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Showing posts from December, 2025

धड़कन | भाग 22 | Dhadkan Part 22 | Heart Touching Hindi Love Story

वह तो शुक्र है कि डैड ने तुम्हारे बारे में पता लगवा लिया। वरना मैं तो शादी के बाद अपना सब कुछ तुम्हारे नाम करने वाला था। इतनी मुहब्बत करता था मैं तुमसे। आलोक ने गुस्से से कहा। शांत हो जाओ बेटा। अशोक जी से अपने बेटे की तकलीफ देखी नहीं जा रही थी। इंस्पेक्टर साहेब गिरफ्तार कर लें इसे। अशोक जी ने इंस्पेक्टर साहेब ने कहा। तुम्हारा पति कहां है? इंस्पेक्टर साहेब ने गुस्से से पूछा।  सिमरन ने देखा अब बचना मुश्किल है उसने पता बता दिया। इंस्पेक्टर साहेब ने तुरंत फोन करके उसे पकड़ने का आर्डर दिया। अच्छा अब हम लोग चलते हैं। इंस्पेक्टर साहेब ने कहा। ऐसे कैसे जायेंगे। डिनर करें पहले। सुधीर जी ने कहा और साथ में शिवाय ने भी कहा। डिनर तो घर जाकर करूंगा। वरना हमारी मैडम गुस्सा हो जायेंगी। इंस्पेक्टर साहेब ने हंसते हुए कहा। इतने बड़े इन्स्पेक्टर होकर बीवी से डरते हैं। शिवाय ने भी मज़ाक किया। बड़ा मैं आप लोगों के सामने हूं। बीवी के सामने उसका हुक्म मानने वाला पति। बीवी को कभी कमज़ोर मत समझना।  इंस्पेक्टर साहेब ने शिवाय के कंधे पर हाथ रख कर कहा। शिवाय सिर्फ मुस्कुरा दिये। उसकी नज़र सीधे श्लोका पर ग...

धड़कन | भाग 21 | Dhadkan Part 21 | Heart Touching Hindi Love Story

  तो क्या? आज तुम्हारे साथ वक्त बिता लेता हूं। फिर तो आफिस ही जाना है। शिवाय श्लोका को देख कर कहते हैं। कहने को तो वह और भी बहुत कुछ कहना चाह रहे थे। कुछ मुहब्बत भरी बातें, कुछ बेताबियां लेकिन वह खामोश रह गये। ना जाने क्यों ऐसा उस के साथ हो रहा है। कहना बहुत कुछ चाहता हूं। मगर कह कुछ नहीं पाता। श्लोका किचन में जाती है फ्रीज खोल कर चेक करती है। बहुत सारा सामान रखा था। वह दूध निकाल कर कॉफी बनाती है। स्नैक्स के साथ कॉफी लेकर वह रूम में जाती है। शिवाय बेड पर लेटे हुए थे।  श्लोका को देख कर उठ जाते हैं। दोनों बातें करते हुए कॉफी पीते हैं। कॉफी पीते ही श्लोका सब लेकर उठ जाती है। सब वहीं छोड़ देना। सफाई वाली आती है सब कर देगी। शिवाय ने उसे बताया तो वह सब रख कर आ गई। वरना वह धुलने जा रही थी। वापस आते ही वह पहले अपना मेकअप साफ करती है। और अपना शरग पहन लेती है।  शिवाय चुपचाप लेट कर कुछ सोच रहे थे।  चलें। शिवाय आंख खोल कर उसे देखते हैं। श्लोका अपने रूप में वापस आ चुकी थी। सादगी में वह और भी हसीन लग रही थी। मेकअप में भी वह बहुत सुंदर लग रही थी। शिवाय मुस्कुरा दिये। तुम हर रूप में...

