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डोर धड़कन से बंधी | भाग 21 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 21 | Hindi Romantic Story

स्क्रीन पर नज़र जमाये शिवाय के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।  मैंने आज ही तुम को अपनी ज़िंदगी से निकालने का फैसला लिया था। और तुम आज ही मेरी ज़िन्दगी में वापस आ गई।  शिवन्या को काम दे दिया जाता है। आफिस के लैपटॉप  पर आर्डर के अनुसार वह डिज़ाइन बनाना शुरू कर देती है। शिवाय की नज़र हर काम के बाद उसी पर पड़ती थी। जो बहुत ध्यान से डिज़ाइन बना रही थी। कॉफी और सैंडविच शिवाय के कहने पर उसके पास भेज दिया गया था।  शाम हो चुकी थी। शिवन्या की डिज़ाइन रेडी हो चुकी थी। उसको अब मैनेजर को दिखाना था। शिवन्या आधा घंटे से उनका इंतेज़ार कर रही थी। शिवाय अपना काम करते हुए कुछ फैसला लेते हैं और आदर्श को फोन करते हैं। सुबह मैंने जो बात कही थी। मैं वह बात वापस ले रहा हूं। तुम भूल जाओ कि मैंने कुछ कहा था। कहते ही शिवाय फोन रख देते हैं। आप....जैसे ही मिस्टर रावत केबिन में आते हैं शिवन्या उन को देख कर गुस्से से उठ खड़ी होती है। बैठ जाएं मिस शिवन्या और अपना वर्क दिखाएं। मिस्टर रावत कड़कदार आवाज़ में कहते हैं। और बैठ जाते हैं। उनके हाथ में हीटिंग पट्टी बंधी हुई थी। जहां पर आप जैसे लोग हों। मैं वह...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 20 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 20 | Hindi Romantic Story

मुहब्बत के यह किस्से भी अजीब होते हैं। कभी यह ज़िंदगी बना देती है। तो कभी ऐसे रास्ते पर ले आती है। जहां से आगे जाना मुश्किल हो जाता है। शिवाय भी आज उसी दौर से गुज़र रहे हैं। जहां पाने की चाह और खोने का डर  दोनों साफ दिखाई दे रहा था।  खाना खायेंगे? नहीं मुझे नहीं खाना है। आपको मेडिसिन भी लेना है। मुझे कुछ नहीं खाना है। और तुम को ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। कहते ही शिवाय वहीं सोफे पर लेट कर आंख बन्द कर लेते हैं। जैसे अब वह कोई बात नहीं करना चाहते हैं। शिवन्या एक नज़र शिवाय को देखती है। और चुपचाप अपने रूम में चली जाती है। सुबह शिवाय उठ कर सीधे रूम में जाते हैं। रूम पूरी तरह साफ हो चुका था। शिवाय तैयार हो कर बाहर आते हैं तो देखते हैं ब्रेकफास्ट टेबल पर लगा हुआ था। शिवन्या भी तैयार थी ऐसा लग रहा था वह कहीं जा रही है।  शिवाय खामोशी से बैठ कर नाश्ता करने लगते हैं। शिवन्या भी नाश्ता करते ही उठ कर रूम में जाकर अपना बैग लेकर वापस आती है। मैं कुछ काम से जा रही हूं। आज लंच नहीं बनेगा। आप देख लेना। रूको, मैं भी कुछ काम से जा रहा हूं। तुम को छोड़ दूंगा। शिवाय ने जल्दी से कहा...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 19 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 19 | Hindi Romantic Story

