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Steamed Momos Recipe

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 स्टीम मोमोज़..... मोमोज का इतिहास मोमोज का इतिहास तिब्बत, नेपाल, भूटान और उत्तरी भारत से जुड़ा हुआ है। यह एक लोकप्रिय स्टीम्ड डंपलिंग है, जिसका मूल तिब्बत और नेपाल में माना जाता है। समय के साथ, यह भारत, चीन और अन्य एशियाई देशों में भी प्रसिद्ध हो गया। 1. तिब्बती और नेपाली मूल मोमोज की उत्पत्ति तिब्बत में हुई मानी जाती है, जहाँ इसे पारंपरिक रूप से याक (yak) के मांस के साथ बनाया जाता था। नेपाल में यह पकवान बहुत लोकप्रिय हुआ, और वहाँ इसकी अलग-अलग किस्में विकसित हुईं, खासकर शाकाहारी मोमोज। 2. भारत में मोमोज का आगमन मोमोज भारत में तिब्बती शरणार्थियों और नेपाली प्रवासियों के माध्यम से आया। 1960 के दशक में, जब दलाई लामा भारत आए, तो उनके साथ तिब्बती समुदाय ने भी अपनी संस्कृति और खान-पान को भारत में लाया। धीरे-धीरे, मोमोज भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दार्जिलिंग में लोकप्रिय हुआ। 3. मोमोज का आधुनिक रूप आज, मोमोज भारत के हर शहर में आसानी से मिल जाता है। पारंपरिक मांसाहारी मोमोज के अलावा, भारतीय स्वाद के अनुसार इसमें कई बदलाव किए गए हैं, जैसे – वेज मोम...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 6 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 6 | Emotional Hindi Romance

समीर की बातें कहां खत्म होने वाली थी। वह तो यादों के झरोखों में बहुत दूर निकल गया था।  समीर लौट आओ। इन बातों की अब हमारी ज़िन्दगी में कोई अहमियत नहीं है। दानिया ने उदासी से कहा। लौटना तो है ही दानिया। क्योंकि आज के बाद एक बार फिर हम अजनबी होंगे। हम दोनों के फोन नंबर हमारे पास हैं। हम दोनों एक ही शहर में रहते हैं। हम दोनों एक दूसरे का घर जानते हैं। लेकिन हमारे कालेज का वह आखरी दिन था। और आज का दिन है। इस बीच हम ने बहुत लम्बा सफर तय किया है। हम दोनों एक दूसरे का स्टेटस देखते हैं। लेकिन बिल्कुल गैरों की तरह। यूं जैसे बस दिख गया हो। हम ने कभी एक दूसरे के स्टेटस पर कमेंट भी नहीं किया।  लेकिन हम जानते हैं वह स्टेटस हमारे लिए क्या है। चलो समीर अब हॉल में चलते हैं। बहुत देर हो गई है। समीर बहुत ही ज़्यादा इमोशनल हो रहा था। दानिया को उससे डर लगने लगा कि कहीं यह मुलाकात उन की ज़िंदगी को नई उलझन में ना डाल दें। क्या हुआ? मेरी बातों से डर लगने लगा। डरो मत दानिया आज की इस मुलाकात से हम एक बार फिर ज़िंदगी की तरफ लौटेंगे। और हमारी ज़िन्दगी एक मिसाली ज़िंदगी होगी। मगर इस दुनिया के लोग कभी नहीं...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 1 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 1 | Emotional Hindi Romance

