रूबरू | Part 18 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships
रात बीतती जा रही थी। अब मायरा को भी नींद आ रही थी लेकिन वह दादी को छोड़कर नहीं जा सकती थी। यह उसकी ड्यूटी थी। जिसे उसे निभाना था। सुबह... तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई दादी के बिस्तर पर सोने की?... ताबिश की तेज़ आवाज़ के साथ मायरा हड़बड़ा कर उठ जाती है। दादी भी आंख खोलकर माहौल को समझने की कोशिश करती हैं। मैंने तुमसे दादी का ख्याल रखने को कहा था और तुम आराम से सो गई। ताबिश उसके करीब आ गया। मैं जाग ही रही थी...पता नहीं कब आंख लग गई। उसे अपनी सफाई देते हुए बहुत बुरा लगा। मैं सब समझता हूं। तुम लोगों को बस मौका मिलना चाहिए। मेरी एक बात कान खोलकर सुन लो। अपनी हैसियत मत भूलना। केयरटेकर हो... केयरटेकर बनकर रहो। ताबिश उसे वार्निंग देता है। मायरा की जी चाहा कि वह अभी वहां से भाग जाए। लेकिन वह मजबूर थी। इस तरह से वह डांट कहां सुनती थी। वह तो लाड़ प्यार में पली थी। कभी किसी ने उससे ऊंची आवाज़ में बात भी नहीं की थी। और कहां इतनी बेइज़्ज़ती... मायरा मेरे नाश्ते का देखो क्या बन रहा है। दादी लेटे-लेटे ही बोली। जी दादी... कहते ही वह बाहर निकल गई। तुमको क्या हो गया? क्यों उस पर इतना गुस्सा क...