शिवन्या तुम जितना मुझ से दूर रहोगी। उतना हम दोनों के लिए बेहतर रहेगा।  शिवाय मन ही मन सोचते हैं। डोरबेल की आवाज़ दोनों के कानों में गई। दोनों ही अपने रूम में थे।  शिवन्या ने दरवाज़ा खोला। सामने सुमन खड़ी थी। सुमन सीधे शिवाय के रूम में चली गई। दरवाज़ा बन्द करके शिवन्या भी अपने रूम में चली गई। वह उन दोनों के बीच नहीं आना चाहती थी। शिवाय आप अभी तक तैयार नहीं हुए? सुमन हैरत से शिवाय से पूछती है। क्यों? शिवाय उससे ज़्यादा हैरान हुए। आज हम को साथ में डिनर करना था। मैंने एक हफ्ते पहले ही तुम को बता दिया था। आज का दिन बहुत खास है मेरे लिए। मैं कितना खुश थी। मैंने मैसेज भी कर दिया था। सुमन नाराज़गी से कहती है। सॉरी मैं भूल गया था। वैसे भी मेरी तबियत ठीक नहीं है। सुबह से मैंने फोन ही नहीं देखा है। शिवाय उदासी से कहते हैं। तुम भी ना शिवाय... सारा प्रोग्राम चौपट कर दिया। तुम को मेरी फिक्र ही नहीं है। सुमन गुस्से से कहती है। मैं कह तो रहा हूं। मेरी तबियत ठीक नहीं है। शिवाय दुख से कहते हैं।  शिवाय को अफसोस होता है कि उसकी बिमारी से ज़्यादा उसको अपना प्रोग्राम खराब होने का अफसोस है। तुम...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 18 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 18 | Hindi Romantic Story

  रात में शिवाय की नींद खुलती है तो नज़र सीधे शिवन्या पर जाती है। शिवाय को श्लोका याद आ जाती है। और वह बेखुद हो जाते हैं। और उसके सिर पर हाथ रख देते हैं। तुम जो कोई भी हो, लेकिन तुम में श्लोका की झलक है। इस लिए मैं तुम्हारी तरफ खींचा चला जा रहा हूं।  मैं क्या करूं श्लोका? तुम्हारे ऐहसास मुझे शिवन्या में मिलते हैं। प्लीज़ मुझे माफ कर देना। शिवाय की आंख में आंसू थे। मन श्लोका में अटका था।  और नज़र शिवन्या पर थी। शिवाय आंख बंद कर लेते हैं।  सुबह शिवन्या उठकर शिवाय को देखती है। उन के माथे पर हाथ रख कर फीवर चेक करती है। और बाहर चली जाती है।  नाश्ता रेडी करके शिवाय के पास आकर शिवाय को उठा कर उन्हें बाथरूम भेजती है। शिवाय को सोफे पर बैठा कर नाश्ता लाकर नाश्ता अपने हाथ से खिलाती है।  शिवाय बिल्कुल खामोश थे। शिवाय ने पूरी तरह से खुद को शिवन्या को सौंप दिया था।अपने अतीत को शिवाय कुछ देर के लिए पीछे छोड़ देते हैं। या यूं कहें कि वह शिवन्या में श्लोका को महसूस करते हुए खो गये थे। मेडिसिन ले लें। शिवन्या शिवाय की तरफ दवा करती है। जिसे खाकर शिवाय पानी का गिलास ले लेते है...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 17 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 17 | Hindi Romantic Story

आदर्श शिवाय को देखने लगे। उनकी दो साल की दोस्ती है। लेकिन यूं लगता है बरसों पुरानी दोस्ती है। शिवाय के दिल की हर बात आदर्श को पता थी। और आदर्श किसी खज़ाने की तरह हर बात को अपने दिल में छुपाए हुए थे। क्योंकि उन पर शिवाय का विश्वास था। जो उन्हें बाकी रखना था। मैं चलता हूं शिवाय। तुम आराम करो। आदर्श उठ गये।  शिवाय ने आंख खोले बिना हाथ आगे कर दिया। जिसे आदर्श ने थाम लिया।  सब ठीक हो जाएगा दोस्त तुम फिक्र मत करो। आदर्श बहुत यकीन से कहते हैं। शिवाय आंख खोल कर उसे देखते हैं।  कुछ मत सोचो। जो हो रहा है होने दो। मत रोको अपने दिल को। करने दो उसे मनमानी। कहते हुए आदर्श शिवाय का हाथ छोड़ देते हैं। कोई काम हुआ तो फोन करना। अब रात में नहीं आऊंगा। कल सुबह मिलते हैं।  ओ के बाय.... शिवाय ने हाथ हिला दिया। आदर्श बाहर निकल गये। शिवन्या बाहर नहीं थी। आदर्श चुपचाप चले गये। वह  चाहते थे कि अपने सवालों के जवाब वह खुद ढूंढें। शिवन्या खाना लेकर शिवाय के रूम में आती है। आहट पाकर शिवाय आंख खोल देते हैं। शिवन्या प्लेट में निकालने लगती है।  शिवाय खामोशी से उसे देखते हैं।  खाना निक...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 76 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 76 | Hindi Romantic Story