धड़कन | भाग 20 | Dhadkan Part 20 | Heart Touching Hindi Love Story

  पसंद आया ना रख लो। और यूज़ भी करना। शिवाय श्लोका को देख कर कहते हैं। यह मुहब्बत के किस्से भी अजीब होते हैं। महबूब की हमनशीनी ही चाहता है दिल। अब बताओ नाराज़गी किस बात की थी? शिवाय उसे देखते ही रहते हैं। कुछ नहीं। बताना नहीं चाहती? अब मैं आप को किया बताऊं? आप के दिल में मेरे लिए क्या जज़्बात हैं मैं वह जानना चाहती हूं। लेकिन आप अपने जज़्बात जता कर भी छिपा जाते हैं। ऐसा क्यों यही मैं जानना चाहती हूं।  क्या हुआ क्या सोच रही हो? श्लोका को सोचों में घिरा देख कर शिवाय ने पूछा। कुछ नहीं आप जाएं। श्लोका नार्मल होते हुए कहती है। ठीक है मैं जा रहा हूं। शिवाय जाने लिए मुड़ते हैं। अच्छा सुनो उसमें एक मेहंदी की कोन है उससे हाथ पर लिख लेना। क्या? वही एक दिल और उसमें S.... शिवाय ने मुस्कुरा कर कहा। क्या ज़रूरत थी। थी ज़रूरत..... अभी लगा लेना। नहीं फिर कभी... कल सुबह तुम्हारे हाथ पर लिखा मिले गुड नाइट... कहते ही शिवाय बाहर निकल गए। श्लोका शिवाय की हरकतों पर गौर कर रही थी। और फिर सामान देखने लगी। सारे ही क्लैचर बहुत ही खूबसूरत थे। घड़ी भी उसे बहुत पसंद आई। सामान रख कर वह कल के प्रोग्राम के ब...

धड़कन | भाग 19 | Dhadkan Part 19 | Heart Touching Hindi Love Story

पीकर तो दिखाएं। फिर देखिए मैं क्या करती हूं। श्लोका ने रोब से कहा। और शिवाय उसके इस अंदाज़ पर हंस पड़ा। उसकी सारी टेंशन दूर हो चुकी थी। इस वक्त उस के आसपास सिर्फ खुशियां ही खुशियां थी।  अब मैं जा रही हूं सोने, बहुत थक गई हूं। सिर्फ आप के लिए आई थी क्योंकि मुझे मालूम था कि आज आप सिगरेट ज़रूर पियेंगे। अगर मैं ना आती तो दूसरी भी जल चुकी होती। श्लोका सादगी से कहती हुई वापस घूम गई।   उसके घूमते ही शिवाय ने उसके बाल से क्लौचर निकाल दिया। और उसके बाल आज़ाद होते ही बिखर गए।  श्लोका शिवाय की तरफ देखे बिना आगे बढ़ गई। क्योंकि वह शिवाय की खुशी को अपने दिल में महसूस कर रही थी। और शिवाय वहां खड़ा श्लोका की बातों पर गौर कर रहा था कि वह सिर्फ उसके लिए आई थी। और उसको खुशी देकर चली गई।  मतलब श्लोका सुमन सिंह आप को शिवाय सिंह ओबेरॉय की फ़िक्र है। सोचते हुए शिवाय रूम में जाकर लेट कर भी सिर्फ श्लोका को ही सोच रहे थे। और फिर सोचते हुए वह नींद की आगोश में चला गये। बहुत दिनों के बाद आज वह तीनों एक साथ नाश्ता कर रहे थे।  अरे अम्मा आप कब आईं? शिवाय हैरान होकर खड़ा हो गया। और उन के पास ज...

