धड़कन | भाग 49 | Dhadkan Part 49 | Heart Touching Hindi Love Story
कहते ही शिवाय ने फोन कट कर दिया। और श्लोका की तरफ देखते हैं। श्लोका जिसे शिवाय अपनी ज़िंदगी में शामिल करने जा रहे थे। लेकिन इस वक्त शिवाय की नज़र श्लोका पर इस लिए थी। क्योंकि वह इस बात से अंजान थी। और जो अभी भी हैरानी से शिवाय को देख रही थी।
शिवाय बिना कुछ कहे श्लोका को गले लगा लेते हैं। कितने ही पल बीत जाते हैं। दोनों वैसे ही गले लगे बैठे रहे। श्लोका को रोना आ गया। उस ने बहुत कोशिश की अपनी सिसकियों को रोकने की मगर वह नाकाम रही।
यह आंसू किस लिए? शिवाय पीछे होकर श्लोका को देखते हुए पूछते हैं।
लेकिन श्लोका खामोशी से शिवाय को देखती है।
मेरा फैसला मंज़ूर नहीं? शिवाय श्लोका के आंसू पोंछते हुए सवाल करते हैं।
लेकिन श्लोका फिर भी खामोश रहती है।
नाराज़ हो? मैंने तुम से पूछे बिना यह बात सब से कही इस लिए। या फिर मैंने तुम से अपने प्यार का इज़हार नहीं किया इस लिए तुम खामोश हो।
तुम को क्या लगता है हमारी मुहब्बत चंद जुमलों की मोहताज थी? शिवाय एक बार फिर श्लोका को अपने कंधे से लगा लेते हैं।
श्लोका हमारी मुहब्बत के हर वह पल साक्षी हैं जो हम ने साथ बिताए। हमारी मुहब्बत नज़र का अट्रैक्शन नहीं थी जो लम्हों में खत्म हो जाती। हमारी मुहब्बत तो सदियों की है। जो हमें एक दूसरे के एहसास में ज़िंदा रखती है। तुम को मेरी धड़कन ने कुबूल किया है। तुम हमेशा मेरी धड़कन के साथ रहोगी।
शिवाय कहते जा रहे थे। और श्लोका खामोशी से सुन रही थी।
यह सच है मुहब्बत लफ्ज़ो की मोहताज नहीं होती। लेकिन कभी-कभी यह दिल कुछ सुनने की ख्वाहिश करता है। यह दिल चाहता है जो वह महसूस कर रहा है सही है या फिर एक धोखा। यह सच है मुहब्बत का इज़हार किये बिना हम ने मुहब्बत का बहुत लम्बा सफर तय किया है। लेकिन कभी-कभी डर लगने लगता था कि जो मैं समझ रही हूं अगर वह गलत हुआ तब क्या होगा। श्लोका बहुत सादगी से अपनी बात कहती है।
शादी के लिए आपकी कुछ शर्त थी? श्लोका के ज़ुबान पर वह सवाल आ ही गया जिसे जानने के लिए वह कब से बेचैन थी।
किस ने बताया तुम को यह बात? शिवाय हैरान हुए।
अराध्या ने, उसने यह भी कहा कि वह शर्त किसी को नहीं पता।
मैंने खुद से वादा किया था कि जिस लड़की को देख कर मेरा दिल धड़केगा। वही मेरी ज़िन्दगी में आयेगी। और फिर मेरा दिल कभी किसी लड़की को देख नहीं धड़का। लेकिन तुम को देख कर मेरा दिल पहली बार धड़का। और अपनी धड़कन को महसूस करके मैं हंस पड़ा था। मैं हैरान था जो दिल किसी लड़की को देख नहीं धड़का वह एक गांव की लड़की को देख कर धड़का। मैं हैरान रह गया था। लेकिन मैंने उसी वक्त फैसला कर लिया था। मैं तुम से ही शादी करुंगा। भले ही तुम कितनी ही अनपढ़ क्यों ना हो।
मैंने इरादा कर लिया था कि शादी के बाद तुम को पढ़ाऊंगा। लेकिन तुम ने अपनी असलियत छुपाई ऐसा क्यों? शिवाय ने जानना चाहा।
मैं आप को आज़माना चाह रही थी। श्लोका मुस्कुराई।
क्या मतलब? शिवाय हैरान हुए।
बाबा को आखरी टाइम में मेरी बहुत फिक्र थी कि उनके बाद मेरा क्या होगा। उन्होंने यह बात अंकल से कही। और अंकल ने बाबा से वादा कर लिया कि वह आप से मेरी शादी कर देंगे। लेकिन मैं इस बात पर तैयार नहीं हुई।
क्यों? शिवाय यह बात सुनकर हैरान रह गए। अगर उसी वक्त यह बात हो जाती तो अब तक हमारी शादी हो चुकी होती। शिवाय ने शिकवा किया।
और अगर इस का अलट होता तब? मैं आप को पसंद ना आती और फिर यह ज़बरदस्ती की शादी क्या हम दोनों कबूल कर पाते? श्लोका शिवाय से सवाल करती है।
शिवाय के पास उसकी बात का कोई जवाब नहीं था।
इसीलिए तुम ने अपनी हकीकत छुपाई? लेकिन तुम ने खुद को छुपाया क्यों? तुम उस वादे को छुपा सकती थी। लेकिन तुम ने अपनी पढ़ाई क्यों छिपाई? शिवाय को हैरत थी।
आपको, आप की सोच को परखने के लिए। श्लोका हंस पड़ी।
मतलब तुम रोज़ मेरा इम्तिहान लेती रही। और मैं बेवकूफ बन गया। शिवाय ने नाराज़गी से कहा।
एक बात कहूं शिवाय, मुझे एक बार भी आपको आज़माना नहीं पड़ा। आप पहली ही बार में पास हो गये थे। श्लोका ने शिवाय का हाथ थाम कर कहा।
और अगर मैं तुम को पसंद ना करता तब क्या होता? शिवाय के मन में भी एक-एक कर सवाल आ रहे थे।
हम दोनों के रास्ते अलग होते। मैं कभी भी आपको वादों के भेंट ना चढ़ाती। श्लोका यकीन से कहती है।
जारी है...
धड़कन भाग 50
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