दुनिया के हर सच के साथ एक सच यह भी है कि अच्छे लोगों की ज़िंदगी में मुश्किलें ज़्यादा आती है।  मेरा दोस्त यह आज़माईश भी पार कर लेगा। कहते हुए आदर्श का गला भर आया। मुग्धा आदर्श को गले लगा लेती है। उसके साथ जीने की ऐसी आदत हो गई थी कि अब एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है। आदर्श कहते हुए रो पड़ते हैं। और मुग्धा… उसके पास तो अल्फाज़ ही नहीं थे जो वह तसल्ली दे सके। क्योंकि आदर्श और शिवाय की दोस्ती को सब से करीब से उसी ने देखा था।  एक दूसरे को खुशियां देने वाले दोस्त आज अकेले दुख झेल रहे थे। ♥️ आपकी कॉफी… दरवाज़े पर नॉक के साथ सबा अंदर आकर श्लोका को कॉफी देती है। एक नज़र शिवाय को देखती है जो कोई किताब पढ़ रहे थे। वह सुकून की सांस लेती है और खामोशी से बाहर जाने लगती है। सबा… जी, वह लड़का कौन था? कौन लड़का? वही जिसकी गाड़ी से उतर रही थी। मेरे साथ कालेज में पढ़ता था। और अब? अब नहीं? क्यों? वह इंग्लैंड में पढ़ रहा है। तुम उसके साथ कैसे? मुझसे मिलने आया था। मिलने की वजह? ऐसे ही… सच बताओ… कैसा सच? वही जो है। और कोई बात नहीं… ठीक है फिर, कल मुझे उसके पास लेकर चलो। लेकिन क्यों? मुझे उससे मिल...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 75 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 75 | Hindi Romantic Story

लौट आओ शिवाय…तुम्हारा यह दोस्त बहुत अकेला हो गया है। आदर्श मन ही मन शिवाय को याद करते हैं। और उस रोड पर गाड़ी घुमा देते हैं जहां उन्हें आखरी बार छोड़ा था।  शिवाय को सिर्फ एक झलक देखने के लिए आदर्श हर रोज़ सड़कों पर यूं ही घूमते रहते। लेकिन उन का दोस्त उन्हें कहीं नहीं मिलता।  ♥️ जब से शिवाय एक आम इंसान बने थे तो वह आम लोगों की ज़िंदगी को बहुत करीब से देख रहे थे। यह तजुर्बा उन के लिए बिल्कुल नया था। वह बहुत सारे लोगों से मिले थे। लेकिन हमेशा एक बिज़नेस मैन की हैसियत से मिले थे, मगर आज वह एक आम इंसान थे। आज वह सामने वाले से बात करते तो शिवाय सिंह ओबेरॉय बल्कि एक मामूली शिवाय होता। जिसकी शख्सियत भले ही आकर्षित थी, लेकिन उन का पहनावा बिल्कुल आम सा था।  आज भी शिवाय अपनी ड्यूटी खत्म करके यूं ही बाज़ार में घूम रहे थे। लोगों से मिलना उनसे बातें करना शिवाय को अच्छा लगता था।  लेकिन एक आम इंसान से बात कर के उन के दुख, मुश्किल और परेशानी देख कर शिवाय को फिक्र हो जाती। हर कोई उलझा हुआ था। हर किसी की अपनी एक अलग परेशानी थी।  और उन परेशानियों में सब से बड़ी परेशानी जो थी वह था...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 74 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 74 | Hindi Romantic Story

