रूबरू | Part 19 | Rubaru – A Hindi Story of Love and Relationships
उसकी हरकत पर जहां दादी के होंठों पर मुस्कान थी तो वहीं मायरा कल एक बड़ा फैसला लेने का सोचकर संतुष्ट हो गई थी।
सुबह दादी के नाश्ते और दवाई देने के बाद मायरा अपने कमरे में जाकर आराम करने लगी। रात उसे ठीक से नींद नहीं आई थी।
दादी की भी तबियत अब ठीक थी। इसलिए अब वह थोड़ा आराम करना चाहती थी।
दोपहर को मायरा जैसे ही किचन से दादी के लिए सूप बनाने के बाद अपने कमरे में जाने लगी तभी उसे ड्राइंग रूम से गुज़रते हुए ताबिश और कुछ कुछ लोगों की आवाज़ें सुनाई दीं।
वहां पर हीरों के बारे में बात हो रही थी। ताबिश डिनर के बाद उनको सौ करोड़ का चेक एडवांस देने वाले थे।
मायरा जब तक कुछ सोचती तभी ताबिश क्लाइंट से डिनर करने के लिए कहता है।
मायरा तेज़ी से वापस किचन में चली जाती है।
उनके ड्राइंग रूम से निकलते ही मायरा ड्राइंग रूम में चली जाती है।
वहां जाकर वह हैरान रह जाती है क्योंकि वहां पर बहुत सारे हीरों के नेकलेस रखे हुए थे।
वह एक-एक कर उन्हें उठाकर देखने लगती है।
एक बार देखने के बाद वह दोबारा देखने लगती है। वह उन नेकलेस को देखकर हैरान थी।
सारे ही बहुत ही खूबसूरत थे। उनकी चमक ऐसी थी कि कोई भी उसे पसंद कर सकता था।
लेकिन जितनी कीमत वहां रखी फाइल पर लिखी थी। उस कीमत को देखकर वह हैरान थी।
ज्वैलरी वहीं पर रखकर वह सीधे अपने कमरे में चली गई। कमरे में जाकर भी उसे चैन नहीं आया।
यह सच था कि वह यहां पर आकिल की मौत का बदला लेने आई थी। लेकिन उसके अंदर का इंसान उसे गलत होने से रोकना चाह रहा था।
फिर चाहे वह उसका दुश्मन ही क्यों न हो। लेकिन दूसरे ही पल उसे ख्याल आता है कि ब्लैक स्टोन एक ब्रांड है।
उनको हीरों की कीमत का अच्छे से पता है। तो फिर वह क्यों इस मामले में पड़े।
लेकिन उसका दिल उसे कुछ गलत होने का सायरन बार-बार दे रहा था जिसे वह चाह कर भी नज़रअंदाज़ नहीं कर पा रही थी।
तभी वह फैसला लेकर सीधे दादी के कमरे में गई।
दादी का खाना लग चुका था।
आओ मायरा हम साथ में खा लेते हैं। ताबिश की मीटिंग है वह उनके साथ ही डिनर करेगा। दादी उसे देखकर अपने पास बुलाती है।
दादी, माफी चाहती हूं...
मुझे कुछ काम है क्या मैं बाद में खाना खा लूं? अभी आप खा लें।
मुझे बुरा लगेगा कि आपको अकेले ही खाना पड़ेगा लेकिन मेरा काम बहुत ज़रूरी है। मायरा परेशानी से बोली।
हां हां ठीक है...जाओ...इतना परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आज से पहले भी मैं अकेली खाना खाती थी।
खाना खाकर आप आराम करें... मैं आती हूं।
दादी की तरफ से इत्मीनान होने के बाद वह सीधे डाइनिंग हॉल में गई। जहां ताबिश क्लाइंट के साथ लंच कर रहा था।
लाइए, मैं सर्व करती हूं। मायरा सर्व कर रहे वेटर से बाउल लेती है।
उसे देकखर ताबिश को बहुत तेज़ गुस्सा आता है। वह उसे आंखों ही आंखों में वहां से जाने का इशारा करता है।
मगर मायरा उसके गुस्से और इशारों को नज़र अंदाज़ किए सीधे ताबिश के प्लेट में ही ग्रेवी निकालने लगती है। और तभी प्लेट में निकालते हुए मायरा से ताबिश के कपड़ो पर ग्रेवी गिर जाती है।
ताबिश गुस्से में उठ खड़ा हुआ।
सॉरी, गलती हो गई...चलिए मैं साफ कर देती हूं।
आप लोग खाइए मैं अभी आता हूं। मायरा का जवाब देने के बजाए ताबिश क्लाइंट से बोलकर बाहर निकल जाता है।
मायरा भी पीछे-पीछे ताबिश के साथ उसके कमरे में चली जाती है।
यहां क्यों आई हो? तुम्हें तो मैं बाद में देख लूंगा।
ताबिश गुस्से में उसे बाहर की तरफ ढकेलता है।
मैं आपकी हेल्प कर देती हूं। वह वापस कमरे में आकर दरवाज़ा बंद करके जल्दी-जल्दी ताबिश की कोट उतारने लगती है।
ताबिश को उसकी हरकत देखकर हैरत हो रही थी कि वह क्यों ऐसा कर रही है।
आप जाए चेंज करके आएं। ताबिश की गोट उतार कर वह उसे चेंजिंग रूम की तरफ इशारा करती है।
सज़ा सुनने का हौसला रख लो...