धड़कन | भाग 18 | Dhadkan Part 18 | Heart Touching Hindi Love Story

 श्लोका अब मुझे डैड से तुम्हारे बारे में बात करनी होगी। अब मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता। और मुझे पक्का यकीन है कि तुम भी मुझे पसंद करती हो। शिवाय ने मन ही मन सोचा। और वापस अपनी जगह आकर काम करने लगे। श्लोका घर पहुंची तो सामने ही सुधीर जी मिल गये। वह उनसे गांव जाने का फाइनल करने लगी। क्योंकि बहुत सारे काम थे जो उसे गांव में अभी करने थे। सब फाइनल करके वह ऊपर चली गई। थोड़ा आराम करके उसने कुछ सामान रखे जो उसे गांव लेकर जाना था। फिर वह आराम करके वापस नीचे चली गई। उसी वक्त अराध्या भी अपने रूम से आई और दोनों बातें करनी लगी। अराध्या ने टीवी चालू कर दिया। फिल्म देखते हुए भी दोनों बातें करती रही। सुधीर जी भी वहीं आकर बैठ गए।  डैड मुझे भी गांव लेकर चलें। मुझे सुमन का घर देखना है। सुधीर जी के आते ही अराध्या ने कहा। सुधीर जी ने श्लोका की तरफ देखा। नहीं बेटा इस बार रहने दो। फिर कभी चलना। इस बार श्लोका को कुछ काम है इस लिए वह तुम को गांव नहीं दिखा पायेगी। सुधीर जी ने बात संभाल ली। ठीक है, लेकिन नेक्स्ट टाइम भूलना मत। अराध्या ने प्यार से कहा। हां ठीक है। श्लोका ने कहा। और वह लोग टीवी देखने ल...

डोर धड़कन से बंधी भाग | 90 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 90 | Hindi Romantic Story

प्रेम जैसे ही उसके पास से हटने लगता है वह उसका हाथ थाम लेती है। और प्रेम हैरानी से उसे देखता है। क्योंकि उसकी आंख बन्द थी। वह धीरे से अपना हाथ छुड़ा कर बगल वाले सोफे पर बैठ जाता है। और उसे देखने लगता है। मुश्किल वक्त में किसी अपने का साथ बहुत ज़रूरी होता है। ऐसा कैसे हो सकता है कि इस का कोई रिश्तेदार ही ना हो…प्रेम की सूई अब इस पर अटकी हुई थी। ♥️ शिवाय का दिन बहुत ही बिज़ी गया। सुबह मीटिंग और उसके बाद उसे कुछ और भी काम था। जिसे करते हुए उसे रात हो गई। होटल पहुंचते ही वह सीधा डाइनिंग ऐरया में चला गया कि डिनर करके तब रूम में जाए। बैठते हुए उस ने यूं ही इधर-उधर देखा। और फिर खाना निकालने लगे।  क्या हुआ मुझे ढूंढ रहे थे? पास से कानों में मिसेज़ अग्रवाल की आवाज़ आती है। इतनी खुशफहमी भी अच्छी नहीं। शिवाय हंसे। यही खुशफमही तो हमें ज़िंदा रखती है। वरना…मिसेज अग्रवाल कहते-कहते बात अधूरी छोड़ देती हैं। लेकिन शिवाय कुछ कहने के बजाए अपने खाने पर ध्यान देते हैं। क्योंकि मिसेज अग्रवाल की आंखें में कुछ और ही दिख रहा था।  डिनर करते ही शिवाय बाहर निकल गए। रुम में जाकर उनको श्लोका से भी बात करने...

डोर धड़कन से बंधी| भाग 89 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 89 | Hindi Romantic Story