कल को मैं कहूंगा कि कुएं में कूद जाओ तो तुम कूद जाओगे? बेकार में मेरी नींद खराब कर दी। मैंने कहा कि अपना बिज़नेस शुरू कर दो। और आप मेरी बात गए… क्या बात है…शिवाय बहुत ज़ोर से हंसे। श्लोका भी मुस्कुरा दी। और राहिल… वह तो बुत बना हैरानी से कभी श्लोका को तो कभी शिवाय को देखता है। उसकी रात-दिन की मेहनत पल भर में मिट्टी में मिल गई थी। वह खामोशी से लैपटॉप अपनी तरफ करता है और उसको बन्द करके उठ खड़ा होता है। उसका सारा जोश एक पल में खत्म हो गया था। जब उस से शिवाय ने कहा था कि अपना बिज़नेस शुरू करोगे? तो उसे मज़ाक लगा था लेकिन फिर वह सोचता रहा और उसने फैसला लिया कि वह बिज़नेस करेगा। उसे लगा शिवाय अंकल उसकी मदद करेंगे। और वह जीजान से काम में लग गया। और आज जब सारी तैयारियां करके वह आया था तो वह ऐसे अंजान बन गए जैसे उन के बीच कोई बात ही ना हुई हो। वह लैपटॉप उठा कर जाने के लिए दरवाज़े की तरफ मुड़ गया।  तभी पीछे से कोई उसके कंधे पर हाथ रखता है। उसके कदम ठहर जाते हैं। लेकिन वह मुड़ता नहीं है, क्योंकि अब पीछे उसके लिए पछतावे के सिवा कुछ नहीं था। उसकी सारी उम्मीदें दम तोड़ चुकी थीं। वह पहले ही कदम प...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 73 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 73 | Hindi Romantic Story

अन्दर जाते ही आरव काजल का हाथ थाम कर शीशे के सामने ले जाता है। और फिर उसे शीशे में देखने लगता है।  बहुत हसीन लग रही हो…आरव उसमें खोने लगा। सुबह मुझे जगाया क्यों नहीं? क्या ज़रूरत जगाने की? कुछ काम होता तो ज़रूर जगा देता। और यह साड़ी और यह ज्वेलरी? बस मन कर रहा था तुम को इस रूप में देखने का तो बोल दिया। अच्छा आंख बन्द करो,  क्यों? बन्द करो फिर बताता हूं। ठीक है लो कर लिया बन्द… ऐसे ही बन्द किए रहना, चीटिंग मत करना। मैं चीटिंग नहीं करती। आरव अपनी पाकेट से ब्रेसलेट निकाल कर उसके हाथ में पहना देता है। अब आंख खोलो। यह तो बहुत सुंदर है। वह देख कर ही खुश हो जाती है। तुम्हें अच्छा लगा? हां बहुत… इसी लिए आने में देर हो गई? हूं… पा भी आप के साथ थे। हां… पा मेरे दोस्त भी हैं। वैसे भी मुझे लड़कियों की पसंद का कोई आइडिया नहीं है। पहली-पहली शादी है ना। पहली-पहली…पूजा हंसी। हूं, वह भी हंस पड़ा। और उसके आगे आई बालों की लटों को प्यार से पीछे करता है। पा कहते हैं…बीवी खूबसूरत हो ना हो…मगर सुकून देने वाली हो। जिस के पास जाकर आप सब कुछ भूल जाएं। और देखो मेरी ज़िन्दगी में कितना सुकून है। मेरी खूबस...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 16 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 16 | Hindi Romantic Story