जो अब डबल हो गई है...
अंदर जाते हुए ताबिश उसे वार्निंग देता है।
तुम अभी तक यहीं हो? अंदर से चेंज करके जब ताबिश बाहर आया तो देखता है कि वहीं पर बैठी हुई थी।
मुझे आपसे एक बात करना था... मायरा बात करते हुए घबरा रही थी। घबराहट उसके चेहरे पर साफ दिख रही थी।
अब जो भी बात होगी मेरे वापस आने पर ही होगी। तब तक तुमको अपनी ज़िंदगी की जितनी भी दुआएं मांगनी हैं मांग लो।
ताबिश को उसकी घबराहट देखकर मज़ा आ रहा था।
आप जो डील अभी कर रहे हैं वह न करें। मायरा जल्दी से कहती है। उसे इस बात से कोई मतलब नहीं था कि ताबिश का उसके साथ रवैया क्या होगा।
अब तुम मुझे बताओगी कि कौन सी डील करनी चाहिए और कौन सी नहीं...
ताबिश को उसकी हिम्मत पर हैरत हो रही थी।
मैं इस डील की बात कर रही हूं। मायरा धीरे से बोली।
अच्छा, मैं क्यों यह डील न करूं? ताबिश ने जानना चाहा।
बस ऐसे ही...आप कुछ वक्त लें, उसके बाद यह डील फाइनल करें। मायरा की हर मुमकिन कोशिश थी कि यह डील रूक जाए।
ब्लैक स्टोन के मालिक की अब यही हैसियत रह गई है कि वह अपने घर के एक छोटे से स्टाफ के कहने पर अपना बिज़नेस करेंगे। ताबिश के अंदाज़ में अचानक से नफरत आ गई।
ताबिश की बात मायरा के दिल को लगी। क्यों हर बार यह शख्स उसे उसकी हैसियत याद दिला देता है।
यह बड़े लोग हमेशा अपने से छोटे लोगों को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ते।
और बात जब अपनी ज़िंदगी की आती है तो इन्हीं छोटे लोगों को अपनी ज़िंदगी बचाने के लिए इस्तेमाल कर लेते हैं।
उसे अचानक से ताबिश की बात पर आकिल की याद आ जाती है। किस तरह वह अपने बॉस की ज़िन्दगी के लिए अपनी जान कुर्बान कर गया।
मगर इन बड़े लोगों को क्या... इन्हें तो सिर्फ अपनी ज़िंदगी,अपना बिज़नेस याद रहता है।
बड़े लोगों का बिज़नेस और ज़िन्दगी हमेशा छोटे लोगों के बदौलत ही चलती है। एक बार हम छोटे लोग आप लोगों की ज़िन्दगी से एक दिन भी निकल जाएं तब आपको हमारी अहमियत का अंदाज़ा होगा।
किस सोच में गुम हो गईं मैडम?...
उसे खामोश देख ताबिश उसके सामने हाथ लहराता है।
मुझे आपसे बस यही कहना था कि आप यह डील न करें। अब आगे आपकी मर्ज़ी... आप बड़े लोग हम छोटे लोगों की बात कहां मानेंगे। अपनी बात कहकर वह रूकती नहीं है आगे बढ़ जाती है।
यह हुई न समझदारों वाली बात... ताबिश को उसका हारा हुआ चेहरा मज़ा दे रहा था।
वैसे एक बात तो बता दो...
तुम मुझे इस डील के लिए मना क्यों कर रही हो? ताबिश एकदम से उसके सामने आ खड़ा हुआ।
क्या आपको लगता है जो कीमत आप उस ज्वैलरी की दे रहे हैं वह ज्वैलरी उस कीमत के लिए लायक है? मायरा उलटा उसी से सवाल करती है।
हां, तभी तो मैं कीमत दे रहा हूं। ताबिश भी सीरीयस हो गया।
इस का मतलब यह हुआ कि अभी आप इस मैदान के कच्चे खिलाड़ी हैं। क्योंकि मैंने सुना था कि हीरों की पहचान जैहरी को ही होती है।
अब मुस्कुराने की बारी मायरा की थी।
आप जिस ज्वैलरी की कीमत करोड़ों दे रहे हैं उस ज्वैलरी की कीमत कुछ हज़ार से ज़्यादा नहीं है। मायरा धमाका करती है।
क्या मतलब?... ताबिश हैरान और परेशान हुआ।
वह ज्वैलरी नकली है...
जारी है...
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