मुश्किल वक्त में तसल्ली के दो बोल, किसी अपने का कंधा, कोई हाथ जो मदद को आगे आ जाए। यही तो हैं ज़िन्दगी के असल रंग… ♥️ हॉल में बड़े से गोल मेज़ पर खाना लगा हुआ था। बहुत सारे लोग आ चुके थे। शिवाय भी आकर बैठ जाते हैं। हेलो… शिवाय आवाज़ की तरफ घूमते हैं। बगल वाली चेयर पर दोपहर वाली मैडम बैठी हुई थीं। और मुस्कुरा रहा थी। हाय… शिवाय भी मुस्कुरा दिए। देखिए, हमारी फिर मुलाकात हो गई। एक बार फिर वह मुस्कुराई। मुलाकात तो होना ही था। मिस…शिवाय कहते-कहते रूक जाते हैं। मिसेज़ सोफिया अग्रवाल…वह नाम बताती हैं।  हां तो मिसेज अग्रवाल… अभी पूरे हफ्ता हमारी मुलाकात होगी। क्योंकि हम सब इस प्रोग्राम का हिस्सा हैं। शिवाय सब की तरह इशारा करते हैं।  हां,  मगर फिर भी…कुछ सोच वह मुस्कुराई । डिनर करते हैं। शिवाय खाने पर ध्यान देते हैं।  खाना खाते हुए हर कोई बातें करता रहा।  खाना खाते ही शिवाय उठ कर बाहर की तरफ निकल जाते हैं। आइसक्रीम? मिसेज अग्रवाल एक बार फिर शिवाय के सामने थे। नो थैंक्स…मैं आइसक्रीम सिर्फ अपनी वाइफ के साथ खाता हूं। शिवाय की नज़रों में श्लोका थी। ओह…ऐसा क्या? मिसेज अग्रवाल...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 88 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 88 | Hindi Romantic Story

इसनी परेशानी में भी उसे पैसों की चिंता थी। शायद गरीबी इसी का नाम है। इंसान अपनों को बचाना तो चाहता है। मगर ऐसे की उसको उस वजह से कोई दूसरी परेशानी ना खड़ी हो। क्या इस से पहले भी कोई अटैक आया था? एक जूनियर डॉक्टर आईसीयू से बाहर आकर प्रेम को देख कर पूछते हैं। और प्रेम सवालिया नज़रों से नताशा की ओर देखने लगता है। नहीं, ऐसा कभी कुछ नहीं हुआ। मम्मी की तबियत कभी खराब नहीं हुई। नताशा जल्दी से कहती है। मम्मी ठीक हैं ना? नताशा परेशानी से पूछती है। जी, उनका ट्रीटमेंट चल रहा है। कहते ही वह अंदर चले जाते हैं। सब ठीक हो जायेगा परेशान मत हो। प्रेम उसे तसल्ली देता है। और वह खामोशी से प्रेम को एक नज़र देखती है। और वहीं रखे सोफे पर बैठ जाती है। एक तो मां की तबियत खराब होना…ऊपर से इतना बड़ा हास्पिटल…वह कैसे यहां का बिल जमा करेंगी। यही सोचकर उसकी परेशानी डबल हो गई थी। शाम तक वह दोनों वैसे ही खामोशी से बैठे रहे। जब डॉक्टर ने आकर कहा कि सब ठीक है। अब कोई खतरा नहीं है तब जाकर उन्हें सुकून मिला। मम्मी ठीक हैं अब…आप जाकर डॉक्टर से बात करें कि वह छुट्टी दे दें। हम मम्मी को दूसरे सरकारी अस्पताल में लेकर चलते है...
 

धड़कन | भाग 17 | Dhadkan Part 17 | Heart Touching Hindi Love Story

शिवाय की नज़र बार-बार श्लोका पर उठ रही थी। और उनके मन में एक ही अल्फाज़ गूंज रहे थे मैं होती कौन हूं। कल रात से शिवाय अपसेट था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह श्लोका को कैसे बताए कि वह उससे मुहब्बत करता है। और वह उसकी सब कुछ है। एक बार फिर शिवाय ने श्लोका की तरफ देखा और अपने लैपटॉप पर नज़रें जमा ली। आप लोग लंच कर लें। फिर काम करें। शिवाय घड़ी देख कर कहते हैं। ठीक है सर थोड़ा सा काम बाकी है कर लूं। फिर लंच कर लेते हैं। स्नेहा ने जवाब दिया। थोड़ी देर बाद स्नेहा जाने लगी। क्या हुआ कहां जा रही हैं आप? शिवाय स्नेहा को जाते देख पूछ्ता है। सर लंच करने। स्नेहा ने सिर झुकाकर कहा। आप यहीं पर श्लोका के साथ लंच कर लें। शिवाय ने आर्डर दिया। नहीं सर मैं अपना लंचबॉक्स लेकर आई हूं। स्नेहा को अच्छा नहीं लगा। ठीक है आप श्लोका को भी साथ ले जाएं और साथ में लंच कर लें। शिवाय स्नेहा से कहकर श्लोका की तरफ देखते हैं। श्लोका तुरंत उठ खड़ी होती है। और सीधे बाहर निकल जाती है शिवाय की तरफ देखे बिना। लंच करते हुए भी दोनों काम के बारे में डिस्कस करती रही। लंच करते ही वह दोनों वापस शिवाय के केबिन में जाने लगती है। स्ने...