शिवन्या शिवाय को उठा कर थोड़ा सा नाश्ता करा के दवा दे देती है। दवा खाते ही शिवाय लेट जाते हैं।  शिवन्या चुपचाप बैठ कर शिवाय को देखती जाती है। इन दिनों में पहली बार वह शिवाय को इतना ध्यान से देख रही थी। वह एक टिक शिवाय को देखती रही। उसकी नज़रें शिवाय पर थी। और दिमाग कहीं और था। लेकिन दिल शिवाय से मुहब्बत की गवाही दे रहा था। ना जाने क्यों शिवन्या की आंख नम हो गई। बेसाख्ता वह शिवाय के माथे पर अपना हाथ रख देती है। शिवाय आंख खोल देते हैं। एक नज़र शिवन्या को देखते हैं और फिर आंख बन्द कर लेते हैं। शिवन्या उठ कर बाहर चली जाती है।  उसके जाते ही शिवाय आंख खोल कर देखते हैं। और फिर आंख बन्द कर लेते हैं। शिवाय बहुत कुछ महसूस कर रहे थे। लेकिन वह समझ नहीं पा रहे थे कि वह करें तो क्या करें। अपने ही एहसासों में शिवाय उलझे हुए थे। दोपहर में शिवन्या शिवाय को उठा कर खाना खिलाती है। और फिर दवा दे देती है। दवा खाते ही शिवाय बेड से उतर कर आगे बढ़ते हैं। शिवन्या जल्दी से शिवाय को कमर में हाथ देकर थाम लेती है। शिवाय खामोशी से आगे बढ़ जाते हैं। अपने रूम में जाते ही शिवाय तुरंत लेट जाते हैं। शिवन्या वही...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 15 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 15 | Hindi Romantic Story

शिवाय चुपचाप बैठ कर दोबारा से बुक पढ़ने लगे। जब बहुत देर हो गई। और सनी नहीं आया तो शिवाय शिवन्या के चेहरे से कम्बल हटाते हैं। कम्बल हटाते ही शिवाय हैरान रह जाते हैं। क्योंकि शिवन्या बेखबर सो रही थी। उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान और थकावट के निशान साफ झलक रहे थे। शिवाय का दिल एक पल के लिए ठहर गया।  उन्होंने किताब एक तरफ रख दी। और उसे देखने लगे। शिवाय के होंठों पर भी मुस्कान थी।  वह यूं ही बेखुद उसे देखते रहे। कितने ही लम्हें बीत जाते हैं। शिवन्या हल्का सा हिलती है। जिससे शिवाय हड़बड़ा कर होश में आ जाते हैं। शिवाय धीरे से उठते हैं। और बाहर चले जाते हैं। उन को सनी की चिंता हुई कि वह कहां है? सब जगह देख कर शिवाय जब शिवन्या के रूम में गये तो देखा सनी वहां पर लेटा हुआ था। सो जाओ बेटा। सुबह आप को स्कूल भी जाना है। शिवाय उसके पास बैठ कर कहते हैं। हां मैं सोने जा रहा हूं। मम्मा पता नहीं कहां छुप गई हैं। मुझे मिली ही नहीं। सना ने उदासी से कहा। आप सो जाओ। मम्मा आ जायेंगी। ऐसा करता हूं मैं आप के पास सो जाता हूं। कहते ही शिवाय उसके बगल में लेट जाते हैं। शिवाय वहीं पर सनी के पास सो जाते हैं। ...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 14 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 14 | Hindi Romantic Story

