ा आ रहा है ना पूजा… शिवाय उठ कर पूजा के पास जाते हैं।
जी डैड बहुत मज़ा आ रहा है।
पार्टी का मज़ा लो सब लोग…ऐसी पार्टी कम ही मिलती है। शिवाय कहते हुए आगे बढ़ते हैं। घूम कर एक नज़र सब तरफ देखते हैं। अपने अंदर के दर्द को वह अंदर ही छुपा गए। ओबेरॉय मेंशन सिर्फ एक घर नहीं, उसकी ज़िन्दगी का हिस्सा था।
उसी वक्त पुलिस आ जाती है।
शिवाय सुकून से घूम कर वापस सोफे पर बैठ जाते हैं।
यह लोग मेरे घर में ज़बरदस्ती आ गए हैं और अब जा नहीं रहे हैं। आप इन को बाहर निकालें।
पुलिस के आते ही काजल शिवाय की तरफ इशारा करती है।
यह घर आपका? सारा शहर जानता है कि यह घर शिवाय सिंह ओबेरॉय का है। पुलिस आफिसर काजल की बात पर हैरानी से उसे देख कर कहते हैं।
यह घर इनका था…लेकिन फिर इन्होंने यह घर मेरे नाम कर दिया। काजल पूरी बात बताती है।
अच्छा, यह बात तो मुझे पता ही नहीं थी। अगर ऐसा है तो आपके पास पेपर भी होंगे। आफिसर काजल की ओर देखते हैं।
जी, मैं अभी लेकर आती हूं। कहते ही वह अंदर की तरफ तेज़ी से बढ़ती है। वापस आकर फाइल उनको देती है।
आप कुछ कहना चाहेंगे सर इस बारे में? आफिसर पेपर देख कर शिवाय से पूछते हैं।
आप को जो पूछना है इन से पूछ लें। शिवाय अपने वकील की तरफ इशारा करते हैं। जिसे वह साथ लेकर आए थे।
हां तो बताएं वकील साहेब… यह पेपर देखकर तो यही लग रहा है कि शिवाय सिंह ओबेरॉय ने यह घर इनके नाम कर दिया है। ना सिर्फ यह घर… बल्कि और भी बहुत कुछ…आफिसर पेपर से नज़र हटा कर वकील साहेब को गौर से देखते हैं। और पेपर वकील साहेब की ओर बढ़ाते है।
वकील साहेब पेपर को बहुत गौर से पलट-पलटकर देखते हैं।
पेपर देखकर तो यही लग रहा है कि शिवाय सर ने ओबेरॉय मेनशन, फार्म हाउस, बिज़नेस, शेयर और बहुत कुछ इनके नाम कर दिया है। वकील साहेब काजल की ओर इशारा करते हुए आफिसर से कहते हैं।
जारी है…
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