धड़कन | भाग 16 | Dhadkan Part 16 | Heart Touching Hindi Love Story

गेट पर जाकर शिवाय ने अपना गाड़ी नं बताया। थोड़ी देर में उसकी गाड़ी गेट पर आ गई। शिवाय ने गेट खोला श्लोका खामोशी से बैठ गई। शिवाय भी अपनी साइड बैठ कर गाड़ी स्टार्ट कर देते हैं। आप रूकी क्यों नहीं? शिवाय श्लोका को देखता है। बस ऐसे ही। आप क्यों नहीं रूके? श्लोका ने भी पूछ लिया।  इतना रुक गया बहुत था। इस से ज़्यादा नहीं। शिवाय ने सादगी से कहा। कोई परेशानी तो नहीं हुई। वह लेडी दोबारा नहीं ना मिली?  शिवाय ने कुछ सोचते हुए पूछा। कौन वह जो जाते ही मिली थी?  हां वही।  मिली थी दोबारा और अकेली नहीं। बल्कि बेटे के साथ। श्लोका ने हंसते हुए कहा। क्या हुआ हंस क्यों रही हो। शिवाय को उसकी बात में दिलचस्पी हुई। कुछ नहीं बेटे को मुझ से मिला रही थीं।  कुछ लोगों की आदत होती है इस तरह से बात करने की। शिवाय ने कहा। लेकिन यह मां बेटा दोनों ही अच्छे थे। श्लोका ने सोचते हुए कहा। किस तरह उन्होंने उसका चेहरा देख कर बता दिया कि वह पढ़ी-लिखी है। अच्छा एक ही मुलाकात में मां और बेटा दोनों पसंद आ गये। क्या बात है। शिवाय ने भी मुस्कुराकर कहा। हां, क्योंकि मां कुछ और समझा कर बेटे को गई थी। और बेट...

धड़कन | भाग 15 | Dhadkan Part 15 | Heart Touching Hindi Love Story

जी डैड आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। मैं सुमन को अपने साथ रखूंगी। अराध्या ने खुशी से कहा।  और शिवाय ने सुकून की सांस ली। वरना अगर वह नहीं जाती तो फिर वह भी ना जाता या फिर वह उसे ज़बरदस्ती लेकर जाता। सुबह श्लोका जल्दी कालेज चली जाती है। शिवाय भी आफिस जाकर उलझ जाता है। क्योंकि अनुष्का ने डिज़ाइन बनाने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कह दिया था कि जो डिज़ाइन उन्होंने बनाई है वह परफेक्ट है। और वह उसमें इतने चेंजिंग नहीं कर सकती।  जो श्लोका ने बताया था।  बल्कि अनुष्का ने तो श्लोका की  राय को बिल्कुल बकवास कह दिया था।  कोई और डिज़ाइनर दूसरे के स्केचिंग पर काम नहीं करना चाहता था। क्योंकि हर किसी के काम करने का तरीका अलग होता है। और नये सिरे से बनवाने का टाइम नहीं था। इन्हीं उलझनों में उसका सारा टाइम बीत गया। शाम को वापस आकर शिवाय तुरंत सो गया। क्योंकि वह बहुत थक गया था। और रात में शादी में भी जाना था। श्लोका कालेज से आकर फ्रेश होकर अलमारी खोल कर खड़ी हो गई। उसे समझ नहीं आ रहा था कि कौन सा ड्रेस पहने। पता नहीं कैसे लोग हैं। और फिर उसने एक ड्रेस निकाल ली। और आराम करने के लिए ...