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    कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) कालेज की एल्यूमिनी मीट में हर तरफ एक शोर था। एक दूसरे के गले लगना, ऊंचे-ऊंचे कहकहे, खुशी के आंसू, कहीं हंसी के झरने तो कहीं मुस्कुराते चेहरे यूं कहें हर तरफ सिर्फ खुशियां ही खुशियां थी।  पुरानी यादें, साथ उठना बैठना खाना पीना हर लम्हे आंखों में थे।  एक दूसरे से मिलने की खुशी। सब बहुत ही खूबसूरत था। दिल धड़का भी तो किस पर... पढ़ें एक प्यारा सा प्यार... दानिया, वर्षा, उर्वशी और निकिता भी एक दूसरे से मिल कर बहुत खुश थे। कितनी ही देर वह एक दूसरे के गले लगी हुई थीं। ज़िंदगी कुछ ज़्यादा ही तेज़ी से आगे से नहीं बढ़ रही है? ऐसा लगता है जैसे ज़िंदगी हमारे ग्रेजुएशन के इंतेज़ार में थी। जैसे ही हम ग्रेजुएट हुए और ज़िम्मेदारी हमारे सर पर आ पड़ी।  वर्षा ने अपने बैग से सब के लिए गिफ्ट निकालते हुए कहा। सही कह रही हो। पढ़ाई  पूरी होते ही शादी के बाद ज़िंदगी बदल गई। कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा।  जिन ज़िम्मेदारियों को हम बचपन से अपनी मां को अदा करते देख रहे थे। वही सब अब हम कर रहे हैं। उर्वशी ने सोचते हुए कहा। लेकिन हमें खुशी है कि हम अपनी...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 7 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 7 | Emotional Hindi Romance

समीर की बातें खत्म ही नहीं हो रही थी। और दानिया को भी समीर से बात कर के बहुत सुकून मिल रहा था। अंदर हॉल का प्रोग्राम खत्म हो गया। सब को लंच करने के बाद जाना था। समीर और दानिया लंच के लिए चले गये। उसी वक्त वर्षा, उर्वशी और सारे दोस्त आ गये। तुम कहां रह गई थी? वर्षा ने नाराज़गी से पूछा। मैं पीछे बैठ गई थी। तुम लोग दिखी ही नहीं। दानिया अपनी प्लेट में खाना निकालते हुए कहती है।  सब लोग खाना खाकर एक दूसरे से मिल कर जाने लगते हैं। कालेज वाले यह काम बहुत अच्छा करते हैं। पुराने दोस्तों से मिल कर लगता है। अपने अंदर नई जान आ गई है। उर्वशी ने हंसते हुए कहा। दिल, दोस्ती और प्यार पढ़ें और महसूस करें। सही कह रही हो। आज हम बेफिक्र हैं। हमें कोई फिक्र नहीं। आज हम आजाद है। यह एक दिन की रिहाई हमारे कालेज वाले प्यार को ताज़ा कर गई। दानिया ने भी हंसते हुए कहा। और सब बाहर निकल गये। दानिया जैसे ही अपनी गाड़ी में बैठने लगी। उसी वक्त समीर आ गये। चलती हूं समीर, हमारी मुलाकात तो होती ही रहेगी। बिल्कुल वैसे ही, जब मैं अकेली चाय पी रही हूंगी। और चाय के उठते धुएं के साथ तुम्हारा अक्स मेरे सामने होगा।जब गर्म-गर्...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 5 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 5 | Emotional Hindi Romance