शिवाय जब तक कुछ समझते वह जा चुकी थी। शिवाय वैसे ही आंख बन्द करके लेट जाते हैं। और सब कुछ भूल कर उस एहसास में खो जाते हैं। जो अभी शिवन्या देकर गई थी। डिनर करते हुए शिवाय बिल्कुल शांत थे। जब की सनी बार-बार शिवाय से कुछ ना कुछ बोल देता। और फिर शिवाय भी सनी से बात करने लगे। खाना खाने के बाद सनी शिवाय को अपने साथ वीडियो गेम खेलने के लिए कहता है। और फिर दोनों गेम खेलने लगते हैं। लग ही नहीं रहा कि यह पहली बार मिले हैं।  शिवन्या किचन में सब समेटने हुए सोच रही थी।  सब काम खत्म करके शिवन्या भी उनके पास आकर बैठ जाती है। उन दोनों को खुश देखकर शिवन्या मुस्कुरा दी। यस... मैं जीत गया। सनी खुशी से उछल पड़ा। जिसे शिवन्या ने गले लगा लिया।  उन दोनों को खुश देखकर शिवाय भी मुस्कुरा दिये। और उठ कर जाने लगे। मिस्टर ओबरॉय कहां जा रहे हैं। अभी आप को मौम के साथ भी खेलना है।  शिवाय को उठता देख सनी आवाज़ देता है। नहीं बेबी अब रहने दो। मिस्टर ओबरॉय अब आराम करेंगे।शिवन्या जल्दी से कहती है। शिवाय कुछ कहे बिना खामोशी से बैठ जाते हैं। सनी ज़ोर से ताली बजाता है। शिवन्या भी खामोशी से बैठ जाती है। सनी ...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 13 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 13 | Hindi Romantic Story

और शिवन्या बहुत ज़ोर से हंस पड़ती है। इतनी ज़ोर से की उसकी हंसी शिवाय को अपने बंद कमरे में साफ सुनाई दे रही थी।  लेकिन शिवन्या के आंख के आंसू शिवाय नहीं देख पाये। जो हंसने के बाद उसकी आंखों में थे। सुबह शिवाय नाश्ता करने बैठे तो शिवन्या नहीं आई। वह किचन में कुछ करती रही।  रात वाली बात के बावजूद शिवाय चाहते थे कि वह उसके साथ ब्रेकफास्ट करे।  मेरे लिए आमलेट बना दो। जब बहुत देर हो गई और शिवन्या नहीं आई तो शिवाय ने इसी बहाने आवाज़ दी। जब की वहां टेबल पर सारी चीज़ें उस के पसंद की थी। दो मिनट में आमलेट लेकर शिवन्या आ गई। और रख कर जाने लगी। ब्रेकफास्ट नहीं करना है? आखिर शिवाय ने पूछ ही लिया।  मैं बाद में कर लूंगी। आप कर लें। यह मेरा घर है इस लिए जैसे कह रहा हूं करो। चुपचाप नाश्ता करो। शिवाय सख्ती से कहते हैं। और नज़र नीची कर लेते हैं। वह कहना कुछ चाह रहे थे। मगर गुस्से से कुछ और कह गये। शिवाय चाहते थे वह उसके सामने नाश्ता कर ले। पता नहीं बाद में करेगी भी या नहीं। शिवन्या खामोशी से बैठ गई। और खाने लगी। शिवाय खाते ही उठ गये। और चाय पिये बिना ही आफिस चले गये। शिवन्या को भी बाह...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 12 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 12 | Hindi Romantic Story

शिवन्या खामोश रहो। शिवाय गुस्से से कहते हैं। हालांकि शिवाय को गुस्सा मुग्धा पर आया था। लेकिन निकल शिवन्या पर गया था। क्यों खामोश रहूं। कब से यह बोले जा रही हैं। इन का सवाल ही खत्म नहीं हो रहा है।  आपको क्या लगता है। मैं आपके पति से प्यार करती हूं। शक्ल देखी है आपने अपनी पति की?  आपको क्या लगता है। आपके पति बहुत हैंडसम हैं। और कोई भी लड़की इन को देखते ही इन पर फिदा हो जायेगी?  अगर आप ऐसा सोचती हैं तो आप बहुत गलत सोचती हैं। क्योंकि आप के पति ऐसे नहीं हैं कि इन को देखते ही इश्क हो जाए।  इस लिए आप यह खुशफहमी दिल से निकाल दें। और अपने पति पर विश्वास करें और इन से प्यार करें। शिवन्या गुस्से से बोले जा रही थी। और आदर्श और शिवाय खामोश बैठे थे। और मुग्धा तो हैरानी से सिर्फ उसे सुन और देख रही थी। और हां, मैं किसी और से प्यार करती हूं। और वह बहुत हैंडसम और गुड लुकिंग है। आपके पति की तरह नहीं है। पता नहीं क्या समझती हैं अपने पति को कहीं का शहज़ादा?    और हां एक बात और.... मैं इन के आफिस में काम करती हूं। लिफ्ट में सर मिल गये और इन्होंने बताया कि आदर्श सर की तबियत है। त...