धड़कन | भाग 14 | Dhadkan Part 14 | Heart Touching Hindi Love Story

हां ठीक है मुझे याद है।  लेकिन वह काम तो अभी बताएं जिस के लिए मुझे बुलाया है। श्लोका ने मुस्कुराते हुए कहा।  शिवाय उठे और अपना लैपटॉप लेकर वहीं सोफे पर श्लोका के पास बैठ गये। यह देखो डिज़ाइन और फाइनल करो। शिवाय डिज़ाइन ओपेन करते ही बोले। एक बात कहूं शिवाय मुझे इन सब बातों की जानकारी नहीं है। आप के पास बेहतरीन डिज़ाइनर हैं। जिन के जरिए आप अपनी डिज़ाइन बनवा सकते हैं। मैंने सिर्फ एक बात कही थी। लेकिन आप लोग ज़्यादा समझ सकते हैं क्योंकि आप लोगों का यही काम है।  श्लोका ने अपनी बात कही। जो कि बिलकुल सही थी। क्योंकि शिवाय का यही काम था। और श्लोका इस से अंजान थी। शिवाय ने उसकी बात बहुत ध्यान से सुनी। वह जो कह रही थी गलत नहीं कह रही थी। हां ठीक है तुम सही कह रही हो। लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम एक बार अपने आईडिया दो। फिर मैं फाइनल करता हूं कि मुझे क्या करना है। शिवाय ने सोचते हुए कहा। ठीक है। श्लोका डिज़ाइन देखती जाती है। शिवाय उसे दिखाता जाता है। तुम इस को दायें-बायें कर के देखो मैं आ रहा हूं। शिवाय लैपटॉप पर उसे बता कर चला गये।  श्लोका मुस्कुरा दी शिवाय के इस तरह समझाने पर। ल...

धड़कन | भाग 13 | Dhadkan Part 13 | Heart Touching Hindi Love Story

लेकिन शिवाय सिर्फ उसे देखता रहा। मेरे अंदर कोई फीलिंग कोई जज़्बात नहीं है मैं प्यार को नहीं समझता। मैं सारी ज़िन्दगी प्यार के लिए तरसता रहा। और तुम ने इतनी आसानी से कह दिया कि मेरा दिल पत्थर है। शिवाय की नज़र श्लोका पर थी। और दिमाग अमोल की बातों की ओर था। श्लोका ने गाड़ी स्टार्ट कर दी।  तुम कहीं जा रही थी? हूं.... कहां? है एक जगह.... मुझे नहीं बताओगी? अभी नहीं.... भरोसा नहीं मुझ पर? है.... तब फिर क्यों नहीं? बस यूं ही.... डैड से पूछ लूं? आप की मर्ज़ी.... वह मुझे बताएंगे? नहीं पता..... तुम बता दो प्लीज़। नहीं.... ओ के। दोनों की नज़र एक दूसरे पर थे। दोनों ही एक दूसरे के करीब थे। मगर फिर भी बहुत दूर। गाड़ी एक टी स्टॉल पर रूक गई। दो चाय देना। और साथ में मलाई टोस्ट। श्लोका ने आवाज़ देकर कहा। यहां की चाय पियोगी? शिवाय ने हैरानी से पूछा। उस ने आज तक इस तरह की टी स्टॉल से चाय नहीं पी थी। हां, हम दोनों। श्लोका ने अपने और शिवाय की तरफ इशारा किया। लेकिन.... चलो कहीं बैठ कर पीते हैं। किसी कैफे चलो। शिवाय ने रिक्वेस्ट की। नहीं आज हम यहीं पियेंगे। श्लोका ने मुस्कुराते हुए कहा। उसी वक्त मलाई टोस...