दानिया हैरान रह गई। समीर की आंख नम ज़रूर थी। मगर एक भी आंसू बाहर नहीं गिरा। हम अगर ना हंसते तो फिर शायद सारी ज़िन्दगी रोते। हमारी मुहब्बत को कोई नहीं जान पाया। यहां तक कि हमारे दोस्त जो हर वक्त हमारे पास रहते थे। हम ने अपनी मुहब्बत को रूसवा नहीं किया। हम ने दिल से मुहब्बत की और दिल में ही मुहब्बत को छुपा गये। मगर समीर कभी-कभी यह दिल मुहब्बत को ढोते हुए थक जाता है। रात के किसी पहर आंख खुल जाती है। और अचानक से तुम्हारा चेहरा सामने आ जाता है। उन अंधेरी रातों में मेरे अंदर की चींख रात के सन्नाटों को चीरना चाहती है। मगर मेरे लब नहीं हिलते। यूं जैसे किसी ने उसे मज़बूत धागों से सिल दिये हो। और मैं बाहर की  खामोशी और अंदर के शोर के बीच कहीं खो जाती हूं। दानिया कहते हुए रो पड़ी। तुम सही कह रही हो। मुहब्बत को जीते हुए बहुत आगे निकल गये हम। हर ज़िम्मेदारी को निभा कर हर फर्ज़ अदा करते हुए हम एक कामयाब ज़िंदगी जी रहे हैं।  मगर क हीं किसी कोने में एक एहसास अक्सर दम तोड़ देता है।  यह सच है मैं अपनी बीवी के चेहरे में कभी तुम को तलाश नहीं करता। मैं कभी उस का हाथ थामते हुए तुम्हें महसूस नह...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 4 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 4 | Emotional Hindi Romance

मुहब्बत के वह पल हमारी आंखों में थे। जीने-मरने के वादे नहीं थे।  मगर एक ख्वाहिश थी। काश! हम साथ जी पाते। समीर के लहजे में दर्द था। और फिर हमने परिवार की मर्ज़ी से शादी कर ली। और उस रिश्ते को दिल से निभाया। क्योंकि यह हमारा वादा था एक दूसरे से.... की हम अपने पार्टनर के प्रति वफादार रहेंगे। और हम ने वही किया।  शायद इसी लिए आज हम एक कामयाब ज़िंदगी जी रहे हैं।  दानिया की नज़र समीर पर गई। जिस की आंख में नमी थी।  यह सच है दानिया कि हम अपने पार्टनर के प्रति वफादार रहे। हमारी ज़ुबान पर कभी एक दूसरे का नाम नहीं आया। हम ने उस के बाद कभी एक दूसरे से बात नहीं की। लेकिन फिर भी हम एक दूसरे से जुड़े हुए थे।  अंदर कहीं बहुत अंदर तुम छुपी हुई थी।  जब कभी बहुत ज़्यादा ऊंचे कहकहे लगाता तो आंख नम हो जाती। और उस नमी को पोंछते हुए मैं दोबारा जी उठता।  और फिर एक और बहुत ज़ोर का कहकहा लगाता। मेरे कहकहे मेरी खुशी की निशाने थी। और मेरे आंखों की वह नमी मेरी उंगलियों के पोरों में खुश्क हो जाती।  दानिया हैरान रह गई। समीर की आंख नम ज़रूर थी। मगर एक भी आंसू बाहर नहीं गिरा। जारी...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 3 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 3 | Emotional Hindi Romance

हां, अच्छी गुज़र रही है। अच्छा परिवार है। पति अच्छे हैं।  दौलत इज़्ज़त सब है। दानिया मुस्कुरा दी। दानिया की मुस्कान के पीछे छिपे दर्द को समीर ने शायद पढ़ लिया था। लेकिन वह कुछ नहीं बोला। दोनों की खामोशी बहुत कुछ कह रही थी। और तुम? दानिया की नज़र अब समीर पर थी। मैं भी खुश हूं तुम्हारी तरह सब कुछ है मेरे पास। बीवी-बच्चे इज़्ज़त दौलत! समीर मुस्कुराये। लेकिन सब कुछ होने के बाद भी अंदर कहीं एक खालीपन है। जो आज तक नहीं भरा। समीर इस बार हंस दिये। दानिया मुस्कुरा दी। उसे खुशी हुई कि उस ने जिस से प्यार किया। वह उससे सच्चा प्यार करता था। इस मुस्कुराहट की वजह? समीर की नज़र दानिया पर से हट ही नहीं रही थी। आदत हो गई ना हर बात पर मुस्कुराने की। शायद इस लिए। ज़िंदगी के वह तीन बेहतरीन साल जब हम सब साथ में इसी कालेज में पढ़े। और फिर हमारा वह साथ, और हमारा वह प्यार,  हमारे बीच कोई वादे नहीं हुए। जीने-मरने की कोई कसमें नहीं थी। हम तो सिर्फ साथ के हर लम्हों को जी रहे थे। हमें नहीं पता था कि हमारे साथ कल क्या होगा। हम तो सिर्फ आज में जी रहे थे। दानिया थोड़ा ठहरे। शायद बीते दिनों के किसी पल में खो ...