इश्क जान | Ishq Jaan Part 3 |Heartfelt Romance & Wedding Story

स्टेज पर डांस चल रहा था। ऊंची आवाज़ में गाना बज रहा था।हर तरफ खुशियां ही खुशियां थी। इन्हीं खुशियों में कुछ चेहरे ऐसे थे जो अपने दर्द को छुपाये हुए थे। वह दर्द जिसे मुहब्बत कहते हैं। मुहब्बत जब तक मिल ना जाए दर्द रहता है। और जब मिल जाए तो दवा बन जाता है। किसी को चाहना आसान है। मगर उस चाहत को पा लेना बहुत मुश्किल होता है।  मुहब्बत भरे गीत बज रहे थे। खाने का दौर शुरू हो चुका था।  शजल इधर आओ। तभी शजल की बेस्ट फ्रेंड सोनिका उसे आवाज़ देकर अपने पास बुलाती है। शादियों में इतने सारे लोग होते हैं कि अपने बेस्ट फ्रेंड से भी बात करने का मौका नहीं मिलता है। सोनिका शजल का हाथ थाम कर एक तरफ जाते हुए बोली।  हर किसी से मिलना पड़ता है।  अगर किसी से ना बोलो तो शिकायत सुनो..... शजल ने देखा और बोली नहीं। शजल ने नक्ल करते हुए कहा। और दोनों ज़ोर से हंस पड़ी। मुझे एक खास बात पता चली है। सोनिका ने धीरे से कहा। क्या? शजल को जल्दी हुई।  मैंने सुना है रज़ील तुझ से मुहब्बत करता है।  सोनिका ने धमाका किया। शजल हैरानी से सोनिका को देखती रही। उसकी आंखों के सामने रज़ील का चेहरा था। तुझ से...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 11 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 11 | Hindi Romantic Story

शिवाय एक झटके में पीछे घूम कर उसे गले से लगा लेते हैं। लेकिन शिवन्या दूर हट जाती है। शिवाय उसे देखे बिना कमरे से बाहर निकल जाते हैं। शिवन्या वहीं बैठ कर रोती चली जाती है। शिवाय कमरे में जाकर बेड पर निढाल होकर गिर जाते हैं। ऐसा लगता था कि उनके शरीर में जान ही नहीं है। शिवन्या तुम ने मुझे गलत समझा। मैं वह नहीं चाहता। जो तुम समझ रही हो। मेरा मकसद कुछ और था।  मैं देखना चाहता था वह तिल जो श्लोका की पीठ और दोनों घुटनों पर था। मुझे तुम में श्लोका दिखती है। मुझे कैसे भी करके वह चेक करना है। अगर वह तिल तुम में नहीं है। तो तुम मुझ से कितना भी प्यार करती हो। मैं तुम्हारा नहीं हो सकता।  मैं श्लोका के इलावा किसी को अपनी ज़िंदगी में शामिल नहीं कर सकता। फिर चाहे मुझे श्लोका मिले या ना मिले। मैं श्लोका के बिना सारी ज़िन्दगी गुज़ार दूंगा।  मैं मान लूंगा कि मेरी खुशियों का सफर उतना ही था। अब मैं तुम से दूर रहने की कोशिश करूंगा शिवन्या। तुम मेरे ऊपर हावी हो जाती हो। और मैं श्लोका में खोकर तुम्हारे करीब आ जाता हूं। शिवन्या जब रोते-रोते थक गई और शांत हुई तो उसको प्यास लगी। पानी लेने वह बाहर आ...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 10 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 10 | Hindi Romantic Story

दोनों ही अपनी सोचों में उलझे हुए थे। यूं लग रहा था दोनों ही रास्ते से भटके हुए हैं।  रास्ता नज़र तो आ रहा है। मगर बहुत उलझा हुआ है। यूं जैसे सामने दो रास्ते हैं। लेकिन यह समझ नहीं आ रहा की कौन सा रास्ता मंज़िल की तरफ जायेगा। मॉल पहुंच कर वह दोनों कुछ देर वैसे ही घूमते रहे। एक काम करो तुम मेरे लिए एक ड्रेस लो। और मैं तुम्हारे लिए लेता हूं। शिवाय शिवन्या से कहते हैं। लेकिन मैं क्या लूंगी? शिवन्या परेशान हो गई। जो भी तुम को अच्छा लगे। और फिर दोनों ट्रेंड्स में चले गये। क्या देखना है सर... एक सेल्स गर्ल शिवाय के पास आकर पूछती है। एक बैकलेस टॉप और शॉर्ट स्कर्ट। शिवाय के मन में बहुत कुछ चल रहा था।  चलें सर उस तरफ देख लें। सेल्स गर्ल ने बड़ी विनम्रता से कहा। मुझे कुछ देखना नहीं है।  मैंने जो कहा है वैसी एक ड्रेस मुझे दे दें। शिवाय को कलर डिज़ाइन से कोई मतलब नहीं था।  ओ-के सर, सेल्स गर्ल ने जब देखा कि कस्टमर का मूड उखड़ा हुआ है तो वह भी खामोशी से चली गई। और थोड़ी देर में शिवाय को एक ड्रेस लाकर दे देती है। थैंक्स बोल कर शिवाय ड्रेस लेकर बिलिंग काउंटर पर चले जाते हैं। और बिलिं...

डोर धड़कन से बंधी | भाग 9 | Dhadkan Season 2 – Door Dhadkan Se Bandhi Part 9 | Hindi Romantic Story

तुम ऐसा कैसे कह सकते हो जब की तुम सब जानते हो। शिवाय नाराज़गी से कहते हैं। मैं सब जानता हूं इसी लिए तो कह रहा हूं। आगे बढ़ जाओ। हो सकता है यही तुम्हारी श्लोका हो? आदर्श खुशी से कहते हैं। आदर्श के कहते ही शिवाय के अंदर एक नई जान आ जाती है। मैं पता लगाने की कोशिश करता हूं। यह बात तो मेरे दिमाग में आई ही नहीं। शिवाय के चेहरे पर खुशी चमक रही थी। अब मैं जाऊं? आदर्श भी मुस्कुरा दिए। हां ठीक है जाओ। मैं घर जा रहा हूं। तुम देख लेना यहां सब काम। दो मीटिंग थी मेरी वह भी तुम अटेंड कर लेना। शिवाय उठ खड़े हुए। साथ में आदर्श भी उठ गये। मैं सब देख लूंगा तुम जाओ। आदर्श ने बाहें फैला दी। और शिवाय तुरंत उसके गले लग गये। और फिर दोनों बाहर निकल गये। शिवाय घर गये तो देखा शिवन्या वहीं बाहर ड्राइंग रूम में सोफे पर सो रही थी।  शिवाय उस के पास जाकर खड़े हो गए। और उसे देखने लगे। या यूं कहें कि शिवन्या में श्लोका को तलाश करने लगे।  जींस-टॉप पहने, सादगी भरा मासूम चेहरा। शिवाय देखते रहे।  तुम हो मेरी श्लोका? शिवाय मन ही मन सोच रहे थे। और शिवन्या को देखे भी जा रहे थे।  तभी शिवाय की नज़र उसके हाथ ...