कुछ अनकही (कालेज वाला प्यार) भाग 2 | Kuch Ankahi: Unspoken College Love Story Part 2 | Emotional Hindi Romance

सब के चेहरे पर खुशी थी। समीर को देखते ही गये दिनों की बातें हवा के मद्दिम झोंको की तरह मन के अंदर एहसास को जगा रहे थे। जिसे बरसों पहलें धपकी देकर सुला दिया गया था। पुरानी बातों का सिलसिला जारी था। हर किसी को एक दूसरे की बातें याद आ रही थी। एक दूसरे की गलतियों को याद कर के सब मज़े ले रहे थे। उसी वक्त एनाउंस हुआ कि सब लोग हॉल में पहुंचे वहां पर प्रोग्राम शुरू होने वाला था।  चलिए हॉल में चलते हैं। वर्षा उठ खड़ी हुई। उसी के साथ सभी लोग उठ खड़े हुए। और हॉल की तरफ बढ़ गये। आगे बढ़ते-बढ़ते समीर और दानिया साथ हो गये। और धीरे-धीरे दोनों उन सबसे बहुत पीछे हो गये। बाकी लोग अंदर चले गये। समीर और दानिया बाहर ही रुक गये। और फिर वापस से बाहर आकर वहीं सीढ़ी पर बैठ गये। दोनों ने एक दूसरे को देखा। और दोनों ही मुस्कुरा दिये। कैसी हो? ठीक हूं। और तुम? मैं भी ठीक हूं। ज़िंदगी अच्छी गुज़र रही है? समीर की नज़र दानिया के चेहरे पर थी। हां, अच्छी गुज़र रही है। अच्छा परिवार है। पति अच्छे हैं।  दौलत इज़्ज़त सब है। दानिया मुस्कुरा दी। दानिया की मुस्कान के पीछे छिपे दर्द को समीर ने शायद पढ़ लिया था। लेकिन ...

Quotes Hindi Urdu Part 6

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अगर आप तेज़ चलना चाहते हैं, तो अकेले चलिए। लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो, साथ में चलिए। -रतन टाटा  रतन टाटा, भारत के प्रमुख उद्योगपति और टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष, ने अपने जीवन और अनुभवों से प्रेरित कई प्रेरणादायक बातें कही हैं। यहाँ उनके कुछ प्रसिद्ध कोट्स दिए गए हैं: आगे बढ़ने के लिए जीवन में उतार-चढ़ाव ज़रूरी हैं, क्योंकि ईसीजी में सीधी लाइन का मतलब होता है कि हम ज़िंदा नहीं हैं। मैं सही फैसले लेने में विश्वास नहीं रखता। मैं फैसले लेता हूं और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूं। लोग कहते हैं कि पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती, लेकिन यह भी सच है कि पैसों के बिना आप बहुत कुछ नहीं कर सकते। जिस दिन मैं उड़ान भरने से डरूंगा, उसी दिन मैं काम छोड़ दूंगा। जो लोग आपसे बेहतर कर रहे हैं उनसे प्रेरणा लें, जलन नहीं। अगर आप तेज चलना चाहते हैं, तो अकेले चलिए। लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं, तो साथ में चलिए। हर व्यक्ति को अपने काम में विश्वास और जुनून होना चाहिए, तभी वह बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। रतन टाटा के ये विचार जीवन में साहस, आत्मविश्वास और दूरदर्शिता के महत्व को दर्शाते ...